दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने अवैध और खतरनाक निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। निगम ने राजधानी के सभी 12 जोनों में अभियान चलाकर जर्जर और नियमों का उल्लंघन करने वाली इमारतों की पहचान शुरू कर दी है।
40 खतरनाक इमारतों पर चला बुलडोजर
MCD की ओर से किए गए सर्वे और जांच के बाद करीब 2,453 इमारतों का निरीक्षण किया गया। इनमें से 40 जर्जर और खतरनाक इमारतों को ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई शादीपुर और करोल बाग समेत दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में की गई। निगम ने साफ किया है कि सर्वे का काम अभी जारी रहेगा और जरूरत के अनुसार अन्य असुरक्षित इमारतों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
कई इलाकों में कार्रवाई
MCD की टीमें पूर्वी दिल्ली के ईस्ट विनोद नगर, मयूर विहार फेज-2, रघुबरपुरा और गांधी नगर के धर्मपुरा समेत कई इलाकों में पहुंचीं। वहीं उत्तरी और मध्य दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में भी अवैध निर्माण और कमजोर भवनों की जांच की गई।
निगम का अभियान सिर्फ अवैध निर्माण तक सीमित नहीं है। ऐसी इमारतों की भी पहचान की जा रही है जो पुरानी या कमजोर होने के कारण लोगों के लिए खतरा बन सकती हैं। इससे पहले भी लक्ष्मी नगर, विश्वास नगर, मुखर्जी नगर, जामिया नगर, शाहीन बाग, तिलक नगर और नेहरू विहार जैसे इलाकों में कार्रवाई की जा चुकी है।
पहले मालिकों को मिलेगा मौका
एक वरिष्ठ निगम अधिकारी के मुताबिक, खतरनाक इमारतों के मालिकों को पहले खुद ही असुरक्षित ढांचे को हटाने का मौका दिया जाएगा। अगर निर्धारित समय के भीतर मालिक कार्रवाई नहीं करते हैं तो MCD अपने स्तर पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगी।
निगम की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य भविष्य में सत्य निकेतन जैसी घटनाओं को रोकना और लोगों की जान को खतरे में डालने वाले अवैध निर्माण पर रोक लगाना है।
PG और हॉस्टल की भी जांच
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में PG और हॉस्टल की भी विशेष जांच की जा रही है। MCD के सर्वे में पहले ही कई ऐसे PG सामने आ चुके हैं जिनकी हालत खराब पाई गई। प्रशासन अब खास तौर पर उन इमारतों की जांच कर रहा है जहां अवैध तरीके से अतिरिक्त मंजिलें बनाई गई हैं या भवन निर्माण नियमों का उल्लंघन किया गया है।
MCD का कहना है कि अवैध और खतरनाक निर्माण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे भवनों की पहचान कर समय पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।