उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की चर्चित आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल का प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा केंद्र सरकार ने मंजूर कर लिया है। केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने उनका त्यागपत्र स्वीकार कर लिया है और यह 15 सितंबर 2026 से प्रभावी माना जाएगा। दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त को निजी कारणों, पारिवारिक प्राथमिकताओं और जीवन के नए लक्ष्यों का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया था।
लंदन की नौकरी छोड़ बनी थीं IAS
दिव्या मित्तल ने आईआईटी दिल्ली से इंजीनियरिंग और आईआईएम बेंगलुरु से एमबीए की पढ़ाई की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने लंदन में नौकरी की, लेकिन बाद में भारत लौटकर सिविल सेवा की तैयारी शुरू की। उन्होंने पहले प्रयास में आईपीएस और दूसरे प्रयास में 2013 में आईएएस परीक्षा पास की। इसके बाद उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर मिला।
कई जिलों में संभाली DM की जिम्मेदारी
दिव्या मित्तल उत्तर प्रदेश में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहीं। उन्होंने मिर्जापुर, संत कबीरनगर और देवरिया समेत कई जिलों में जिलाधिकारी की जिम्मेदारी संभाली। मिर्जापुर में उनके कार्यकाल के दौरान ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में पेयजल जैसी बुनियादी समस्याओं को दूर करने के प्रयासों की काफी चर्चा हुई।
मई 2026 में उन्हें देवरिया के जिलाधिकारी पद से हटाकर राजस्व विभाग में विशेष सचिव बनाया गया था। इसी पद पर रहते हुए उन्होंने आईएएस सेवा से इस्तीफा देने का फैसला किया।
इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया पर लिखा- बढ़े चलो
इस्तीफा स्वीकार होने के बाद दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने लिखा, “मेरा IAS से त्यागपत्र स्वीकार हो गया है। प्रशस्त पुण्य पंथ है, बढ़े चलो, बढ़े चलो।” उनके इस संदेश को नई जिंदगी और नई दिशा की ओर बढ़ने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
इस्तीफे के बाद सियासत भी हुई तेज
दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद उत्तर प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी भी देखने को मिली। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रदेश में ईमानदार अधिकारियों को काम नहीं करने देने का आरोप लगाया था। वहीं कांग्रेस नेता अजय राय ने भी मामले को लेकर राज्यपाल को पत्र लिखा था। हालांकि, दिव्या मित्तल ने अपने इस्तीफे की वजह निजी कारणों, पारिवारिक प्राथमिकताओं और जीवन के नए लक्ष्यों को बताया है।
फिलहाल दिव्या मित्तल का करीब 13 साल लंबा प्रशासनिक करियर समाप्त हो गया है। उनके आगे के कदम को लेकर चर्चाएं जरूर हैं, लेकिन उन्होंने अभी किसी राजनीतिक दल में शामिल होने या चुनाव लड़ने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।