योगी आदित्यनाथ वकीलों के लिए फैसले: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में अधिवक्ताओं के लिए तीन बड़े फैसलों की घोषणा की है। इनमें इलाहाबाद हाईकोर्ट के करीब 10 हजार वकीलों के लिए मल्टीलेवल पार्किंग, 400 राज्य विधि अधिकारियों को टैबलेट देने और प्रदेश के सभी वकीलों को 5 लाख रुपये तक का कैशलेस मेडिकल इंश्योरेंस उपलब्ध कराने की घोषणा शामिल है।
10 हजार वकीलों के लिए मल्टीलेवल पार्किंग
सीएम योगी ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में आने वाले करीब 10 हजार वकीलों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मल्टीलेवल पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। इसका उद्देश्य हाईकोर्ट परिसर और आसपास पार्किंग से जुड़ी समस्याओं को कम करना है।
400 राज्य विधि अधिकारियों को मिलेंगे टैबलेट
मुख्यमंत्री ने 400 राज्य विधि अधिकारियों को टैबलेट उपलब्ध कराने का भी ऐलान किया। सरकार का उद्देश्य विधि अधिकारियों को तकनीक से जोड़ना और उनके कामकाज को अधिक सुविधाजनक एवं डिजिटल बनाना है।
सभी वकीलों को 5 लाख रुपये तक कैशलेस मेडिकल इंश्योरेंस
सीएम योगी ने प्रदेश के सभी अधिवक्ताओं को 5 लाख रुपये तक के कैशलेस मेडिकल इंश्योरेंस की सुविधा देने की घोषणा की। इस फैसले से वकीलों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी खर्चों में मदद मिलने की उम्मीद है।
स्वतंत्रता आंदोलन में अधिवक्ताओं के योगदान को किया याद
प्रयागराज में कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता आंदोलन में अधिवक्ताओं की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रयागराज की धरती ने ऐसे अनेक अधिवक्ताओं को देखा है, जिन्होंने वकालत के साथ-साथ देश की आजादी के आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभाई।
सीएम योगी ने पंडित मोतीलाल नेहरू और महामना मदन मोहन मालवीय का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉ. भीमराव आंबेडकर के योगदान को भी याद किया।
बार और बेंच के बेहतर तालमेल पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए उसके प्रमुख संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। उन्होंने बार और बेंच को न्याय व्यवस्था के महत्वपूर्ण अंग बताते हुए विधि के शासन और सुशासन के लक्ष्यों को हासिल करने में न्यायपालिका की भूमिका पर जोर दिया।
पुलिस व्यवस्था को लेकर पिछली सरकारों पर निशाना
सीएम योगी ने अपने संबोधन में 2017 से पहले की कानून-व्यवस्था और पुलिस व्यवस्था का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उस समय प्रदेश के पुलिस बल में 45 से 50 प्रतिशत तक पद खाली थे। उनके मुताबिक, सरकार ने बाद में भर्ती और प्रशिक्षण की व्यवस्था को मजबूत किया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले प्रदेश में एक बार में करीब 3 हजार पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देने की क्षमता थी, जिसे बढ़ाकर अब 60 हजार तक किया गया है।
मुख्यमंत्री के इन ऐलानों को प्रयागराज के अधिवक्ताओं के लिए बुनियादी सुविधाओं, तकनीकी संसाधनों और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है।