Varanasi Sewer Overflow: सीवर ओवरफ्लो पर मेयर अशोक तिवारी का बड़ा आरोप
वाराणसी: हालिया बारिश के बाद वाराणसी के कई इलाकों में जलभराव और सीवर ओवरफ्लो की समस्या सामने आई। इसी बीच सीवर लाइन में बालू से भरी बोरियां मिलने के बाद मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बदल गया है। अधिकारियों के मुताबिक, बोरियों के कारण सीवर लाइन में रुकावट पैदा हुई थी और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
वाराणसी के मेयर अशोक तिवारी ने इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मेयर का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से नगर निगम और जलकल विभाग को निशाना बनाकर भ्रामक अभियान चलाया जा रहा था।
मैनहोल से मिलीं बालू की बोरियां
नगर निगम प्रशासन के अनुसार, बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में सीवर का पानी बैक मारने लगा। समस्या की जांच के दौरान एक मैनहोल से बालू से भरी बोरियां और लकड़ी का बुरादा मिलने की बात सामने आई।
अधिकारियों के मुताबिक, इन चीजों के कारण सीवर लाइन में रुकावट पैदा हुई और पानी की निकासी प्रभावित हुई। घटना के बाद संबंधित अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सीवर लाइन की स्थिति की जांच की।
इस मामले में पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार, सीवर लाइन को जानबूझकर बाधित किए जाने की आशंका के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है।
मेयर ने सपा पर लगाया साजिश का आरोप
मेयर अशोक तिवारी ने आरोप लगाया कि जिस इलाके में सीवर से बोरियां मिलीं, उसी जगह की तस्वीर अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी। मेयर ने इसे आधार बनाते हुए दावा किया कि वाराणसी में नगर निगम की छवि खराब करने की कोशिश की गई।
हालांकि, सपा या अखिलेश यादव की ओर से इस आरोप पर प्रतिक्रिया को इस रिपोर्ट में स्वतंत्र रूप से स्थापित नहीं किया गया है। इसलिए मेयर के आरोपों को आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
पिछले 10 दिनों से चल रहा था अभियान: मेयर
अशोक तिवारी ने कहा कि पिछले करीब 10 दिनों से नगर निगम और जलकल विभाग को लेकर भ्रामक प्रचार किया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में विकास और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भ्रम पैदा करने की कोशिश की गई।
सीवर ओवरफ्लो की समस्या के बीच अब प्रशासन का ध्यान इस बात पर है कि सीवर लाइन में बोरियां और अन्य सामग्री आखिर कैसे पहुंची और इसके पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं।
जलभराव के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद
बारिश के बाद जलभराव और सीवर ओवरफ्लो की समस्या ने वाराणसी में नगर निगम की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए थे। इसके बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई।
अब मैनहोल से बालू की बोरियां मिलने के मामले ने विवाद को नया मोड़ दे दिया है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सीवर लाइन में रुकावट जानबूझकर पैदा की गई थी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।
फिलहाल नगर निगम और जलकल विभाग की ओर से सीवर व्यवस्था को सामान्य करने का काम जारी है, जबकि पुलिस बोरियां डालने और सीवर लाइन को बाधित करने के आरोपों की जांच कर रही है।