1375 ग्राम पंचायत अधिकारियों की नियुक्ति, सीएम योगी ने बांटे नियुक्ति पत्र; ग्रामीण प्रशासन को मिलेगी मजबूती
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) से चयनित 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। मंच पर 11 नवनियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारियों को सांकेतिक रूप से नियुक्ति पत्र दिए गए। कार्यक्रम में पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर समेत अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पाने वाले युवाओं और उनके परिवारों को बधाई देते हुए कहा कि एक युवक को मिलने वाला नियुक्ति पत्र केवल उसकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि इससे उसके परिवार में भी खुशी का माहौल बनता है। उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों से ग्रामीण क्षेत्रों में जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ काम करने की अपील की।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सीएम योगी का जोर
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी भर्तियों का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर दिया है। उन्होंने 2017 से पहले की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय सरकारी नौकरी के विज्ञापन निकलने पर युवाओं में आशंका और निराशा का माहौल रहता था।
योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, मौजूदा व्यवस्था में चयन प्रक्रिया को बिना लेन-देन के पूरा करने पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अब तक करीब 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। यह आंकड़ा मुख्यमंत्री द्वारा कार्यक्रम में बताए गए सरकारी रोजगार के आंकड़ों पर आधारित है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र देने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने सितंबर में नियुक्ति पत्र वितरण के कई कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया।
गांवों में ग्राम सचिवालय की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारियों की भूमिका को ग्रामीण प्रशासन से जोड़ते हुए कहा कि गांवों में अब ग्राम सचिवालय संचालित किए जा रहे हैं। इनमें ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी के कार्यालय के साथ लेखपाल, बीसी सखी और पंचायत सहायक के लिए भी व्यवस्था की जा रही है।
उन्होंने बताया कि कई ग्राम सचिवालयों में डिजिटल लाइब्रेरी और कॉन्फ्रेंस रूम जैसी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। जन्म, आय और निवास प्रमाणपत्र जैसी सेवाओं के लिए ग्रामीणों को ब्लॉक या तहसील स्तर पर बार-बार जाने की जरूरत कम करने के लिए पंचायत स्तर पर सेवाओं को उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
ग्राम पंचायत अधिकारियों की क्या होगी भूमिका?
ग्राम पंचायत अधिकारी पंचायत स्तर पर प्रशासनिक कामकाज और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 1,375 नए अधिकारियों की नियुक्ति से ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक कार्यों के लिए अतिरिक्त मानव संसाधन उपलब्ध होगा।
इन अधिकारियों के माध्यम से पंचायत स्तर पर सरकारी योजनाओं के संचालन, अभिलेखों और प्रशासनिक कार्यों तथा ग्रामीण नागरिकों से जुड़ी सेवाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पंचायतों की आय बढ़ाने पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायतों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंचायतें अपनी भूमि, दुकानों और तालाबों का बेहतर उपयोग करके आय बढ़ा सकती हैं। धार्मिक महत्व नहीं रखने वाले तालाबों में मत्स्य पालन जैसे कार्यों से पंचायतों को राजस्व प्राप्त हो सकता है।
उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों की अपनी आय बढ़ने पर विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाने में मदद मिल सकती है। नवनियुक्त अधिकारियों से उन्होंने मॉडल और स्मार्ट ग्राम पंचायत की दिशा में काम करने को कहा।
हर घर नल योजना का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर नल योजना और जल जीवन मिशन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गांवों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता का सीधा संबंध लोगों के स्वास्थ्य से है। उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों को ग्रामीण स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाने को कहा।
1,375 युवाओं को मिली नई जिम्मेदारी
कार्यक्रम में चयनित युवाओं को ग्रामीण प्रशासन की जिम्मेदारी संभालने के लिए शुभकामनाएं दी गईं। अधिकारियों के लिए एक दिवसीय उन्मुखीकरण और प्रशिक्षण से जुड़ी जानकारी भी कार्यक्रम में साझा की गई। पंचायती राज विभाग के मुताबिक, नई नियुक्तियों से ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक कामकाज, विकास योजनाओं और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों को गति देने में मदद मिलेगी।
इस नियुक्ति के साथ 1,375 युवाओं को सरकारी सेवा में शामिल होने का अवसर मिला है, जबकि ग्राम पंचायतों को भी प्रशासनिक स्तर पर अतिरिक्त कार्यबल प्राप्त हुआ है।