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प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत पर परिवार के सवाल, आश्रम में 3 घंटे इंतजार का दावा

By aonenewstv | Published: Sep 28, 2026 09:05 AM

प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत पर परिवार के सवाल, रात 3 बजे आश्रम पहुंचने का दावा

मथुरा/वृंदावन: वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े साधक रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद मामला लगातार चर्चा में है। मृतक का वास्तविक नाम दीपक लोधी बताया गया है और वह मध्य प्रदेश के जबलपुर का रहने वाला था। पुलिस की शुरुआती जांच में घटना आत्महत्या की ओर इशारा करती है, जबकि परिवार ने घटना की जानकारी मिलने और आश्रम पहुंचने के बाद कई सवाल उठाए हैं। मामले की जांच जारी है।

कौन थे रसिक दुलारी शरण?

परिवार और उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक दीपक लोधी वर्ष 2024 से वृंदावन में रह रहा था। बाद में उसने संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली और उसका नाम रसिक दुलारी शरण रखा गया। वह आश्रम से जुड़े सेवा कार्यों में भी शामिल था। रिपोर्टों के अनुसार उसे बिजली का काम आता था और वह आश्रम से संबंधित बिजली के काम में सहयोग करता था।

दीपक से जुड़े लोगों के मुताबिक, दीक्षा लेने के बाद उसका परिवार से संपर्क काफी कम हो गया था। परिवार का आरोप है कि जब वे उससे मिलने के लिए आश्रम पहुंचते थे तो उन्हें इंतजार करने के लिए कहा जाता था और कई बार मुलाकात नहीं हो पाती थी।

फोन पर मिली थी गिरने की जानकारी

परिवार के अनुसार, उन्हें फोन के जरिए बताया गया कि दीपक गिर गया है और उसकी हालत गंभीर है। अस्पताल में इलाज और ऑपरेशन की बात भी बताई गई थी। सूचना मिलने के बाद परिजन जबलपुर से वृंदावन के लिए रवाना हुए और रात करीब 3 बजे आश्रम पहुंचे।

परिवार का दावा है कि आश्रम पहुंचने के बाद उन्हें बाहर बैठने के लिए कहा गया। उनके मुताबिक, वे सुबह करीब 8 बजे तक वहां रहे, लेकिन उन्हें दीपक की स्थिति और घटना के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिली। परिवार का कहना है कि करीब 9 बजे के आसपास वे वहां से निकले।

चौथी मंजिल से गिरने की बात

घटना वृंदावन के कोतवाली क्षेत्र में स्थित गुरु कृपा कुंज से जुड़ी बताई गई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 25 सितंबर की सुबह दीपक इमारत की ऊपरी मंजिल पर गया था और कुछ देर बाद नीचे गिर गया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। घटना से संबंधित CCTV फुटेज भी सामने आने की बात रिपोर्टों में कही गई है।

पुलिस ने CCTV फुटेज और मौके से मिले साक्ष्यों की जांच की है। 27 सितंबर की रिपोर्ट में वृंदावन के सीओ संदीप कुमार सिंह के हवाले से कहा गया कि CCTV की जांच के बाद घटना पहली नजर में आत्महत्या जैसी प्रतीत हुई। हालांकि, परिवार की शिकायत के बाद जांच जारी रखी गई है।

पोस्टमार्टम और कमरे से मिले सामान की जांच

मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी सामने आई है। आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, पोस्टमार्टम में मौत का कारण अत्यधिक रक्तस्राव बताया गया है। पुलिस को दीपक के कमरे से एक ग्राइंडर भी मिला और शरीर पर कट के निशान पाए गए। पुलिस का कहना है कि इन परिस्थितियों की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

इससे पहले कुछ रिपोर्टों में हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं से जांच किए जाने की बात सामने आई थी। पुलिस CCTV, फॉरेंसिक साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध जानकारी की पड़ताल कर रही है।

परिवार ने उठाए सवाल

दीपक के परिजनों ने उसकी मौत को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि दीपक से लंबे समय से उनकी मुलाकात नहीं हो पा रही थी और घटना की जानकारी मिलने के बाद भी उन्हें तत्काल और स्पष्ट जानकारी नहीं मिली।

परिवार के मुताबिक, दीपक पहले उनसे संपर्क में रहता था, लेकिन दीक्षा लेने के बाद उनसे बातचीत बहुत कम हो गई। परिजनों ने यह भी दावा किया कि वे पहले भी आश्रम पहुंचकर उससे मिलने की कोशिश करते रहे, लेकिन उन्हें इंतजार कराया जाता था।

हालांकि, परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आश्रम प्रबंधन की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं, लेकिन किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों का इंतजार करना होगा।

आत्महत्या या कुछ और? जांच से सामने आएगी सच्चाई

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि दीपक की मौत किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस की शुरुआती जांच में आत्महत्या का एंगल सामने आया है, जबकि परिवार ने घटना से जुड़े समय, जानकारी दिए जाने के तरीके और आश्रम में मुलाकात न होने को लेकर सवाल उठाए हैं।

 

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