📅 Loading Date & Time...
होम > ताजा > न्यूज़

यूपी एमएलसी चुनाव 2026: देवेंद्र प्रताप सिंह का खुला पत्र, मतगणना पर उठाए सवाल

By aonenewstv | Published: Oct 26, 2026 02:31 AM

यूपी एमएलसी चुनाव 2026: मतगणना से पहले देवेंद्र प्रताप सिंह का खुला पत्र, चुनाव पर्यवेक्षक की नियुक्ति पर उठाए सवाल

गोरखपुर-फैजाबाद स्नातक एमएलसी सीट की मतगणना को लेकर सियासी हलचल तेज, भाजपा से बगावत कर चुनाव मैदान में उतरे देवेंद्र प्रताप सिंह ने मतगणना कर्मियों से निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने की अपील की

गोरखपुर/लखनऊ, 26 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की गोरखपुर-फैजाबाद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीट पर मतगणना से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी से बगावत कर चुनाव मैदान में उतरे विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ने मतगणना ड्यूटी में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम एक खुला पत्र जारी किया है। इस पत्र में उन्होंने मतगणना की निष्पक्षता, पारदर्शिता और चुनावी प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने की अपील की है।

देवेंद्र प्रताप सिंह ने अपने पत्र में चुनाव पर्यवेक्षक के रूप में तैनात आईएएस अधिकारी अभय सिंह की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने अधिकारी के संबंध में कुछ गंभीर आरोपों का उल्लेख करते हुए निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर चिंता व्यक्त की है।

हालांकि, पत्र में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित अधिकारी या निर्वाचन आयोग की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी भी उपलब्ध नहीं है।

मतगणना कर्मचारियों को लिखा खुला पत्र

यूपी एमएलसी चुनाव 2026 के अंतर्गत गोरखपुर-फैजाबाद स्नातक सीट की मतगणना को लेकर देवेंद्र प्रताप सिंह ने मतगणना कर्मियों को सीधे संबोधित किया।

उन्होंने अपने पत्र की शुरुआत ‘मेरे प्यारे भाइयों’ शब्दों से की और लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव कर्मचारियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि चुनाव परिणामों के प्रति जनता का विश्वास तभी मजबूत होता है, जब मतगणना की पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न होती है।

उन्होंने कर्मचारियों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के दबाव या प्रभाव से मुक्त रहकर अपने संवैधानिक और प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करें।

लोकतंत्र में मतगणना की पारदर्शिता को बताया जरूरी

अपने पत्र में देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मतगणना केवल चुनावी प्रक्रिया का अंतिम चरण नहीं, बल्कि लोकतंत्र के प्रति जनता के विश्वास की महत्वपूर्ण कसौटी भी है।

उन्होंने मतगणना में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों से चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का पूरी जिम्मेदारी के साथ पालन करने की अपील की।

उनका कहना था कि चुनाव परिणाम किसी भी प्रत्याशी के पक्ष में आएं, लेकिन मतगणना की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल नहीं उठने चाहिए।

उन्होंने जोर दिया कि चुनाव प्रक्रिया में शामिल प्रत्येक कर्मचारी की जिम्मेदारी है कि मतदाताओं के निर्णय का सही और पारदर्शी तरीके से सम्मान हो।

चुनाव पर्यवेक्षक आईएएस अभय सिंह की नियुक्ति पर सवाल

देवेंद्र प्रताप सिंह ने अपने पत्र में गोरखपुर-फैजाबाद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना के लिए नियुक्त चुनाव पर्यवेक्षक आईएएस अभय सिंह का भी उल्लेख किया।

उन्होंने पर्यवेक्षक की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी का नाम पूर्व में अवैध खनन और रिश्वतखोरी से जुड़े विवादों में सामने आया था।

देवेंद्र प्रताप सिंह ने इन आरोपों का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि ऐसे अधिकारी को चुनाव पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी क्यों सौंपी गई।

हालांकि, यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि ये आरोप देवेंद्र प्रताप सिंह के पत्र में किए गए दावे हैं। उपलब्ध जानकारी के आधार पर इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

किसी अधिकारी के खिलाफ आरोप लगना अपने आप में उसके दोषी होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

पर्यवेक्षक की तैनाती के उद्देश्य पर जताई आशंका

देवेंद्र प्रताप सिंह ने अपने पत्र में चुनाव पर्यवेक्षक की नियुक्ति के उद्देश्य पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने आशंका जताई कि मतगणना की प्रक्रिया किसी प्रकार के प्रभाव में नहीं आनी चाहिए।

उनके अनुसार चुनाव में भाग लेने वाले सभी प्रत्याशियों और मतदाताओं को यह भरोसा होना चाहिए कि प्रत्येक मत की गणना नियमानुसार की जाएगी।

उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और मतगणना कर्मियों को अपने दायित्वों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया।

हालांकि, मतगणना में किसी वास्तविक अनियमितता के होने का प्रमाण इस पत्र के आधार पर स्थापित नहीं होता।

निष्पक्ष मतगणना के लिए कर्मचारियों से अपील

पत्र के अंतिम हिस्से में देवेंद्र प्रताप सिंह ने मतगणना कर्मचारियों से निष्पक्षता बनाए रखने का अनुरोध किया।

उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि वे किसी भी दबाव से प्रभावित हुए बिना निर्धारित नियमों के अनुसार मतों की गणना करें।

उन्होंने यह भरोसा भी दिलाया कि निष्पक्षता के साथ कार्य करने वाले कर्मचारियों के साथ वह खड़े रहेंगे।

देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए चुनावी प्रक्रिया में ईमानदारी और पारदर्शिता आवश्यक है।

भाजपा से बगावत के बाद चुनावी मुकाबला चर्चा में

गोरखपुर-फैजाबाद स्नातक एमएलसी सीट पर देवेंद्र प्रताप सिंह की उम्मीदवारी पहले से राजनीतिक चर्चा का विषय रही है।

भाजपा से बगावत कर चुनाव लड़ने के कारण इस सीट का मुकाबला विशेष महत्व रखता है।

स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में पंजीकृत स्नातक मतदाता अपने प्रतिनिधि का चयन करते हैं।

इस निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार कई जिलों तक होने के कारण मतगणना और चुनावी प्रबंधन की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होती है।

देवेंद्र प्रताप सिंह के खुले पत्र के बाद अब चुनावी परिणामों के साथ-साथ मतगणना की पारदर्शिता का मुद्दा भी चर्चा में आ गया है।

27 अक्टूबर को होनी है मतगणना

उत्तर प्रदेश विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था।

निर्धारित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 27 अक्टूबर को मतगणना होनी है।

ऐसे में मतगणना से ठीक पहले देवेंद्र प्रताप सिंह का खुला पत्र सामने आने से राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

अब सभी प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की नजर मतगणना की प्रक्रिया और चुनाव परिणामों पर रहेगी।

चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन जरूरी

चुनाव प्रक्रिया में मतगणना की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करना आवश्यक है।

मतगणना के दौरान अधिकृत अधिकारियों, कर्मचारियों और प्रत्याशियों के मतगणना एजेंटों की भूमिकाएं निर्धारित होती हैं।

मतों की गणना नियमानुसार की जाती है और किसी आपत्ति की स्थिति में संबंधित चुनाव अधिकारियों के समक्ष मामला उठाया जा सकता है।

इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य चुनाव परिणामों की विश्वसनीयता बनाए रखना है।

राजनीतिक आरोपों के बीच आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार

देवेंद्र प्रताप सिंह द्वारा चुनाव पर्यवेक्षक की नियुक्ति को लेकर उठाए गए सवालों पर संबंधित अधिकारी या निर्वाचन आयोग की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी में आरोपों के संबंध में किसी स्वतंत्र जांच के निष्कर्ष का उल्लेख नहीं है।

ऐसे में इन दावों को प्रमाणित तथ्य के बजाय संबंधित प्रत्याशी की ओर से लगाए गए आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

चुनाव परिणामों और मतगणना प्रक्रिया को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए आधिकारिक रिकॉर्ड और निर्वाचन आयोग की जानकारी आवश्यक होगी।

मतगणना से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल

गोरखपुर-फैजाबाद स्नातक एमएलसी सीट पर मतगणना से पहले देवेंद्र प्रताप सिंह के खुले पत्र ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।

पत्र के माध्यम से उन्होंने मतगणना कर्मियों से निष्पक्षता बनाए रखने की अपील की है और चुनाव पर्यवेक्षक की नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं।

अब 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना में प्रत्याशियों के प्रदर्शन के साथ निर्वाचन प्रक्रिया के सुचारु संचालन पर भी नजर रहेगी।

फिलहाल गोरखपुर-फैजाबाद स्नातक एमएलसी सीट पर चुनावी मुकाबले के बीच मतगणना की निष्पक्षता और पारदर्शिता प्रमुख चर्चा का विषय बन गई है। अंतिम चुनाव परिणाम निर्वाचन आयोग की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होंगे।

Scroll to Top