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मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना: बेटियों को मिलेंगे ₹25,000, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया

By aonenewstv | Published: Oct 22, 2026 05:28 AM

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना 2026: बेटियों को मिलेंगे 25 हजार रुपये, जानें पात्रता, जरूरी दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया

उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटियों को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक छह चरणों में कुल 25,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। जानिए योजना का लाभ किन परिवारों को मिलेगा और ऑनलाइन आवेदन कैसे करें।

रिपोर्ट: डिजिटल डेस्क, लखनऊ

लखनऊ, 22 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश सरकार बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना संचालित कर रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक वित्तीय सहायता प्रदान करना है, ताकि आर्थिक परेशानियों के कारण उनकी पढ़ाई बाधित न हो।

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत पात्र बालिकाओं को कुल 25,000 रुपये की सहायता राशि छह अलग-अलग चरणों में प्रदान की जाती है। यह धनराशि बालिका के जन्म, टीकाकरण, विद्यालय में प्रवेश और उच्च शिक्षा में दाखिले जैसे महत्वपूर्ण पड़ावों पर दी जाती है।

यह योजना विशेष रूप से उन परिवारों के लिए लाभकारी है, जो आर्थिक कठिनाइयों के कारण अपनी बेटियों की शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने में परेशानी का सामना करते हैं।

क्या है मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना?

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजना है, जिसकी शुरुआत 1 अप्रैल 2019 से की गई थी। इसका संचालन महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत किया जाता है।

यह एक सशर्त नकद हस्तांतरण योजना है, जिसमें निर्धारित पात्रता और शर्तें पूरी करने पर बालिकाओं को अलग-अलग चरणों में आर्थिक सहायता दी जाती है।

सरकार का उद्देश्य बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना, कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराइयों को रोकना, बाल विवाह को हतोत्साहित करना और बेटियों को शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

अब बेटियों को मिलते हैं 25 हजार रुपये

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत पहले पात्र बालिकाओं को कुल 15,000 रुपये की सहायता प्रदान की जाती थी। वित्त वर्ष 2024-25 से इस राशि को बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया गया।

योजना के अंतर्गत सहायता राशि छह चरणों में इस प्रकार प्रदान की जाती है:

चरण सहायता राशि
बालिका के जन्म पर ₹5,000
एक वर्ष के भीतर पूर्ण टीकाकरण होने पर ₹2,000
कक्षा एक में प्रवेश लेने पर ₹3,000
कक्षा छह में प्रवेश लेने पर ₹3,000
कक्षा नौ में प्रवेश लेने पर ₹5,000
10वीं या 12वीं के बाद पात्र डिग्री अथवा डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश पर ₹7,000
कुल सहायता ₹25,000

इस प्रकार बालिका की शिक्षा और विकास के विभिन्न चरणों में परिवार को आर्थिक सहायता मिलती है।

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के लिए पात्रता

योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए सरकार ने कुछ आवश्यक शर्तें निर्धारित की हैं।

उत्तर प्रदेश का निवासी होना जरूरी: आवेदन करने वाला परिवार उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए। इसके लिए निर्धारित निवास प्रमाण प्रस्तुत करना आवश्यक है।

परिवार की वार्षिक आय: परिवार की कुल वार्षिक आय तीन लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।

अधिकतम दो बेटियों को लाभ: सामान्य परिस्थितियों में एक परिवार की अधिकतम दो बालिकाओं को इस योजना का लाभ दिया जाता है।

परिवार में बच्चों की संख्या: सामान्य रूप से परिवार में अधिकतम दो बच्चे होने चाहिए। जुड़वां बच्चों और गोद ली गई बालिकाओं से संबंधित कुछ विशेष परिस्थितियों में निर्धारित नियमों के अनुसार छूट का प्रावधान है।

शैक्षिक शर्तें: योजना की विभिन्न किस्तों के लिए बालिका का निर्धारित कक्षा या उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रम में प्रवेश होना आवश्यक है।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में आवेदन करने वाले परिवारों को पात्रता के अनुसार कुछ दस्तावेज उपलब्ध कराने होते हैं।

  • माता-पिता या अभिभावक का आधार कार्ड
  • उत्तर प्रदेश का निवास प्रमाण
  • परिवार का आय प्रमाण पत्र
  • बैंक खाते का विवरण
  • बालिका का जन्म प्रमाण पत्र
  • निर्धारित चरण के अनुसार टीकाकरण प्रमाण पत्र
  • विद्यालय या उच्च शिक्षण संस्थान में प्रवेश का प्रमाण
  • मोबाइल नंबर और अन्य आवश्यक विवरण

आवेदन के दौरान संबंधित चरण और परिवार की स्थिति के आधार पर अतिरिक्त दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं।

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध है। पात्र परिवार निर्धारित सरकारी पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

सबसे पहले आवेदक को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाना होगा। वहां सिटीजन सर्विसेज के अंतर्गत नागरिक पंजीकरण का विकल्प उपलब्ध होता है।

पंजीकरण के दौरान परिवार और अभिभावक से संबंधित आवश्यक जानकारी भरनी होती है। इसके बाद मोबाइल सत्यापन और निर्धारित प्रक्रिया पूरी करके लॉगिन किया जा सकता है।

लॉगिन करने के बाद बालिका की जानकारी, जन्मतिथि, शैक्षिक विवरण, बैंक खाते की जानकारी और अन्य आवश्यक दस्तावेज दर्ज करने होते हैं।

सभी जानकारियां सही तरीके से भरने के बाद आवेदन जमा किया जाता है। आवेदन संख्या या पंजीकरण विवरण सुरक्षित रखना चाहिए, ताकि भविष्य में आवेदन की स्थिति की जांच की जा सके।

बेटियों की शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि आर्थिक सहायता को बालिका की शिक्षा से जोड़ा गया है।

कक्षा एक, छह और नौ में प्रवेश के समय मिलने वाली सहायता से परिवारों को बेटियों की पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहन मिलता है। वहीं उच्च शिक्षा में प्रवेश के दौरान मिलने वाली राशि कॉलेज और अन्य शैक्षिक जरूरतों को पूरा करने में मददगार हो सकती है।

ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह सहायता विशेष महत्व रखती है।

बालिकाओं के स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान

योजना में जन्म और टीकाकरण से संबंधित चरण शामिल किए गए हैं। इसका उद्देश्य बालिकाओं के जन्म पंजीकरण, नियमित टीकाकरण और शुरुआती स्वास्थ्य देखभाल को प्रोत्साहित करना है।

जन्म के समय मिलने वाली सहायता परिवार को आर्थिक संबल प्रदान करती है, जबकि टीकाकरण पूरा होने पर मिलने वाली राशि बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहायक हो सकती है।

बैंक खाते में पहुंचती है सहायता राशि

योजना के अंतर्गत स्वीकृत आर्थिक सहायता निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है।

आवेदन के समय बैंक खाते से संबंधित जानकारी सही भरना आवश्यक है। गलत विवरण, अधूरे दस्तावेज या पात्रता संबंधी समस्या होने पर आवेदन के निस्तारण और सहायता राशि मिलने में देरी हो सकती है।

लाभार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन जमा करने से पहले सभी दस्तावेजों और दर्ज की गई जानकारी की अच्छी तरह जांच कर लें।

बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने की पहल

उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना केवल आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना भी है।

योजना के माध्यम से बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने, स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहयोग प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बेटियों की शिक्षा में निवेश करने से परिवार और समाज दोनों को दीर्घकालिक लाभ मिल सकते हैं। शिक्षित बेटियां भविष्य में आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के साथ सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

आवेदन से पहले इन बातों का रखें ध्यान

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का लाभ लेने के इच्छुक परिवारों को आवेदन करने से पहले अपनी पात्रता की जांच करनी चाहिए।

बालिका की उम्र, शिक्षा का चरण, परिवार की वार्षिक आय और अन्य निर्धारित शर्तों के आधार पर आवेदन किया जाना चाहिए।

योजना की किस्तें एक साथ नहीं मिलतीं, बल्कि निर्धारित चरण पूरा होने और आवेदन स्वीकृत होने के बाद प्रदान की जाती हैं।

निष्कर्ष: मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना उत्तर प्रदेश की बेटियों को शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की एक महत्वपूर्ण पहल है। योजना के तहत मिलने वाली 25,000 रुपये की आर्थिक सहायता कमजोर आर्थिक स्थिति वाले परिवारों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। पात्र परिवार निर्धारित प्रक्रिया पूरी करके योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

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