फ्लाईदुबई FZ1073 पायलट स्मित मच्छार: ‘तुम नहीं मरोगे’ कहकर यात्री ने बढ़ाया हौसला, टल गया बड़ा हादसा
नई दिल्ली: फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में 30 सितंबर को उस समय अफरातफरी मच गई, जब कॉकपिट के अंदर पायलट और को-पायलट के बीच हिंसक घटना हो गई। दुबई से तेल अवीव जा रही इस फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर उनके को-पायलट ने कथित तौर पर हमला किया। घटना के दौरान विमान तेजी से नीचे जाने लगा। इसी बीच यात्रियों और विमान में मौजूद अन्य पायलटों ने कॉकपिट में पहुंचकर स्थिति संभालने में मदद की। विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद इजरायली यात्री यानिव हयून ने बताया कि उन्हें एक समय लगा था कि विमान क्रैश होने वाला है। हयून उन यात्रियों में शामिल थे, जिन्होंने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को काबू करने में मदद की। इजरायल लौटने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को इस घटना की पूरी जानकारी दी।
‘आज तुम नहीं मरोगे…’
यानिव हयून के मुताबिक, कॉकपिट के बाहर हालात बेहद तनावपूर्ण थे। उन्हें विमान के अचानक नीचे जाने और केबिन में पैदा हुई अफरातफरी से अंदाजा हो गया था कि स्थिति सामान्य नहीं है।
हयून ने बताया कि जब उन्होंने घायल कैप्टन स्मित मच्छार को देखा तो वह बुरी तरह घायल अवस्था में थे। इसी दौरान उन्होंने कैप्टन से कहा था कि ‘आज तुम नहीं मरोगे’। हयून के अनुसार, उस वक्त हर सेकंड बेहद महत्वपूर्ण था।
हयून ने बाद में नेतन्याहू को बताया कि उन्हें लगा था कि अगर कॉकपिट का दरवाजा नहीं खुलता तो विमान में सवार लोगों के लिए स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी।
फर्श पर घायल पड़े थे कैप्टन स्मित
हयून के अनुसार, जब वह कॉकपिट में दाखिल हुए तो अंदर का दृश्य बेहद डरावना था। कैप्टन स्मित मच्छार घायल हालत में फर्श पर पड़े थे, जबकि दूसरा पायलट विमान के कंट्रोल के पास था।
हयून ने बताया कि उन्होंने हमलावर को पीछे खींचा और उसे कॉकपिट के कंट्रोल से दूर करने की कोशिश की। इसी दौरान अन्य यात्रियों ने भी मदद की। बाद में विमान में मौजूद ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने विमान को नियंत्रित करने में सहायता की।
घायल होने के बावजूद कैप्टन ने खोला कॉकपिट का दरवाजा
इस घटना में कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका महत्वपूर्ण रही। रिपोर्टों के मुताबिक, गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की।
दरवाजा खुलने के बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों को अंदर पहुंचने का मौका मिला। इसके बाद उन्होंने कथित हमलावर को काबू करने में मदद की। भारतीय पायलट के इसी कदम ने कॉकपिट तक बाहरी मदद पहुंचने का रास्ता बनाया।
विमान हजारों फीट तेजी से नीचे गया
घटना के दौरान फ्लाइट FZ1073 अचानक तेजी से नीचे जाने लगी। रॉयटर्स के मुताबिक, विमान करीब 14,000 फीट तक बहुत तेजी से नीचे गया। अन्य रिपोर्टों में फ्लाइट-ट्रैकिंग के आधार पर इससे अधिक ऊंचाई में गिरावट का भी उल्लेख किया गया है।
विमान में मौजूद यात्रियों ने इस दौरान तेज झटके और अचानक आई अफरातफरी का अनुभव किया। कुछ यात्रियों को लगा कि विमान नियंत्रण से बाहर हो रहा है। इसके बाद कॉकपिट में मौजूद यात्रियों और अन्य पायलटों की मदद से विमान को स्थिर किया गया।
यानिव ने विमान के कंट्रोल को संभाला
यानिव हयून ने नेतन्याहू को बताया कि जब वह कॉकपिट में पहुंचे तो उन्होंने हमलावर को पीछे खींचा। इसके बाद विमान के कंट्रोल को स्थिर करने की कोशिश की गई।
हयून ने बताया कि उन्होंने कंट्रोल स्टिक को पीछे खींचा ताकि विमान का रुख ऊपर की ओर आए और वह फिर से लेवल हो सके। इसके बाद विमान में मौजूद एक ऑफ-ड्यूटी पायलट ने कंट्रोल संभाला।
तबुक में हुई विमान की सुरक्षित लैंडिंग
कॉकपिट में स्थिति नियंत्रित किए जाने के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक की ओर डायवर्ट किया गया। वहां विमान सुरक्षित उतरा। बाद में यात्रियों को दूसरे विमान से तेल अवीव पहुंचाया गया।
रिपोर्टों के अनुसार, विमान में कुल 174 लोग सवार थे और घटना के बावजूद सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
कैप्टन स्मित मच्छार की हालत स्थिर
हमले में कैप्टन स्मित मच्छार गंभीर रूप से घायल हुए। उन्हें तबुक में इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उनकी हालत स्थिर बताई गई है।
रॉयटर्स के अनुसार, मच्छार के पास लगभग 9,750 उड़ान घंटों का अनुभव है और उन्होंने पहले स्पाइसजेट में भी लंबे समय तक काम किया था। वह 2022 में फ्लाईदुबई से जुड़े थे।
नेतन्याहू ने यानिव हयून को बताया हीरो
इजरायल पहुंचने के बाद यानिव हयून ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की। हयून उस समय भी घटना के दौरान पहने हुए खून से सने कपड़ों में थे।
नेतन्याहू ने हयून की भूमिका की सराहना की और उन्हें हीरो बताया। बातचीत के दौरान हयून ने कॉकपिट में हुई पूरी घटना और हमलावर को काबू करने के दौरान सामने आई परिस्थितियों के बारे में जानकारी दी।
नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद भारतीय पायलट ने मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की, जिससे यात्रियों और क्रू को अंदर पहुंचने का मौका मिला।
हमले की वजह अभी जांच के घेरे में
फ्लाईदुबई FZ1073 की इस घटना के पीछे हमलावर का मकसद क्या था, इसकी जांच अभी जारी है। शुरुआती रिपोर्टों में विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की बात सामने आई है, लेकिन जांच पूरी होने से पहले घटना के पीछे किसी खास संगठन, देश या मकसद को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।
फ्लाईदुबई ने घटना के बाद इजरायल से आने-जाने वाली उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित किया है। एयरलाइन ने कहा है कि संबंधित अधिकारी घटना की जांच कर रहे हैं और पूरे तथ्यों के सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
भारतीय पायलट की बहादुरी की चर्चा
घटना के बाद कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका की भारत और इजरायल दोनों में चर्चा हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मच्छार के साहस की सराहना की है। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद यात्रियों की सुरक्षा के लिए उनकी ओर से उठाए गए कदमों को इस घटना का अहम हिस्सा माना जा रहा है।