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फ्लाईदुबई फ्लाइट हमला: ट्रंप बोले- ईरान की साजिश मानता हूं, पायलट ने बचाई यात्रियों की जान

By aonenewstv | Published: Oct 06, 2026 01:37 AM

फ्लाईदुबई फ्लाइट हमला: ट्रंप बोले- मुझे लगता है ईरान जिम्मेदार, को-पायलट पर आतंकी हमले की कोशिश का आरोप

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लाईदुबई की उस उड़ान में हुए हमले को लेकर बड़ा दावा किया है, जो दुबई से तेल अवीव जा रही थी। ट्रंप ने कहा है कि वह व्यक्तिगत रूप से मानते हैं कि इस घटना के पीछे ईरान का हाथ था। हालांकि, जांच एजेंसियां अभी मामले की जांच कर रही हैं और ईरान से किसी संबंध का ठोस सार्वजनिक सबूत सामने नहीं आया है।

फ्लाइट के कॉकपिट में हुआ था हमला

यह घटना 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हुई थी। विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था और इसमें 170 से ज्यादा यात्री और क्रू सदस्य सवार थे। उड़ान के दौरान ओमान के नागरिक को-पायलट हमाम अल-हमामी पर कॉकपिट में भारतीय पायलट स्मित मच्छार पर हमला करने का आरोप है। जांच के मुताबिक, को-पायलट ने कथित तौर पर इमरजेंसी क्रैश एक्स से पायलट पर हमला किया। यूएई के अभियोजक ने घटना को आतंकवादी कृत्य बताया है।

हमले के बाद विमान की स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी। यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने आरोपी को काबू किया। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ा गया, जहां उसकी सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।

गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद पायलट ने खोला कॉकपिट

भारतीय पायलट स्मित मच्छार हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, जिसके बाद यात्रियों और अन्य क्रू सदस्यों को अंदर पहुंचकर आरोपी को काबू करने का मौका मिला।

विमान में मौजूद एक रिजर्व फ्लाईदुबई पायलट ने इसके बाद विमान का नियंत्रण संभाला और उसे सऊदी अरब में सुरक्षित उतारा। स्मित मच्छार को उनकी भूमिका के लिए हीरो बताया जा रहा है।

ट्रंप ने ईरान पर जताया शक

ट्रंप से जब पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि इस घटना के पीछे ईरान जिम्मेदार था, तो उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से ऐसा मानते हैं। हालांकि, उन्होंने इसके समर्थन में कोई सार्वजनिक सबूत पेश नहीं किया है।

इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि अगर जांच में ईरान और इस घटना के बीच संबंध साबित होता है तो ईरान को इसके लिए गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। उस समय उन्होंने कहा था कि मामले की जांच की जा रही है।

को-पायलट की साजिश की भी जांच

जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, को-पायलट ने कथित तौर पर फ्लाईदुबई में नौकरी पाने से पहले ही हमले की योजना बनाई थी। रॉयटर्स के मुताबिक, जांच में यह बात सामने आई है कि उसने ऐसी एयरलाइंस की तलाश की थी जो तेल अवीव के लिए उड़ानें संचालित करती हों। आरोप है कि उसका मकसद विमान को इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट के पास क्रैश करना था।

जांचकर्ताओं के मुताबिक, उसने इससे पहले भी तेल अवीव जाने वाली एक उड़ान पर हमला करने की योजना बनाई थी, लेकिन उस समय कथित तौर पर उसने अपना इरादा बदल दिया था। हालांकि, इन दावों की जांच अभी जारी है।

कई देशों की एजेंसियां कर रही जांच

मामले की जांच अब केवल इजरायल और यूएई तक सीमित नहीं है। सऊदी अरब और ओमान के अलावा ऑस्ट्रेलिया में भी आरोपी के पुराने संपर्कों और गतिविधियों की जांच की जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, आरोपी का ऑस्ट्रेलिया की RMIT यूनिवर्सिटी से भी संबंध रहा है।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी ने अकेले यह योजना बनाई थी या उसे किसी संगठन या दूसरे व्यक्ति से मदद मिली थी।

ईरान कनेक्शन पर अभी तस्वीर साफ नहीं

फिलहाल ट्रंप का दावा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन जांच के स्तर पर ईरान से सीधा संबंध साबित नहीं हुआ है। एपी की फैक्ट-चेक रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों के पास अभी ऐसा ठोस सबूत सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है जो को-पायलट की कार्रवाई को ईरान से जोड़ता हो।

इजरायल और यूएई के अधिकारी इस घटना की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। साथ ही, इस घटना ने विदेशी एयरलाइंस के पायलटों की सुरक्षा जांच और कॉकपिट सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि को-पायलट ने ऐसा कदम क्यों उठाया और क्या उसके पीछे किसी संगठन या देश का समर्थन था। जांच पूरी होने के बाद ही इस घटना की पूरी साजिश और इसके संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की तस्वीर साफ हो सकेगी।

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