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फरीदाबाद बोरवेल हादसा: 80 फीट गहरे बोरवेल में गिरी ढाई साल की बच्ची को 10 घंटे बाद निकाला, अस्पताल में मौत

By aonenewstv | Published: Sep 28, 2026 06:10 AM

फरीदाबाद बोरवेल हादसा: 10 घंटे बाद बच्ची को निकाला, अस्पताल में मौत

हरियाणा के फरीदाबाद के सीही गांव में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसा हुआ। करीब ढाई साल की बच्ची 80 फीट गहरे बताए जा रहे बोरवेल में गिर गई। बच्ची को बाहर निकालने के लिए NDRF, SDRF, पुलिस, फायर ब्रिगेड और नगर निगम समेत कई एजेंसियों ने करीब 10 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। सोमवार तड़के करीब 3:50 बजे बच्ची को बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, अस्पताल ले जाने के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

शाम करीब 6 बजे बोरवेल में गिरी बच्ची

जानकारी के मुताबिक, बच्ची रविवार शाम करीब 6 बजे बोरवेल के पास खेल रही थी। इसी दौरान वह बोरवेल में गिर गई। आसपास मौजूद लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस और प्रशासन को दी। NDRF के कंट्रोल रूम को घटना की सूचना करीब 7:45 बजे मिली, जिसके बाद टीम को मौके के लिए रवाना किया गया। NDRF की टीम रात करीब 9:05 बजे घटनास्थल पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया।

रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन

बच्ची को बाहर निकालने के लिए बोरवेल के आसपास खुदाई की गई। अंदर फंसी बच्ची तक ऑक्सीजन पहुंचाने की भी व्यवस्था की गई। मौके पर फायर ब्रिगेड, मेडिकल टीम और एडवांस सपोर्ट एंबुलेंस मौजूद रही। NDRF के साथ हरियाणा SDRF, पुलिस, नगर निगम और अन्य बचाव टीमें भी अभियान में जुटीं।

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान टीमों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। एक रिपोर्ट के मुताबिक, बोरवेल लंबे समय से इस्तेमाल में नहीं था और उसके अंदर पानी भी मौजूद था, जिससे बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण हो गया।

3:50 बजे बच्ची को बाहर निकाला गया

करीब 10 घंटे की मशक्कत के बाद सोमवार तड़के करीब 3:50 बजे बच्ची को बोरवेल से बाहर निकाला गया। उसे तत्काल एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। शुरुआती जानकारी में बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाले जाने की बात सामने आई थी, लेकिन बाद में अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

बोरवेल के ढक्कन को लेकर सवाल

बताया गया है कि यह बोरवेल लंबे समय से बंद पड़ा था। आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, बोरवेल नगर निगम का था और करीब 10 साल से इस्तेमाल में नहीं था। पहले इसके ऊपर ढक्कन लगा था, लेकिन कुछ दिन पहले ढक्कन गायब हो गया था। इसी के बाद बोरवेल खुला रह गया और बच्ची उसके अंदर गिर गई।

हादसे के बाद खुले और बंद पड़े बोरवेल की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अधिकारियों की ओर से मामले की जांच और जिम्मेदारी तय किए जाने की बात सामने आई है।

कई एजेंसियों ने संभाला मोर्चा

इस रेस्क्यू अभियान में NDRF, हरियाणा SDRF, हरियाणा पुलिस, फायर सर्विस, स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की टीमें शामिल रहीं। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से सिविल डिफेंस की टीम ने भी बचाव अभियान में सहयोग किया।

करीब 10 घंटे तक चले अभियान के बाद बच्ची को बाहर तो निकाल लिया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। घटना के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में शोक का माहौल है।

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