पंजाब में ड्रग्स और गैंगस्टर नेटवर्क की NIA जांच की मांग, सुनील जाखड़ ने अमित शाह को लिखा पत्र
चंडीगढ़: पंजाब में नशा तस्करी, गैंगस्टर नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय हथियारों की तस्करी को लेकर सियासत तेज हो गई है। पंजाब भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर कई मामलों की केंद्रीय एजेंसियों से जांच कराने की मांग की है। जाखड़ का आरोप है कि राज्य में नशा तस्करी के कुछ नेटवर्क जेलों के भीतर से संचालित हो सकते हैं और इनके तार सीमा पार से होने वाली तस्करी से जुड़े हो सकते हैं। उन्होंने इन मामलों में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और अन्य केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका की मांग उठाई है। <Cite refs={[“turn686647search3″,”turn686647search5”]}/>
पंजाब में ड्रग्स और गैंगस्टर नेटवर्क की NIA जांच क्यों चाहते हैं सुनील जाखड़?
सुनील जाखड़ ने 26 अक्टूबर को चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान पंजाब सरकार की नशा विरोधी कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने राज्य में कराए गए कथित ड्रग सर्वे की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग भी की। जाखड़ ने आरोप लगाया कि नशे के कारोबार से जुड़े मामलों में केवल छोटी कड़ियों पर कार्रवाई करने के बजाय पूरे नेटवर्क की जांच होनी चाहिए।
उन्होंने नथाना थाने में वर्ष 2023 में दर्ज हेरोइन बरामदगी के मामले और एक पुलिस कांस्टेबल से जुड़े मामले का हवाला देते हुए केंद्रीय एजेंसियों से जांच कराने की जरूरत बताई। जाखड़ के मुताबिक, इन मामलों में कथित तौर पर नशा तस्करी, जेल में बंद आरोपितों और सीमा पार से तस्करी के संभावित संबंधों की जांच होनी चाहिए। <Cite refs={[“turn686647search3″,”turn686647search5”]}/>
नथाना थाने में 4 किलो हेरोइन बरामदगी का मामला
जाखड़ ने बठिंडा जिले के नथाना थाने में वर्ष 2023 में दर्ज एक मामले का उल्लेख किया। उनके अनुसार, इस मामले में कुछ लोगों से चार किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई थी।
जाखड़ का दावा है कि जांच के दौरान फिरोजपुर जेल में बंद हैरी का नाम सामने आया था और कथित तौर पर उसी के कहने पर हेरोइन मंगवाई गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि हैरी को वर्ष 2024 में पैरोल मिलने के बाद वह वापस नहीं लौटा और दुबई पहुंच गया।
जाखड़ ने यह भी आरोप लगाया कि हैरी विदेश से नशा तस्करी और जबरन वसूली के नेटवर्क को संचालित कर रहा है। उन्होंने इस मामले में पुलिस की जांच और फाइल बंद किए जाने को लेकर भी सवाल उठाए। इन आरोपों और हैरी की कथित गतिविधियों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं की गई है। <Cite refs={[“turn686647search3″,”turn686647search5”]}/>
कांस्टेबल करम सिंह के मामले में भी जांच की मांग
सुनील जाखड़ ने पंजाब में नशा तस्करी के नेटवर्क से जुड़े एक अन्य मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने ‘बाज अख’ एंटी-ड्रोन सिस्टम से जुड़े कांस्टेबल करम सिंह के मामले का हवाला दिया।
जाखड़ के मुताबिक, कांस्टेबल से जुड़े मामले में 25 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई थी। उन्होंने दावा किया कि पूछताछ के दौरान अन्य खेपों की व्यवस्था किए जाने की बात भी सामने आई थी।
भाजपा नेता ने सवाल उठाया कि क्या इस मामले में केवल एक व्यक्ति शामिल था या इसके पीछे अन्य लोगों की भी भूमिका थी। उन्होंने मांग की कि जांच के दौरान संभावित सहयोगियों और पूरे नेटवर्क की पहचान की जाए। इन आरोपों के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच और आधिकारिक साक्ष्यों के आधार पर ही निकाला जा सकता है। <Cite refs={[“turn686647search5″,”turn686647search8”]}/>
सीमा पार से ड्रग्स और हथियारों की तस्करी का संदेह
जाखड़ ने आशंका जताई कि पंजाब में नशा तस्करी के कुछ मामलों के तार पाकिस्तान से भारत में होने वाली तस्करी से जुड़े हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि सीमा पार से ड्रग्स की खेप पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले रास्तों की हथियारों की तस्करी में संभावित भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
उनका तर्क है कि यदि किसी मामले में अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, संगठित अपराध या सीमा पार से तस्करी के संबंध सामने आते हैं, तो जांच का दायरा व्यापक किया जाना चाहिए।
हालांकि, पाकिस्तान से जुड़े कथित संबंधों को लेकर जाखड़ ने जो आशंकाएं जताई हैं, उन्हें जांच में प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता। इनके सत्यापन के लिए संबंधित एजेंसियों की जांच और आधिकारिक निष्कर्ष जरूरी होंगे।
ड्रग सर्वे रिपोर्ट सार्वजनिक करने की भी मांग
जाखड़ ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार से राज्यव्यापी ड्रग सर्वे की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग भी की। उन्होंने दावा किया कि इस सर्वे पर लगभग 250 करोड़ रुपये खर्च किए गए और करीब 28,000 कर्मचारियों को लगाया गया था।
भाजपा नेता के अनुसार, सर्वे में लगभग 65 लाख परिवारों को शामिल किए जाने का दावा किया गया, लेकिन रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि सर्वे के नतीजे सामने क्यों नहीं लाए जा रहे हैं।
जाखड़ ने आरोप लगाया कि नशे की समस्या को समझने और उसका समाधान निकालने के बजाय सरकार की रणनीति पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, सर्वे की लागत, दायरे और रिपोर्ट की स्थिति से संबंधित इन आंकड़ों व दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। <Cite refs={[“turn686647search5″,”turn686647search8”]}/>
NIA के साथ दूसरी केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका पर जोर
जाखड़ ने नशा तस्करी से जुड़े मामलों में NIA की जांच की मांग के साथ वित्तीय लेन-देन की पड़ताल पर भी जोर दिया है। उनके मुताबिक, नशे के कारोबार से अर्जित कथित अवैध संपत्ति और धन के स्रोतों की जांच की जानी चाहिए।
ऐसे मामलों में आरोपों के आधार पर संबंधित एजेंसियां अपने कानूनी अधिकार क्षेत्र और उपलब्ध साक्ष्यों के अनुसार कार्रवाई कर सकती हैं। NIA का काम राष्ट्रीय सुरक्षा और उसके वैधानिक अधिकार क्षेत्र में आने वाले अपराधों की जांच करना है, जबकि कथित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकार क्षेत्र में आ सकती है।
जाखड़ चाहते हैं कि जिन मामलों में संगठित अपराध, अंतरराष्ट्रीय तस्करी और अवैध धन के संभावित संबंध बताए जा रहे हैं, उनकी जांच संबंधित केंद्रीय एजेंसियों से कराई जाए। <Cite refs={[“turn686647search1″,”turn686647search6”]}/>
पंजाब सरकार पर लगाए आरोप, सियासी बहस तेज
सुनील जाखड़ ने नशा तस्करी के मुद्दे पर पंजाब सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि राज्य में नशे के नेटवर्क को खत्म करने के लिए प्रभावी और व्यापक जांच की जरूरत है।
वहीं, इन आरोपों के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि किसी व्यक्ति या संस्था की आपराधिक भूमिका साबित हो चुकी है। संबंधित मामलों में आरोपों की पुष्टि जांच, उपलब्ध दस्तावेजों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगी।
फिलहाल जाखड़ की मांग का मुख्य केंद्र यह है कि नशा तस्करी से जुड़े कथित नेटवर्क की जांच केवल स्थानीय स्तर तक सीमित न रहे, बल्कि जरूरत पड़ने पर केंद्रीय एजेंसियों को भी शामिल किया जाए।
अब आगे क्या होगा?
सुनील जाखड़ ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से संबंधित मामलों पर ध्यान देने और केंद्रीय एजेंसियों से जांच कराने की मांग की है। अब यह देखना होगा कि केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियां इन मांगों पर क्या कदम उठाती हैं।
यदि जांच का दायरा बढ़ाया जाता है, तो नथाना थाने के हेरोइन बरामदगी मामले, कांस्टेबल करम सिंह से जुड़े आरोपों और कथित अंतरराष्ट्रीय तस्करी के संबंधों की पड़ताल महत्वपूर्ण हो सकती है।
निष्कर्ष: पंजाब में ड्रग्स और गैंगस्टर नेटवर्क की NIA जांच की मांग उठाकर सुनील जाखड़ ने नशा तस्करी, कथित सीमा पार संपर्कों और अवैध धन के नेटवर्क की व्यापक जांच का मुद्दा उठाया है। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका पर विचार करने का आग्रह किया है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि और आगे की कार्रवाई संबंधित एजेंसियों की जांच तथा आधिकारिक निर्णयों पर निर्भर करेगी।
नोट: खबर में हैरी, कांस्टेबल करम सिंह और कथित तस्करी नेटवर्क से संबंधित विवरण सुनील जाखड़ के बयानों और प्रकाशित रिपोर्टों पर आधारित हैं। आरोपों को स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।