दिल्ली PUC नो फ्यूल नियम: 500 पेट्रोल पंप पर ऑटोमैटिक सिस्टम, बिना PUC नहीं मिलेगा ईंधन
नई दिल्ली। दिल्ली में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने वाहनों पर निगरानी और कार्रवाई तेज कर दी है। 1 अक्टूबर 2026 से राजधानी में ‘नो PUC, नो फ्यूल’ नियम को सख्ती से लागू किया जा रहा है। इसका मतलब है कि जिन वाहनों के पास वैध Pollution Under Control Certificate (PUC/PUCC) नहीं है, उन्हें पेट्रोल, डीजल या सीएनजी देने से रोका जा सकता है।
इस व्यवस्था के तहत दिल्ली के करीब 500 पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) सिस्टम लगाया गया है। पेट्रोल पंपों पर लगे कैमरे वाहनों की नंबर प्लेट को स्कैन करते हैं और संबंधित जानकारी वाहन पोर्टल/परिवहन डेटाबेस से मिलाई जाती है। इससे यह पता लगाया जा सकता है कि वाहन का PUC प्रमाणपत्र वैध है या उसकी अवधि समाप्त हो चुकी है।
नंबर प्लेट स्कैन होते ही पता चलेगा PUC स्टेटस
पेट्रोल पंप पर वाहन पहुंचने के बाद ANPR कैमरा उसकी नंबर प्लेट को पहचानता है। सिस्टम उपलब्ध वाहन रिकॉर्ड के आधार पर PUC की स्थिति की जांच करता है। अगर प्रमाणपत्र वैध नहीं पाया जाता है, तो वाहन को ईंधन देने से इनकार किया जा सकता है।
कुछ पेट्रोल पंपों पर सिस्टम वाहन के नंबर के साथ ऑटोमैटिक अनाउंसमेंट के जरिए चालक को यह जानकारी भी देता है कि उसके वाहन का प्रदूषण प्रमाणपत्र वैध नहीं है। इसके बाद वाहन मालिक को पहले PUC बनवाना होगा और फिर ईंधन लेने की सुविधा मिलेगी।
पेट्रोल पंप पर ही PUC बनवाने की सुविधा
सरकार ने वाहन मालिकों के लिए एक सुविधा भी उपलब्ध कराई है। कई पेट्रोल पंपों पर PUC बनाने वाले कियोस्क या केंद्र मौजूद हैं। अगर किसी वाहन का PUC वैध नहीं है, तो वाहन मालिक वहीं जांच कराकर नया प्रदूषण प्रमाणपत्र बनवा सकता है।
PUC बन जाने के बाद वाहन को ईंधन देने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। इससे वाहन मालिक को अलग स्थान पर जाकर प्रमाणपत्र बनवाने की जरूरत नहीं पड़ सकती।
24 घंटे में PUC नहीं बनवाया तो 10 हजार तक चालान
बिना वैध PUC के पेट्रोल पंप पहुंचने वाले वाहनों का रिकॉर्ड सिस्टम में दर्ज किया जा सकता है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, ऐसे वाहन मालिकों को PUC बनवाने के लिए निर्धारित समय दिया जा सकता है। यदि तय समय में प्रमाणपत्र नहीं बनवाया गया तो 10 हजार रुपये तक का ऑनलाइन चालान किया जा सकता है।
इसका उद्देश्य केवल पेट्रोल पंप पर ईंधन देने से रोकना नहीं है, बल्कि बिना वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र वाले वाहनों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करना भी है।
सर्दियों से पहले प्रदूषण पर रोक लगाने की तैयारी
दिल्ली में सर्दियों के दौरान हवा की गुणवत्ता खराब होने और प्रदूषण बढ़ने की समस्या सामने आती है। इसी को देखते हुए सरकार और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने प्रदूषण के अलग-अलग स्रोतों पर पहले से कार्रवाई की तैयारी शुरू की है।
CAQM के निर्देशों के तहत 1 अक्टूबर से वाहनों के PUC की जांच और पेट्रोल पंपों पर निगरानी बढ़ाई गई है। ANPR सिस्टम के जरिए वाहनों की पहचान और रिकॉर्ड की जांच को तेज करने की कोशिश की जा रही है।
रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदूषण नियंत्रण अभियान के तहत पुराने और End-of-Life वाहनों पर भी कार्रवाई की समीक्षा की जा रही है। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए अन्य उपायों पर भी काम किया जा रहा है।
पेट्रोल पंप संचालकों के बीच भी सामने आया असमंजस
वहीं, कुछ रिपोर्टों में ‘नो PUC, नो फ्यूल’ व्यवस्था को लेकर पेट्रोल पंप संचालकों के बीच शुरुआती असमंजस का भी उल्लेख किया गया है। कुछ पंप संचालकों ने लिखित आदेश और व्यवस्था को लेकर स्पष्टता की जरूरत बताई है। दूसरी ओर, दिल्ली के कई पेट्रोल पंपों पर ANPR कैमरा और निगरानी व्यवस्था पहले से मौजूद होने की रिपोर्ट है।