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ग्रीन रे इंटरनेशनल 78 करोड़ ठगी: EOW ने मुरादाबाद से 3 निदेशक गिरफ्तार किए

By yogesh jindoria | Published: Sep 25, 2026 04:44 AM

ग्रीन रे इंटरनेशनल 78 करोड़ ठगी मामले में EOW का बड़ा एक्शन, मुरादाबाद से तीन निदेशक गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने करीब 78 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय धोखाधड़ी और गबन के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। EOW लखनऊ की टीम ने गुरुवार को मुरादाबाद जिले में अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए ग्रीन रे इंटरनेशनल कंपनी से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोप है कि कंपनी के निदेशकों और एजेंटों ने लोगों को कम समय में रकम दोगुनी करने का लालच देकर बड़ी मात्रा में निवेश कराया और बाद में करीब 78 करोड़ रुपये की रकम हड़प ली।

अलग-अलग इलाकों से पकड़े गए आरोपी

EOW की कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फुरकान अहमद, फिरासत अली और इब्राहिम सैफी के रूप में हुई है। फुरकान अहमद को कटघर इलाके से, फिरासत अली को मूंढापांडे क्षेत्र से और इब्राहिम सैफी को भोजपुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों के मुताबिक तीनों लंबे समय से इस मामले में वांछित थे।

इस मामले में मुरादाबाद के गलशहीद थाने में वर्ष 2016 में मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में शासन के निर्देश पर मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंपी गई। EOW की जांच के दौरान तीनों आरोपियों के नाम सामने आए, जिसके बाद टीम ने उन्हें अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया।

रकम दोगुनी करने का दिया गया लालच

जांच के मुताबिक, ग्रीन रे इंटरनेशनल कंपनी के निदेशकों और एजेंटों ने लोगों को कम समय में निवेश की रकम दोगुनी करने जैसी योजनाओं का लालच दिया। इन योजनाओं से प्रभावित होकर बड़ी संख्या में लोगों ने कंपनी में अपनी जमा पूंजी निवेश कर दी।

जांच एजेंसी के अनुसार, निवेशकों का भरोसा कायम रखने के लिए शुरुआत में कुछ लोगों को समय पर उनकी रकम वापस भी की गई। इससे कंपनी की योजनाओं पर लोगों का भरोसा बढ़ा और इसके बाद ज्यादा लोगों ने निवेश करना शुरू कर दिया।

बेरोजगार युवाओं को भी बनाया गया नेटवर्क का हिस्सा

रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने बेरोजगार युवाओं को भी अपने नेटवर्क से जोड़ा। उन्हें ग्राहक और एजेंट के तौर पर इस्तेमाल कर ज्यादा से ज्यादा लोगों तक कंपनी की योजनाएं पहुंचाई गईं और निवेश जुटाया गया। आरोप है कि इस तरीके से कंपनी ने बड़ी रकम एकत्र की।

EOW का आरोप है कि कंपनी के संचालकों और एजेंटों ने निवेशकों से जुटाई गई करीब 78 करोड़ रुपये की रकम का कथित तौर पर गबन किया और बाद में कंपनी को बंद कर फरार हो गए। मामले में अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी मामले

जांच में यह भी सामने आया है कि ग्रीन रे इंटरनेशनल ग्रुप ऑफ कंपनीज के खिलाफ पश्चिम बंगाल और ओडिशा के अलग-अलग जिलों और थानों में भी मामले दर्ज हैं। इन मामलों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा किए जाने की जानकारी सामने आई है।

EOW की कार्रवाई के बाद अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। जांच एजेंसी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर कथित वित्तीय लेनदेन, कंपनी के नेटवर्क और निवेशकों से जुटाई गई रकम से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।

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