कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी पर BJP ने कांग्रेस से पूछा सवाल, शीर्ष नेतृत्व की चुप्पी पर उठाए प्रश्न
नई दिल्ली: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में को-पायलट के हमले के दौरान यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी की चर्चा दुनियाभर में हो रही है। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलकर बाहर मौजूद लोगों को हमलावर तक पहुंचने का मौका दिया। विमान में 174 लोग सवार थे।
कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत कई लोगों ने उनकी सराहना की है। इसी बीच यह मामला अब राजनीतिक बहस का हिस्सा भी बन गया है। बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की कथित चुप्पी पर सवाल उठाए हैं।
सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस से पूछा सवाल
बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कैप्टन स्मित मछार ने अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की। उनका कहना है कि इतनी बड़ी बहादुरी के बावजूद कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की ओर से अब तक इस घटना पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
त्रिवेदी ने कांग्रेस पर वोटबैंक की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए पार्टी से कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कांग्रेस नेताओं की पिछली राजनीतिक टिप्पणियों और कुछ विवादित मामलों का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि कैप्टन स्मित की बहादुरी पर पार्टी के शीर्ष नेता चुप क्यों हैं। ये आरोप और राजनीतिक टिप्पणियां बीजेपी नेता की ओर से की गई हैं।
हमले के बाद भी नहीं हारी हिम्मत
30 सितंबर को हुई इस घटना के बारे में कैप्टन स्मित मछार ने बताया कि ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी अपनी सीट से यह कहते हुए उठा था कि वह नमाज पढ़ना चाहता है। स्मित ने सम्मान के चलते पीछे मुड़कर नहीं देखा। कुछ मिनट बाद को-पायलट ने पीछे से उन पर विमान में आपात स्थिति के लिए रखी गई कुल्हाड़ी से हमला कर दिया।
पहले हमले के बाद स्मित को कुछ समझ नहीं आया। दूसरे वार के बाद उन्हें एहसास हुआ कि उन पर हमला किया जा रहा है। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की। पहली बार दरवाजा खुलने के बाद को-पायलट ने उसे बंद कर दिया और स्मित फर्श पर गिर पड़े। इसके बाद उन्होंने दोबारा हिम्मत जुटाई और दूसरी बार दरवाजा खोल दिया।
दरवाजा खुलने के बाद बाहर मौजूद लोग कॉकपिट में पहुंचे और हमलावर को काबू करने में मदद की। इस तरह विमान में सवार यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकी।
पीएम मोदी और नेतन्याहू ने की तारीफ
कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सराहना की। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, पीएम मोदी ने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित ने दूसरों की जान बचाने के लिए अदम्य साहस दिखाया और उनकी बहादुरी ने सैकड़ों लोगों की जान बचाने तथा बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कैप्टन स्मित मछार से वीडियो कॉल पर बात की। उन्होंने भारतीय पायलट को इजरायल, भारत और पूरी दुनिया के लिए हीरो बताया और उन्हें इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने का न्योता भी दिया।
घटना ने खींचा राजनीतिक ध्यान
कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी पर जहां अलग-अलग स्तरों पर उनकी प्रशंसा हो रही है, वहीं सुधांशु त्रिवेदी की टिप्पणी के बाद यह घटना राजनीतिक बहस का विषय बन गई है। बीजेपी ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की प्रतिक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं और पार्टी से इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।