यूपी में दिवाली के बीच बम धमाके की धमकी से हड़कंप, अयोध्या और अंबेडकर नगर के स्कूलों को मिला धमकी भरा ईमेल
उत्तर प्रदेश में दिवाली के त्योहार के बीच बम धमाकों की धमकी मिलने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। खालिस्तान नेशनल आर्मी के नाम से भेजे गए एक धमकी भरे ईमेल में अयोध्या, काशी और मथुरा समेत कई धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की बात कही गई है। इसके अलावा प्रदेश के कुछ स्कूलों को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई है।
सूत्रों के मुताबिक, अयोध्या में आईसीएसई बोर्ड से संचालित एक स्कूल को धमकी भरा ईमेल मिला है। वहीं, अंबेडकर नगर जिले के दो स्कूलों को भी इसी तरह के धमकी भरे मेल भेजे गए हैं। धमकी मिलने के बाद संबंधित क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
धमकी भरे ईमेल में 1984 के दंगों का जिक्र
जानकारी के अनुसार, ईमेल भेजने वालों ने वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों का जिक्र करते हुए भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल किया है। मेल में ‘खून का बदला खून’ जैसी धमकी दी गई है। साथ ही सिख नक्सली कार्रवाई करने की बात भी लिखी गई है।
धमकी भरे संदेश में 8 नवंबर का भी उल्लेख किया गया है। इस वजह से त्योहारों के दौरान किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है।
अयोध्या, काशी और मथुरा का नाम आने से बढ़ी चिंता
धमकी भरे ईमेल में अयोध्या, काशी और मथुरा जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों का नाम शामिल होने से मामला और गंभीर हो गया है। दिवाली के दौरान इन धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना रहती है।
ऐसे में स्कूलों के साथ-साथ प्रमुख धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा को लेकर भी सतर्कता जरूरी हो गई है।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
स्कूलों को धमकी भरे ईमेल मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां मामले को गंभीरता से ले रही हैं। ईमेल भेजने वाले की पहचान और धमकी की वास्तविकता का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। फिलहाल किसी धमाके या विस्फोट की पुष्टि नहीं हुई है।
दिवाली और अन्य त्योहारों के मद्देनजर प्रदेश में पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण है। ऐसे में धमकी भरे ईमेल ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि ईमेल वास्तव में किसी प्रतिबंधित या उग्रवादी संगठन से जुड़ा है या किसी ने दहशत फैलाने के इरादे से ऐसा संदेश भेजा है।
फिलहाल धमकी को गंभीरता से लेते हुए सतर्कता बरती जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही ईमेल के पीछे की सच्चाई सामने आ सकेगी।