Tiger Shroff Firing Case: टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग, कोटा से तीन आरोपी गिरफ्तार; लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कनेक्शन की जांच
मुंबई/कोटा, 19 अक्टूबर 2026। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मुंबई के जुहू इलाके में हुई इस घटना के बाद राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों को ट्रेन से यात्रा करते समय पकड़ा गया। मामले में कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गिरोह से कथित संबंधों की भी जांच की जा रही है।
जुहू में टाइगर श्रॉफ की कार पर चलीं गोलियां
जानकारी के मुताबिक, 18 अक्टूबर 2026 की शाम मुंबई के जुहू इलाके में पुष्पा पार्क के पास टाइगर श्रॉफ की कार को निशाना बनाकर फायरिंग की गई। अभिनेता फुटबॉल खेलने के बाद घर लौट रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार हमलावरों ने उनकी कार पर गोलियां चलाईं।
इस घटना में टाइगर श्रॉफ सुरक्षित बच गए, लेकिन उनके ड्राइवर फिरदौस और मौके पर मौजूद एक अन्य व्यक्ति को गोली लगने से चोटें आईं। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और मुंबई पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांचकर्ताओं ने हमलावरों के भागने के रास्ते और इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल के बारे में भी जानकारी जुटाई।
राजस्थान के कोटा में ट्रेन से पकड़े गए तीन आरोपी
फायरिंग के बाद आरोपियों की तलाश में मुंबई पुलिस ने कई टीमें गठित की थीं। जांच के दौरान मिली जानकारी के आधार पर राजस्थान की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स और कोटा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की।
पुलिस के अनुसार, तीनों संदिग्धों को पुणे-जयपुर एक्सप्रेस में यात्रा करते समय कोटा रेलवे स्टेशन पर पकड़ा गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, वे मुंबई से निकलकर दिल्ली की ओर जा रहे थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फायरिंग की योजना कैसे बनाई गई और वारदात के बाद आरोपियों ने भागने की क्या तैयारी की थी।
रिपोर्टों के अनुसार, पकड़े गए तीन लोगों में एक नाबालिग भी शामिल है। पुलिस ने उनकी पहचान फूल सिंह, ऋतिक कुमार उर्फ रोशन और रेहान के रूप में बताई है। इनमें दो हरियाणा के रहने वाले हैं, जबकि ऋतिक कुमार मूल रूप से बिहार के बेगूसराय का निवासी बताया गया है और मुंबई में रह रहा था।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कथित संबंधों की जांच
इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम सामने आने के बाद पुलिस कथित आपराधिक नेटवर्क की भूमिका की जांच कर रही है। कोटा पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक पूछताछ में एक संदिग्ध के संपर्क में अनिल पंडित नाम के व्यक्ति के होने की जानकारी मिली है। उसे लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का कथित सहयोगी बताया जा रहा है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों को किसने निर्देश दिए, उन्हें फायरिंग के लिए किसने तैयार किया और क्या इस घटना के पीछे किसी संगठित गिरोह की भूमिका थी। सोशल मीडिया पर कथित तौर पर हमले की जिम्मेदारी लेने से जुड़ा संदेश भी सामने आया है, जिसकी प्रामाणिकता और मामले से संबंध की जांच जरूरी है।
फिलहाल, जांच एजेंसियां आरोपियों से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।
सीसीटीवी फुटेज और मोटरसाइकिल से मिले सुराग
घटना के बाद पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की। जांचकर्ताओं के अनुसार, हमलावरों ने वारदात के लिए मोटरसाइकिल का इस्तेमाल किया था। घटना के बाद इस मोटरसाइकिल को अंधेरी इलाके में रेलवे स्टेशन के पास छोड़े जाने की जानकारी सामने आई।
पुलिस को आशंका है कि हमलावरों को टाइगर श्रॉफ की दिनचर्या की जानकारी हो सकती थी। इसी वजह से अभिनेता के फुटबॉल खेलने के बाद लौटने के समय को ध्यान में रखकर हमला किए जाने की संभावना की जांच की जा रही है। हालांकि, हमले की पूरी योजना और उसके पीछे के मकसद को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपी गई जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है। अब पुलिस आरोपियों की भूमिका, कथित गिरोह से संपर्क, फायरिंग के पीछे के मकसद और घटना से जुड़े अन्य लोगों की पहचान पर ध्यान दे रही है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी घटना को गंभीर बताते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लॉरेंस बिश्नोई की हिरासत को लेकर कानूनी सवाल
लॉरेंस बिश्नोई गुजरात की साबरमती जेल में बंद है। ऐसे में इस मामले में उससे पूछताछ या उसकी हिरासत हासिल करने की प्रक्रिया कानूनी प्रतिबंधों और संबंधित आदेशों के अधीन होगी। पुलिस को जांच के दौरान लागू कानूनी प्रावधानों का पालन करना होगा।
फिलहाल, इस मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग किस मकसद से की गई और गिरफ्तार आरोपियों के पीछे कौन लोग थे। कोटा में हुई गिरफ्तारी के बाद जांच को नई दिशा मिली है। पुलिस की पूछताछ और आगे जुटाए जाने वाले साक्ष्यों से मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।
रिपोर्ट: AOne News TV