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Supreme Court Green Crackers Delhi NCR: दिवाली पर पटाखे जलाने की मिली अनुमति

Supreme Court Green Crackers Delhi NCR: दिवाली पर ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति, 7 और 8 नवंबर के लिए तय हुआ समय

नई दिल्ली: दिवाली से पहले दिल्ली-NCR में पटाखे जलाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। सोमवार, 2 नवंबर को शीर्ष अदालत ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ग्रीन पटाखे जलाने की सशर्त अनुमति दे दी। कोर्ट के आदेश के मुताबिक, दिवाली से पहले 7 नवंबर और त्योहार के दिन 8 नवंबर को निर्धारित समय के भीतर ही ग्रीन पटाखे जलाए जा सकेंगे।

यह आदेश जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने सुनवाई के दौरान दिया। अदालत ने साफ किया कि पटाखे जलाने की अनुमति कुछ शर्तों के साथ दी गई है और इसका पालन करना अनिवार्य होगा।

अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों के आसपास पटाखे जलाने पर रोक

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में अस्पतालों, नर्सिंग होम, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला स्वास्थ्य केंद्रों के आसपास पटाखे जलाने को लेकर विशेष सावधानी बरतने की बात कही है। अदालत का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पटाखों के धुएं और शोर से मरीजों तथा स्वास्थ्य सेवाओं पर असर न पड़े।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ग्रीन पटाखों को लेकर दी गई छूट का मतलब यह नहीं है कि लोग बिना किसी नियम के कहीं भी पटाखे जला सकते हैं। निर्धारित समय और स्थान से जुड़े निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा।

दिल्ली सरकार ने प्रदूषण से निपटने की तैयारी बताई

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने दिल्ली सरकार और वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में अदालत को जानकारी दी।

दिल्ली-NCR में हर साल सर्दियों के दौरान प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। दिवाली के आसपास पटाखों के इस्तेमाल से वायु गुणवत्ता पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की आशंका रहती है। इसी वजह से पटाखों को लेकर नियम और प्रतिबंध चर्चा का विषय बने रहते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने ग्रीन पटाखों की अनुमति देते हुए प्रदूषण नियंत्रण और लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को भी ध्यान में रखा है।

क्या होते हैं ग्रीन पटाखे?

ग्रीन पटाखे सामान्य पटाखों की तुलना में कम प्रदूषण फैलाने के उद्देश्य से विकसित किए गए पटाखे हैं। इन्हें वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) से जुड़ी तकनीकी पहल के तहत विकसित किया गया है।

इन पटाखों में पारंपरिक पटाखों के मुकाबले कुछ प्रदूषणकारी तत्वों को कम करने का प्रयास किया जाता है। हालांकि, ग्रीन पटाखे भी पूरी तरह प्रदूषण मुक्त नहीं होते। इनके इस्तेमाल से भी धुआं और आवाज पैदा हो सकती है।

नियमों का पालन करना जरूरी

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दिल्ली-NCR में दिवाली के दौरान ग्रीन पटाखे जलाने का रास्ता खुल गया है, लेकिन यह अनुमति तय तारीखों, समय और शर्तों के अधीन है। लोगों को केवल निर्धारित मानकों के अनुरूप ग्रीन पटाखों का ही इस्तेमाल करना चाहिए।

त्योहार के दौरान बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी समस्याओं से परेशान लोगों का विशेष ध्यान रखना भी जरूरी है। अदालत के आदेश का पालन करते हुए प्रदूषण कम करने और सुरक्षित दिवाली मनाने की जिम्मेदारी सभी की होगी।

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