रेहान वाड्रा की आर्ट प्रदर्शनी पर सियासी घमासान, BJP ने प्रियंका गांधी पर साधा निशाना, राहुल गांधी से रिश्तों को लेकर उठाए सवाल
दिल्ली के बीकानेर हाउस में रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी से 74 तस्वीरें हटाने पर विवाद, बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने प्रियंका गांधी पर बेटे को राजनीतिक रूप से लॉन्च करने का आरोप लगाया, कांग्रेस ने उठाया अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मुद्दा
नई दिल्ली, 22 अक्टूबर 2026। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान राजीव वाड्रा की कला प्रदर्शनी को लेकर देश की राजधानी दिल्ली में राजनीतिक विवाद गहरा गया है। बीकानेर हाउस में आयोजित उनकी आर्ट प्रदर्शनी से राजनीतिक विषयों और हालिया विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी तस्वीरें हटाए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने इस मामले में प्रियंका गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वह अपने बेटे को राजनीतिक रूप से स्थापित करने के लिए विवाद का सहारा ले रही हैं। वहीं प्रियंका गांधी ने तस्वीरें हटाए जाने को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया है।
इस पूरे विवाद के केंद्र में रेहान वाड्रा की कला प्रदर्शनी ‘नो आइडिया इज फाइनल’ है। दिल्ली के बीकानेर हाउस में आयोजित इस प्रदर्शनी में हाल के महीनों में हुए विरोध प्रदर्शनों, युवाओं के आंदोलनों और सामाजिक घटनाओं से संबंधित तस्वीरें शामिल की गई थीं। हालांकि, प्रदर्शनी शुरू होने से कुछ घंटे पहले ही आयोजन स्थल के प्रबंधन ने कई तस्वीरों पर आपत्ति जताई, जिसके बाद विवाद शुरू हो गया।
बीकानेर हाउस में 105 में से 74 तस्वीरें हटाने पर विवाद
रेहान वाड्रा के अनुसार, उनकी प्रदर्शनी में कुल 105 तस्वीरें शामिल की जानी थीं। इनमें दिल्ली में हुए विभिन्न विरोध प्रदर्शनों, युवाओं के आंदोलनों और सामाजिक गतिविधियों को दर्शाया गया था।
रेहान का आरोप है कि बीकानेर हाउस प्रबंधन ने प्रदर्शनी शुरू होने से कुछ घंटे पहले 74 तस्वीरें हटाने या बदलने के लिए कहा। उन्होंने दावा किया कि ऐसा नहीं करने पर पूरी प्रदर्शनी रद्द करने की चेतावनी दी गई थी।
रेहान के मुताबिक, उन्होंने प्रदर्शनी की रूपरेखा और तस्वीरों से संबंधित जानकारी पहले ही प्रबंधन को उपलब्ध करा दी थी। इसके बावजूद अंतिम समय में तस्वीरें हटाने का निर्देश दिया जाना उनके लिए बेहद निराशाजनक अनुभव रहा।
प्रदर्शनी से बड़ी संख्या में तस्वीरें हटाए जाने के बाद आयोजन स्थल पर कई स्थान खाली रह गए। इस घटनाक्रम ने कला की स्वतंत्रता और सार्वजनिक संस्थानों में राजनीतिक विषयों से जुड़ी कलाकृतियों के प्रदर्शन को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने प्रियंका गांधी पर लगाए आरोप
रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी से तस्वीरें हटाए जाने के मामले में बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा पर निशाना साधा।
भंडारी ने आरोप लगाया कि प्रियंका गांधी अपने बेटे रेहान वाड्रा को आगे बढ़ाने के लिए इस विवाद को राजनीतिक रंग दे रही हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी परिसर में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए निर्धारित नियमों और दिशानिर्देशों का पालन करना आवश्यक है।
बीजेपी प्रवक्ता ने दावा किया कि बीकानेर हाउस के नियमों में राजनीतिक सामग्री के प्रदर्शन को लेकर स्पष्ट प्रावधान हैं। ऐसे में किसी व्यक्ति या परिवार को इन नियमों से ऊपर नहीं माना जा सकता।
भंडारी ने यह भी कहा कि देश संविधान और कानून के शासन से चलता है, न कि किसी परिवार के बनाए नियमों से।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के रिश्तों पर भी उठाए सवाल
प्रदीप भंडारी ने इस विवाद को कांग्रेस की आंतरिक राजनीति से जोड़ते हुए प्रियंका गांधी और उनके भाई राहुल गांधी के राजनीतिक संबंधों को लेकर भी सवाल उठाए।
बीजेपी प्रवक्ता ने सवाल किया कि क्या प्रियंका गांधी और राहुल गांधी के बीच राजनीतिक भरोसे को लेकर कोई मतभेद है और क्या रेहान वाड्रा को आगे बढ़ाने की कोशिश कांग्रेस की भविष्य की राजनीति से जुड़ी है।
हालांकि, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के बीच किसी वास्तविक मतभेद की पुष्टि करने वाला कोई स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है। इसलिए बीजेपी प्रवक्ता की टिप्पणियों को राजनीतिक आरोप और अटकलों के रूप में ही देखा जा रहा है।
इस विवाद के बीच कांग्रेस की ओर से मुख्य रूप से कला और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया गया है।
प्रियंका गांधी ने कहा—युवाओं की आवाज दबाई जा रही है
अपने बेटे की प्रदर्शनी से तस्वीरें हटाए जाने के बाद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस कार्रवाई की आलोचना की।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में शामिल तस्वीरें युवाओं के विरोध प्रदर्शनों का दस्तावेजीकरण करती हैं। उनके अनुसार, इन तस्वीरों में किसी व्यक्ति के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी नहीं की गई थी।
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि इस तरह की कार्रवाई से युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी कलाकार को सामाजिक और राजनीतिक घटनाओं को अपनी कला के माध्यम से प्रस्तुत करने से रोका जाता है, तो इससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया पर अपने बेटे का समर्थन करते हुए संदेश दिया कि उन्हें रेहान पर गर्व है और वह हमेशा उनके साथ खड़ी रहेंगी।
रेहान वाड्रा बोले—मेरे लिए दिल दहला देने वाला अनुभव
रेहान वाड्रा ने प्रदर्शनी से तस्वीरें हटाए जाने की घटना को बेहद दुखद और परेशान करने वाला अनुभव बताया।
उन्होंने कहा कि एक कलाकार के रूप में उनका उद्देश्य समाज में होने वाली घटनाओं को तस्वीरों के माध्यम से दर्ज करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरें लेने का उद्देश्य किसी राजनीतिक दल का प्रचार करना नहीं था।
रेहान के अनुसार, कला के माध्यम से समाज की वास्तविक परिस्थितियों को सामने लाना कलाकार की जिम्मेदारी होती है।
उन्होंने बीकानेर हाउस प्रबंधन के निर्णय पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी कला प्रदर्शनी को इस आधार पर प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए कि केंद्र या राज्य में किस राजनीतिक दल की सरकार है।
रेहान का कहना है कि कला को राजनीतिक सत्ता परिवर्तन से अलग रखकर देखा जाना चाहिए और कलाकारों को अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति के लिए पर्याप्त स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।
तिरंगे की तस्वीरों पर भी आपत्ति का आरोप
इस विवाद का एक महत्वपूर्ण पहलू राष्ट्रीय ध्वज से संबंधित तस्वीरों को लेकर भी सामने आया है।
रेहान वाड्रा ने दावा किया कि प्रदर्शनी में शामिल तिरंगे की तस्वीरों पर भी आपत्ति जताई गई थी। उनके अनुसार, प्रबंधन की ओर से दो ऐसी तस्वीरें हटाने के लिए कहा गया, जिनमें भारतीय राष्ट्रीय ध्वज दिखाई दे रहा था।
रेहान ने इन तस्वीरों को हटाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने सवाल उठाया कि राष्ट्रीय ध्वज को दर्शाने वाली तस्वीरों को प्रदर्शनी से हटाने की आवश्यकता क्यों महसूस की गई।
हालांकि, प्रबंधन की ओर से राजनीतिक सामग्री से संबंधित नियमों का हवाला दिया गया है। तस्वीरों को हटाने के निर्णय की वैधता और उसके आधार को लेकर दोनों पक्षों की अलग-अलग दलीलें सामने आई हैं।
बीकानेर हाउस प्रबंधन ने नियमों का दिया हवाला
बीकानेर हाउस राजस्थान सरकार से संबंधित एक सांस्कृतिक और आयोजन स्थल है, जहां विभिन्न कला प्रदर्शनियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
इस मामले में प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों ने राजनीतिक संदेश वाली सामग्री को लेकर निर्धारित नीतियों का हवाला दिया है।
प्रबंधन का पक्ष है कि आयोजन स्थल पर प्रदर्शित सामग्री को तय दिशानिर्देशों के अनुरूप होना चाहिए। वहीं रेहान वाड्रा का कहना है कि उनकी तस्वीरें किसी राजनीतिक अभियान का हिस्सा नहीं थीं, बल्कि सामाजिक घटनाओं का कलात्मक दस्तावेज थीं।
इसी अंतर को लेकर विवाद गहराया है। सवाल यह है कि विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरों को राजनीतिक प्रचार माना जाए या सामाजिक घटनाओं की कलात्मक अभिव्यक्ति।
कला की स्वतंत्रता बनाम संस्थानों के नियमों पर बहस
रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी से जुड़ा विवाद अब केवल एक कला आयोजन तक सीमित नहीं रह गया है। इसने सार्वजनिक संस्थानों में कलात्मक अभिव्यक्ति की सीमाओं को लेकर व्यापक बहस को जन्म दिया है।
एक पक्ष का तर्क है कि कलाकारों को सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक घटनाओं को स्वतंत्र रूप से प्रस्तुत करने का अधिकार मिलना चाहिए।
दूसरी ओर, यह भी तर्क दिया जा रहा है कि किसी सरकारी या सार्वजनिक परिसर में कार्यक्रम आयोजित करने वाले लोगों को उस संस्थान के निर्धारित नियमों का पालन करना आवश्यक है।
कला और राजनीति के बीच संबंध लंबे समय से सार्वजनिक चर्चा का विषय रहा है। इतिहास में अनेक कलाकारों ने सामाजिक आंदोलनों, राजनीतिक घटनाओं और जनसंघर्षों को अपनी रचनाओं में स्थान दिया है।
ऐसे में यह विवाद अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संस्थागत नियमों के बीच संतुलन के सवाल को सामने लाता है।
कांग्रेस और बीजेपी के बीच बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी
इस पूरे मामले में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी की प्रतिक्रियाएं अलग-अलग हैं।
कांग्रेस का कहना है कि युवाओं के आंदोलनों से जुड़ी तस्वीरें हटाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए चिंताजनक है। पार्टी से जुड़े नेताओं ने इस कार्रवाई की आलोचना की है।
वहीं बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने इसे निर्धारित नियमों के पालन का मामला बताते हुए प्रियंका गांधी पर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया है।
बीजेपी की ओर से राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के संबंधों पर उठाए गए सवालों ने विवाद को और राजनीतिक बना दिया है। हालांकि, इन आरोपों से किसी पारिवारिक या राजनीतिक मतभेद की पुष्टि नहीं होती।
विवाद के बीच जारी रहेगी रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी
रेहान वाड्रा ने स्पष्ट किया है कि तस्वीरें हटाए जाने के बावजूद उनकी प्रदर्शनी आंशिक रूप से जारी रहेगी।
उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि जिन तस्वीरों को बीकानेर हाउस में प्रदर्शित नहीं किया जा सका, उन्हें भविष्य में किसी अन्य आयोजन स्थल पर दिखाने का प्रयास किया जाएगा।
उनका कहना है कि कलाकारों को अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज की घटनाओं को प्रस्तुत करने का अवसर मिलना चाहिए।
फिलहाल इस विवाद में बीजेपी और कांग्रेस के बीच बयानबाजी जारी है। जहां कांग्रेस इसे कलात्मक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़ रही है, वहीं बीजेपी नियमों के पालन और राजनीतिक उद्देश्य के सवाल उठा रही है।
रेहान वाड्रा की कला प्रदर्शनी से शुरू हुआ यह विवाद अब राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बीकानेर हाउस प्रबंधन के निर्णय पर आगे क्या स्पष्टीकरण सामने आता है और क्या हटाई गई तस्वीरों को किसी अन्य स्थान पर प्रदर्शित किया जाता है।