PTI प्रदर्शन टला, अब 4 अक्टूबर को इस्लामाबाद मार्च, सुरक्षा पर 1 अरब से ज्यादा खर्च
रिपोर्टर: ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने राजधानी इस्लामाबाद में प्रस्तावित अपने प्रदर्शन और लॉन्ग मार्च को एक सप्ताह के लिए टाल दिया है। पार्टी ने पहले 27 सितंबर से मार्च शुरू करने का ऐलान किया था, लेकिन अब यह मार्च 4 अक्टूबर को पेशावर से शुरू करने की घोषणा की गई है। पार्टी के मुताबिक, प्रदर्शन का प्रमुख उद्देश्य इमरान खान की रिहाई की मांग करना है।
27 सितंबर की जगह अब 4 अक्टूबर को मार्च
खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहैल अफरीदी ने 25 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि PTI की राजनीतिक समिति ने मार्च को 4 अक्टूबर तक टालने का फैसला किया है। उनके मुताबिक, पार्टी संवैधानिक व्यवस्था, स्वतंत्र न्यायपालिका, मीडिया की स्वतंत्रता और इमरान खान की रिहाई जैसे मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रही है।
इमरान खान की पार्टी लंबे समय से अपने संस्थापक की रिहाई की मांग कर रही है। इमरान खान 2023 से जेल में हैं और फिलहाल रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं। उन्हें विभिन्न मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद जेल भेजा गया था।
सुरक्षा व्यवस्था पर बढ़ेगा खर्च
PTI के प्रदर्शन को एक सप्ताह टाले जाने के बाद इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था पर सरकारी खर्च बढ़ने की संभावना है। पुलिस सूत्रों के हवाले से रिपोर्टों में बताया गया है कि राजधानी पुलिस ने प्रदर्शन की तैयारियों के लिए करीब 820 मिलियन पाकिस्तानी रुपये की मांग की थी। यह रकम मुख्य रूप से कंटेनरों का किराया, पुलिसकर्मियों के ठहरने और भोजन जैसी व्यवस्थाओं के लिए थी।
प्रदर्शन की तारीख आगे बढ़ने के कारण सुरक्षा व्यवस्था को लंबे समय तक बनाए रखना होगा। रिपोर्टों के अनुसार इससे कुल खर्च 1 अरब पाकिस्तानी रुपये से अधिक पहुंच सकता है।
1,550 कंटेनरों का इस्तेमाल
प्रदर्शनकारियों को राजधानी में प्रवेश करने से रोकने और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा मजबूत करने के लिए बड़ी संख्या में शिपिंग कंटेनर लगाए गए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक करीब 1,550 कंटेनरों की व्यवस्था की गई है।
इन कंटेनरों का दैनिक किराया करीब 46.5 मिलियन पाकिस्तानी रुपये बताया गया है। एक सप्ताह के लिए यह रकम लगभग 325.5 मिलियन रुपये और दो सप्ताह के लिए करीब 651 मिलियन रुपये तक पहुंच सकती है।
पंजाब और सिंध से हजारों पुलिसकर्मी बुलाए गए
सुरक्षा योजना के तहत पंजाब पुलिस के करीब 16 हजार और सिंध पुलिस के करीब 2 हजार जवानों की मांग की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार सिंध पुलिस का दस्ता इस्लामाबाद पहुंच चुका था, जबकि पंजाब पुलिस के जवानों की तैनाती को लेकर उस समय तक पूरी संख्या में बल राजधानी नहीं पहुंचा था।
बाहर से आने वाले पुलिसकर्मियों के लिए भोजन और रहने की भी व्यवस्था की गई है। सिंध से आए करीब 2 हजार पुलिसकर्मियों के तीन समय के भोजन पर प्रतिदिन लगभग 1.2 मिलियन पाकिस्तानी रुपये खर्च होने की जानकारी दी गई है।
इसके अलावा पुलिसकर्मियों को ड्यूटी स्थल तक पहुंचाने के लिए करीब 70 कोस्टर, 30 डबल-कैबिन वाहन और बसों की व्यवस्था की गई है।
अधिकारियों के लिए होटल भी बुक
सुरक्षा व्यवस्था के तहत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के लिए विभिन्न होटलों में कमरे भी बुक किए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 175 कमरे 13 होटलों में बुक किए गए थे। इनमें इंस्पेक्टर से लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और DIG स्तर के अधिकारियों के लिए कमरे शामिल हैं।
पंजाब पुलिस के आने की स्थिति में उनके भोजन पर भी अतिरिक्त खर्च होना है। रिपोर्टों में इसके लिए प्रतिदिन करीब 9.6 मिलियन पाकिस्तानी रुपये के अनुमान का उल्लेख किया गया है।
2,700 वाहनों और उनके क्रू पर कार्रवाई
कंटेनरों को राजधानी तक पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों को लेकर भी प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। ऑल पाकिस्तान गुड्स एलायंस के अध्यक्ष निसार हुसैन जाफरी के अनुसार, इस्लामाबाद और पंजाब में करीब 2,700 वाहनों को उनके तीन सदस्यीय क्रू के साथ पुलिस के कब्जे में लिया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक करीब 400 वाहन और उनके क्रू का पता उस समय नहीं चल पाया था, जबकि बाकी वाहनों के चालक और कर्मचारी पुलिस स्टेशनों में रखे गए थे। उनके मोबाइल फोन, वाहन दस्तावेज और चाबियां भी पुलिस के पास होने की बात कही गई है।
इन वाहनों में करीब 450 ऐसे वाहन बताए गए हैं जो दवाइयों, खाद्य सामग्री और केमिकल समेत अन्य सामान लेकर जा रहे थे। कंटेनर और वाहनों से संबंधित कार्रवाई इस्लामाबाद के अलावा रावलपिंडी, लाहौर, झंग, अटक, टैक्सिला, झेलम, फैसलाबाद और गुजरात समेत कई इलाकों में की गई।
इस्लामाबाद में सार्वजनिक सभाओं पर रोक
प्रस्तावित मार्च से पहले पाकिस्तान के अधिकारियों ने इस्लामाबाद में सार्वजनिक सभाओं पर भी प्रतिबंध लगाया है। रिपोर्टों के अनुसार राजधानी में दो महीने के लिए धारा 144 लागू की गई है। इसके तहत जुलूस, रैलियों और सार्वजनिक प्रदर्शनों पर रोक लगाई गई है।
पंजाब में भी प्रशासन ने सभाओं पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए हैं। केंद्र सरकार ने इस अवधि के दौरान इस्लामाबाद और पंजाब के कुछ इलाकों में रेंजर्स की तैनाती को भी मंजूरी दी है।
इमरान खान की रिहाई की मांग
PTI का कहना है कि उसका प्रदर्शन इमरान खान की रिहाई समेत कई राजनीतिक और संवैधानिक मुद्दों को लेकर है। पार्टी नेतृत्व ने मार्च को शांतिपूर्ण विरोध के रूप में पेश किया है। दूसरी ओर, पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़े स्तर पर सुरक्षा इंतजाम किए हैं। दोनों पक्षों के दावों और राजनीतिक बयानों को लेकर स्थिति लगातार बदल रही है।
PTI के प्रदर्शन को 27 सितंबर से 4 अक्टूबर तक टाले जाने के बाद अब राजधानी में सुरक्षा इंतजाम कम करने या जारी रखने को लेकर प्रशासन के सामने अतिरिक्त चुनौती है। कंटेनरों, पुलिस बल, परिवहन, भोजन और आवास पर होने वाला खर्च प्रदर्शन की नई तारीख तक जारी रहने की स्थिति में और बढ़ सकता है।