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POCSO Act जागरूकता कार्यक्रम: गाजियाबाद में छात्राओं को कानून और सुरक्षा उपायों की जानकारी

By aonenewstv | Published: Oct 02, 2026 06:38 AM

गाजियाबाद में छात्राओं को POCSO Act के प्रति किया गया जागरूक, कानूनी अधिकारों की दी जानकारी

गाजियाबाद। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गाजियाबाद के तत्वावधान में 1 अक्टूबर 2026 को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, रजापुर में छात्राओं को बालकों का लैंगिक अपराधों से संरक्षण अधिनियम, 2012 यानी POCSO Act के प्रति जागरूक करने के लिए विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को POCSO Act के प्रमुख प्रावधानों, उनके कानूनी अधिकारों, लैंगिक अपराधों से सुरक्षा के उपायों और जरूरत पड़ने पर उपलब्ध विधिक सहायता के बारे में जानकारी देना रहा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ता और पैरा लीगल वालंटियर ने छात्राओं को कानून की जानकारी सरल भाषा में दी।

POCSO Act के प्रावधानों की दी जानकारी

कार्यक्रम में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, न्यायालय संख्या-09, गाजियाबाद रोहित अग्रवाल ने छात्राओं को POCSO Act के प्रमुख प्रावधानों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बालिकाओं को उनके कानूनी अधिकारों और लैंगिक अपराधों से बचाव के उपायों के संबंध में भी जागरूक किया।

उन्होंने छात्राओं को समझाया कि किसी भी प्रकार के अनुचित स्पर्श, व्यवहार या उत्पीड़न की स्थिति में डरने या चुप रहने के बजाय इसकी जानकारी अभिभावकों, शिक्षकों अथवा संबंधित अधिकारियों को देनी चाहिए।

निःशुल्क कानूनी सहायता के बारे में बताया

कार्यक्रम में सिविल जज (सीनियर डिवीजन) दीप्ति सिंह ने छात्राओं को उनके विधिक अधिकारों और उपलब्ध निःशुल्क कानूनी सहायता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रत्येक बालिका को अपने अधिकारों और कानून की ओर से मिले संरक्षण की जानकारी होना जरूरी है।

उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के जरिए पात्र लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।

शिकायत और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया समझाई

अधिवक्ता विचित्रवीर सिंह ने छात्राओं को POCSO Act के तहत लैंगिक अपराधों की विभिन्न श्रेणियों, शिकायत और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया तथा पीड़ित बालिका के संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।

उन्होंने कानून से जुड़े विषयों को छात्राओं के लिए सरल भाषा में समझाया, ताकि वे किसी भी आपात स्थिति में अपने अधिकारों और उपलब्ध कानूनी उपायों को समझ सकें।

हेल्पलाइन और विधिक सहायता के माध्यम बताए

पैरा लीगल वालंटियर (PLV) जितेंद्र मिश्रा ने छात्राओं को विधिक सहायता प्राप्त करने के माध्यम, हेल्पलाइन सेवाओं और जरूरत पड़ने पर संबंधित संस्थाओं से संपर्क करने की जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को बताया गया कि किसी भी प्रकार की हिंसा, शोषण या लैंगिक अपराध को छिपाना नहीं चाहिए। ऐसी किसी घटना की जानकारी होने पर विश्वसनीय वयस्क या सक्षम प्राधिकारी को तत्काल सूचित करना जरूरी है।

छात्राओं ने पूछे सवाल

विधिक जागरूकता कार्यक्रम में छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता की और POCSO Act तथा अपने कानूनी अधिकारों से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे। वक्ताओं ने छात्राओं के प्रश्नों का सरल और व्यावहारिक तरीके से जवाब दिया।

कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं में कानून के प्रति समझ और आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अपनी सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया। गाजियाबाद में इससे पहले भी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े अधिवक्ताओं द्वारा POCSO कानून और बाल संरक्षण से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को POCSO Act, उनके विधिक अधिकारों, सुरक्षा उपायों और निःशुल्क विधिक सहायता के प्रति जागरूक करना रहा, ताकि वे किसी भी अनुचित स्थिति में उचित कदम उठा सकें और जरूरत पड़ने पर सक्षम संस्थाओं से सहायता प्राप्त कर सकें।

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