ऑनलाइन गेमिंग के दुष्प्रभावों के खिलाफ नेशनल अकाली दल का जागरूकता अभियान, परमजीत सिंह पम्मा ने दिया ‘मोबाइल छोड़ो, मैदान से नाता जोड़ो’ का संदेश
नेशनल अकाली दल की सोशल विंग ने ‘खेलो इंडिया, स्वस्थ इंडिया’ अभियान के तहत बच्चों को खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा। राष्ट्रीय अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा और सोशल विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष रश्मीत कौर बिंद्रा ने बच्चों को खेल सामग्री और पेंटिंग का सामान वितरित किया। कार्यक्रम में ऑनलाइन गेमिंग पर प्रतिबंध लगाने की मांग भी उठी।
नई दिल्ली, 25 अक्टूबर 2026। बच्चों में मोबाइल फोन और ऑनलाइन गेमिंग के अत्यधिक इस्तेमाल से होने वाले संभावित दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से नेशनल अकाली दल की सोशल विंग ने विशेष जागरूकता अभियान आयोजित किया। कार्यक्रम में ‘मोबाइल छोड़ो, मैदान से नाता जोड़ो’ और ‘खेलो इंडिया, स्वस्थ इंडिया’ का संदेश देते हुए बच्चों को आउटडोर गेम्स, खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया।
नेशनल अकाली दल की सोशल विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष रश्मीत कौर बिंद्रा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को विभिन्न खेलों की सामग्री, पेंटिंग का सामान और अन्य उपयोगी वस्तुएं वितरित की गईं। बच्चों ने दौड़, खो-खो, लूडो, शतरंज और पेंटिंग जैसी गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
बच्चों को मोबाइल से दूर कर मैदान से जोड़ने की पहल
नेशनल अकाली दल की ओर से आयोजित जागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों को मोबाइल और ऑनलाइन गेमिंग के अत्यधिक इस्तेमाल के संभावित नुकसान के बारे में जानकारी देना था।
कार्यक्रम में बच्चों को बताया गया कि मनोरंजन और सीखने के लिए केवल मोबाइल फोन या ऑनलाइन गेमिंग पर निर्भर रहना आवश्यक नहीं है।
मैदान में खेलना, दोस्तों के साथ समय बिताना, चित्रकारी करना और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेना भी मनोरंजन तथा व्यक्तिगत विकास के महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
आयोजकों ने बच्चों को तकनीक का संतुलित इस्तेमाल करने और प्रतिदिन शारीरिक गतिविधियों के लिए समय निकालने का संदेश दिया।
परमजीत सिंह पम्मा बोले—बच्चे देश का भविष्य
नेशनल अकाली दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनके स्वस्थ, सुरक्षित तथा उज्ज्वल भविष्य के लिए उन्हें सही दिशा देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि आज बच्चों में मोबाइल फोन और ऑनलाइन गेमिंग का बढ़ता इस्तेमाल चिंता का विषय बनता जा रहा है।
पम्मा के अनुसार, बच्चों को तकनीक से पूरी तरह दूर करना इसका समाधान नहीं है, बल्कि उन्हें तकनीक का संतुलित और जिम्मेदार उपयोग सिखाना आवश्यक है।
उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की कि वे बच्चों को खेलकूद, शिक्षा और रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें।
‘खेलो इंडिया, स्वस्थ इंडिया’ केवल नारा नहीं, सकारात्मक संदेश
परमजीत सिंह पम्मा ने कहा कि ‘खेलो इंडिया, स्वस्थ इंडिया’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि बच्चों को स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने का संदेश है।
उन्होंने कहा कि बच्चों को ऑनलाइन गेमिंग के अत्यधिक इस्तेमाल से दूर रखने के लिए केवल समझाना पर्याप्त नहीं है।
इसके लिए उन्हें खेलकूद और मनोरंजन के बेहतर विकल्प भी उपलब्ध कराने होंगे।
पम्मा ने कहा कि जब बच्चे मैदान में दोस्तों के साथ खेलेंगे, दौड़ लगाएंगे, खो-खो में हिस्सा लेंगे और पेंटिंग जैसी गतिविधियों में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे, तो उन्हें मोबाइल स्क्रीन से बाहर निकलकर नई चीजें सीखने का अवसर मिलेगा।
बच्चों को वितरित की गई खेल सामग्री
जागरूकता अभियान के दौरान बच्चों को विभिन्न प्रकार की खेल सामग्री वितरित की गई।
इसके साथ ही पेंटिंग का सामान और अन्य उपयोगी वस्तुएं भी उपलब्ध कराई गईं।
आयोजकों ने बच्चों को खेलों और कला गतिविधियों से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए।
कार्यक्रम में दौड़, खो-खो, लूडो, शतरंज और चित्रकारी जैसी गतिविधियों को शामिल किया गया।
इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को यह संदेश दिया गया कि मोबाइल के अलावा भी मनोरंजन और सीखने के अनेक सकारात्मक माध्यम उपलब्ध हैं।
खेलकूद से विकसित होती है टीम भावना और अनुशासन
परमजीत सिंह पम्मा ने कहा कि खेलकूद बच्चों के शारीरिक विकास के साथ उनके व्यक्तित्व निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने बताया कि मैदान में खेले जाने वाले खेल बच्चों में अनुशासन, टीम भावना, आपसी सहयोग और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देते हैं।
दौड़ और खो-खो जैसे खेल बच्चों को शारीरिक रूप से सक्रिय रहने के अवसर प्रदान करते हैं।
वहीं शतरंज जैसी गतिविधियां रणनीतिक सोच और एकाग्रता को प्रोत्साहित कर सकती हैं।
पेंटिंग और अन्य कलात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चे अपनी कल्पनाशक्ति तथा रचनात्मक प्रतिभा को अभिव्यक्त कर सकते हैं।
रश्मीत कौर बिंद्रा ने बच्चों के सर्वांगीण विकास पर दिया जोर
नेशनल अकाली दल की सोशल विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष रश्मीत कौर बिंद्रा ने कहा कि इस जागरूकता अभियान का उद्देश्य बच्चों को केवल ऑनलाइन गेमिंग के संभावित दुष्प्रभावों के बारे में बताना नहीं, बल्कि उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना भी है।
उन्होंने कहा कि बच्चों को खेल सामग्री और पेंटिंग का सामान वितरित करना इसी दिशा में एक प्रयास है।
बिंद्रा ने कहा कि बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए खेलकूद, कला और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भागीदारी जरूरी है।
इससे बच्चों को अपनी प्रतिभा पहचानने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के अवसर मिलते हैं।
उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की रुचियों को समझने और उन्हें अपनी पसंद की सकारात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की।
ऑनलाइन गेमिंग के अत्यधिक इस्तेमाल पर जताई चिंता
कार्यक्रम में नेशनल अकाली दल के पदाधिकारियों ने बच्चों में ऑनलाइन गेमिंग के अत्यधिक इस्तेमाल को लेकर चिंता व्यक्त की।
वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय तक मोबाइल स्क्रीन के सामने रहने से बच्चों की दिनचर्या, पढ़ाई, नींद और शारीरिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों को मोबाइल इस्तेमाल करने के लिए संतुलित समय निर्धारित करना चाहिए।
साथ ही, अभिभावकों को बच्चों के साथ संवाद बनाए रखना चाहिए, ताकि वे उनकी ऑनलाइन गतिविधियों और जरूरतों को बेहतर ढंग से समझ सकें।
कार्यक्रम का संदेश तकनीक को पूरी तरह अस्वीकार करने के बजाय उसका जिम्मेदार उपयोग करने पर केंद्रित रहा।
ऑनलाइन गेमिंग पर प्रतिबंध लगाने की मांग
जागरूकता कार्यक्रम में मौजूद नेशनल अकाली दल के कई पदाधिकारियों और अन्य प्रतिनिधियों ने ऑनलाइन गेमिंग पर प्रतिबंध लगाने की मांग भी उठाई।
उन्होंने कहा कि बच्चों को अत्यधिक ऑनलाइन गेमिंग से बचाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
हालांकि, ऑनलाइन गेमिंग के विभिन्न प्रकारों, उनके उपयोग और संभावित जोखिमों को लेकर अलग-अलग नीतिगत पहलू हैं।
कार्यक्रम में उठाई गई प्रतिबंध की मांग संगठन के पदाधिकारियों का पक्ष है।
बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा, आयु के अनुरूप डिजिटल सामग्री और संतुलित स्क्रीन टाइम जैसे विषयों पर अभिभावकों, शिक्षकों तथा नीति-निर्माताओं की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।
अभिभावकों और शिक्षकों से की अपील
परमजीत सिंह पम्मा ने अभिभावकों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे बच्चों को पर्याप्त समय दें।
उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल मोबाइल इस्तेमाल करने से रोकना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वास्तविक दुनिया की गतिविधियों में भाग लेने के अवसर भी देने होंगे।
इसके लिए परिवार, विद्यालय और सामाजिक संगठनों को मिलकर प्रयास करना चाहिए।
बच्चों की रुचि के अनुसार खेलकूद, चित्रकारी, संगीत, पुस्तक पढ़ने और अन्य गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा सकता है।
पम्मा ने कहा कि बच्चों को सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में कई पदाधिकारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर नेशनल अकाली दल के राष्ट्रीय सचिव विक्रांत मोहन, महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष भावना धवन, एआरबीडी (आर) रामगढ़िया बोर्ड दिल्ली के अध्यक्ष त्रिलोचन सिंह कुंडल और सचिव अवतार सिंह भुर्जी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में बलबीर सिंह नामधारी, जगजीत सिंह, सुनीता अरोड़ा और रिदम चड्ढा सहित अन्य लोगों ने भी भाग लिया।
इन पदाधिकारियों ने बच्चों को ऑनलाइन गेमिंग के अत्यधिक इस्तेमाल से बचाने और खेलकूद की ओर प्रेरित करने के प्रयासों का समर्थन किया।
इस दौरान बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
बच्चों के लिए सकारात्मक विकल्प उपलब्ध कराना जरूरी
कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि बच्चों को मोबाइल फोन के अलावा मनोरंजन के अन्य अवसर भी मिलने चाहिए।
यदि बच्चों को खेलने के लिए सुरक्षित स्थान, खेल सामग्री और रचनात्मक गतिविधियों की सुविधाएं उपलब्ध हों, तो वे अपनी रुचि के अनुसार विभिन्न गतिविधियों में भाग ले सकते हैं।
खेलकूद से शारीरिक सक्रियता बढ़ती है, जबकि कला और अन्य गतिविधियां बच्चों को अपनी प्रतिभा विकसित करने का अवसर देती हैं।
आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता अभियान बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावकों को भी सकारात्मक संदेश दे सकते हैं।
‘मोबाइल छोड़ो, मैदान से नाता जोड़ो’ का दिया संदेश
नेशनल अकाली दल की सोशल विंग के जागरूकता अभियान में बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली और संतुलित डिजिटल आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा और सोशल विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष रश्मीत कौर बिंद्रा ने बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों के महत्व पर जोर दिया।
कार्यक्रम में बच्चों को खेल सामग्री, पेंटिंग का सामान और अन्य उपयोगी वस्तुएं वितरित की गईं।
नेशनल अकाली दल ने ‘खेलो इंडिया, स्वस्थ इंडिया’ और ‘मोबाइल छोड़ो, मैदान से नाता जोड़ो’ के संदेश के माध्यम से बच्चों को ऑनलाइन गेमिंग के अत्यधिक इस्तेमाल से बचने तथा मैदान, खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया।