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Maharashtra CM News 6 November 2026: Fadnavis Rules Out Forced Land Acquisition in Gadchiroli

गढ़चिरौली में किसानों की जमीन जबरन नहीं लेगी महाराष्ट्र सरकार, CM देवेंद्र फडणवीस ने बनाई समिति

मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गढ़चिरौली जिले में प्रस्तावित औद्योगिक परियोजना के लिए किसानों की जमीन जबरन अधिग्रहित नहीं करने का भरोसा दिया है। उन्होंने साफ कहा कि राज्य सरकार बातचीत और आपसी सहमति के जरिए ही जमीन अधिग्रहण का रास्ता निकालेगी। किसानों की आपत्तियों और मांगों पर विचार करने के लिए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है।

यह मामला गढ़चिरौली में महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (MIDC) और प्रस्तावित स्टील परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण से जुड़ा है। क्षेत्र के किसानों ने जमीन अधिग्रहण को लेकर आपत्ति जताई है और अपनी जमीन को परियोजना से बाहर रखने की मांग की है।

27 गांवों के किसानों ने जताई आपत्ति

प्रस्तावित जमीन अधिग्रहण को लेकर गढ़चिरौली के 27 गांवों के किसानों ने विरोध जताया है। इनमें भेंडाला क्षेत्र के 14 गांव और येनापुर-जयरामपुर क्षेत्र के 13 गांव शामिल बताए गए हैं।

किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर अपनी समस्याएं और मांगें रखीं। किसानों ने प्रस्तावित स्टील परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण पर चिंता जताई और अपनी आपत्तियों पर विचार करने की मांग की।

जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में बनी समिति

मुख्यमंत्री ने किसानों की शिकायतों और मांगों की जांच के लिए गढ़चिरौली के जिला कलेक्टर अविष्यांत पांडा की अध्यक्षता में समिति बनाने का निर्देश दिया है। समिति प्रभावित गांवों के लोगों से बातचीत करेगी और उनकी समस्याओं को समझेगी।

समिति का उद्देश्य किसानों की आपत्तियों, कठिनाइयों और मांगों का विस्तृत अध्ययन करना है, ताकि परियोजना को लेकर आगे का फैसला बातचीत के आधार पर किया जा सके।

बातचीत से निकलेगा समाधान: CM फडणवीस

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के साथ स्थानीय लोगों की चिंताओं को भी महत्व देती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गढ़चिरौली में जमीन अधिग्रहण के लिए जबरदस्ती का रास्ता नहीं अपनाया जाएगा।

सरकार प्रभावित किसानों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ बातचीत करेगी। मुख्यमंत्री ने किसानों के अलग-अलग समूहों से चर्चा करने की बात भी कही है।

औद्योगिक विकास और किसानों की चिंताओं के बीच संतुलन की कोशिश

गढ़चिरौली में प्रस्तावित औद्योगिक परियोजना को लेकर सरकार के सामने विकास और स्थानीय किसानों की मांगों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती है। एक तरफ सरकार क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना चाहती है, वहीं दूसरी तरफ किसानों की जमीन और आजीविका से जुड़े सवाल भी महत्वपूर्ण हैं।

अब जिला कलेक्टर की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट और किसानों के साथ होने वाली बातचीत पर आगे का फैसला निर्भर करेगा। इस मामले में सरकार का अगला कदम प्रभावित गांवों के लोगों की मांगों और आपत्तियों पर आधारित होगा।

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