काशी में धनतेरस से अन्नकूट तक मां अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी दर्शन, श्रद्धालुओं को मिलेगा खजाना
वाराणसी: धर्म और आध्यात्म की नगरी काशी में दीपावली का पर्व बेहद खास अंदाज में मनाया जाता है। यहां दीपावली केवल एक दिन का त्योहार नहीं, बल्कि पांच दिनों तक चलने वाला धार्मिक उत्सव है। इस दौरान काशी के प्रसिद्ध मां अन्नपूर्णा मंदिर में विशेष आयोजन होते हैं। धनतेरस से अन्नकूट महोत्सव तक श्रद्धालुओं को मां अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन करने का अवसर मिलेगा। मंदिर में इस दौरान करीब 8 से 10 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई गई है।
धनतेरस से शुरू होगा पांच दिवसीय स्वर्णमयी दर्शन महोत्सव
मां अन्नपूर्णा मंदिर में साल में केवल पांच दिनों के लिए मां की स्वर्णमयी प्रतिमा के दर्शन होते हैं। इस वर्ष 6 नवंबर को धनतेरस के अवसर पर सुबह 5 बजे से रात 11:30 बजे तक श्रद्धालु मां के दर्शन कर सकेंगे। इसी दिन मंदिर की ओर से मां का खजाना भी वितरित किया जाएगा।
महंत शंकरपुरी के मुताबिक, धनतेरस के दिन सुबह से रात तक खजाना वितरण का कार्यक्रम चलेगा। इसके बाद लगातार चार दिनों तक स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन जारी रहेंगे। यह विशेष आयोजन अन्नकूट महोत्सव तक चलेगा।
मां के दरबार से मिलने वाले खजाने की है विशेष मान्यता
काशी के मां अन्नपूर्णा मंदिर में धनतेरस पर मिलने वाले खजाने को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह रहता है। धार्मिक मान्यता है कि मां के दरबार से मिलने वाले इस खजाने को घर में रखने से परिवार में सुख-समृद्धि और बरकत बनी रहती है। मान्यता के अनुसार, इससे घर में धन-धान्य की कमी नहीं होती।
इसी विश्वास के चलते हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां अन्नपूर्णा के दरबार पहुंचते हैं और खजाना प्राप्त करते हैं। मंदिर परिसर में इस दौरान भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।
बाबा विश्वनाथ और मां अन्नपूर्णा से जुड़ी है परंपरा
मां अन्नपूर्णा के खजाने का वितरण एक प्राचीन धार्मिक परंपरा का हिस्सा माना जाता है। महंत शंकरपुरी के अनुसार, इस परंपरा का संबंध बाबा विश्वनाथ और मां अन्नपूर्णा की धार्मिक मान्यता से जुड़ा हुआ है। काशी में मां अन्नपूर्णा को अन्न और समृद्धि की देवी के रूप में पूजा जाता है।
धनतेरस पर मां के स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन और खजाना वितरण को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहता है। दूर-दराज के क्षेत्रों से भी भक्त इस आयोजन में शामिल होने के लिए काशी पहुंचते हैं।
श्रद्धालुओं के लिए मंदिर पहुंचने का रास्ता तय
मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दर्शन व्यवस्था और आवागमन का मार्ग निर्धारित किया है। प्रबंधन के मुताबिक, भक्तों को बांसफाटक की ओर से होते हुए गेट नंबर एक और ढुंढिराज की तरफ से मंदिर पहुंचना होगा। भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए निर्धारित मार्ग का पालन करना जरूरी होगा।
मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की तैयारी की जा रही है।
काशी में पांच दिनों तक रहेगा दीपावली का विशेष उत्साह
काशी में मां अन्नपूर्णा मंदिर का यह आयोजन दीपावली के धार्मिक महत्व को और खास बना देता है। धनतेरस से शुरू होकर अन्नकूट तक चलने वाले इस महोत्सव में श्रद्धालुओं को मां के स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन और पारंपरिक खजाना प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। यही वजह है कि हर साल इस आयोजन का भक्तों को बेसब्री से इंतजार रहता है।