📅 Loading Date & Time...
A One News Menu ✕

Jammu Kashmir CM Omar Abdullah News 31 October 2026: Nidhi Razdan से शादी और कैबिनेट में हलचल

उमर अब्दुल्ला ने पत्रकार निधि राजदान से की शादी, दूसरी ओर नेशनल कॉन्फ्रेंस में कैबिनेट विस्तार को लेकर बढ़ी नाराजगी

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला 31 अक्टूबर को अपनी निजी जिंदगी और राजनीतिक घटनाक्रम दोनों को लेकर चर्चा में रहे। मुख्यमंत्री ने पत्रकार निधि राजदान के साथ शादी की घोषणा सोशल मीडिया पर की। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि एक नई यात्रा की शुरुआत हुई है। जानकारी के मुताबिक, दोनों ने 30 अक्टूबर को शादी की थी। वहीं, दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर की सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर असंतोष की खबरें सामने आई हैं। पार्टी के करीब 20 विधायकों ने श्रीनगर में बैठक कर अपनी नाराजगी पर चर्चा की।

उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया पर साझा की शादी की तस्वीरें

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को सोशल मीडिया पर पत्रकार निधि राजदान के साथ अपनी तस्वीरें साझा करते हुए शादी की जानकारी दी। पोस्ट में उन्होंने लिखा, “A new journey began yesterday” यानी एक नई यात्रा की शुरुआत कल हुई।

निधि राजदान ने भी सोशल मीडिया पर इस पोस्ट का जवाब देते हुए शादी की पुष्टि की। इस घोषणा के बाद राजनीतिक और मीडिया जगत में दोनों को बधाइयां मिलने लगीं।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शादी 30 अक्टूबर को हुई। विवाह समारोह में दोनों परिवारों के करीबी सदस्य और रिश्तेदार शामिल हुए। शादी से जुड़े कार्यक्रम श्रीनगर और नई दिल्ली में आयोजित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत हुई शादी

रिपोर्टों के मुताबिक, उमर अब्दुल्ला और निधि राजदान ने स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत विवाह किया। दोनों परिवारों के सदस्यों ने इस अवसर पर गवाह की भूमिका निभाई।

उमर अब्दुल्ला के पिता और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला, उनकी मां मॉली अब्दुल्ला और बहनें समारोह में शामिल हुईं। वहीं निधि राजदान के माता-पिता, वरिष्ठ पत्रकार एमके राजदान और सरला राजदान भी इस मौके पर मौजूद रहे।

निधि राजदान टेलीविजन पत्रकारिता का जाना-पहचाना चेहरा रही हैं। उन्होंने लंबे समय तक राष्ट्रीय राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर पत्रकारिता की है।

जुलाई में सुप्रीम कोर्ट ने पहले विवाह को दी थी समाप्ति की मंजूरी

उमर अब्दुल्ला का इससे पहले पायल अब्दुल्ला से विवाह हुआ था। दोनों के बीच वैवाहिक विवाद कई वर्षों तक कानूनी प्रक्रिया में रहा। जुलाई 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने आपसी सहमति से हुए समझौते के आधार पर उनके विवाह को समाप्त करने का आदेश दिया था।

इसके बाद उमर अब्दुल्ला ने निधि राजदान के साथ अपने नए जीवन की शुरुआत की घोषणा की है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस में कैबिनेट विस्तार को लेकर असंतोष

मुख्यमंत्री की शादी की खबर के साथ ही जम्मू-कश्मीर की राजनीति में नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर चल रही नाराजगी भी चर्चा में रही। हाल ही में उमर अब्दुल्ला सरकार ने मंत्रिमंडल का विस्तार किया था। इसके बाद पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं और विधायकों में असंतोष सामने आया।

रिपोर्टों के मुताबिक, शुक्रवार शाम श्रीनगर में लोलाब के विधायक कैसर जमशेद लोन के आवास पर करीब 20 नेशनल कॉन्फ्रेंस विधायकों और सरकार का समर्थन करने वाले कुछ निर्दलीय विधायकों ने बैठक की। बैठक में मंत्रिमंडल विस्तार, वरिष्ठ नेताओं को जगह नहीं मिलने और पार्टी के भीतर फैसले लेने की प्रक्रिया पर चर्चा हुई।

कुछ विधायकों का मानना है कि मंत्रियों के चयन में वरिष्ठता और अनुभव को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। बैठक में पार्टी नेतृत्व के सामने अपनी मांगें रखने पर भी विचार किया गया।

चार नए मंत्रियों को किया गया था शामिल

उमर अब्दुल्ला सरकार ने 27 अक्टूबर को मंत्रिमंडल विस्तार किया था। इस दौरान चार नए मंत्रियों को शपथ दिलाई गई। इनमें अली मोहम्मद सागर, मीर सैफुल्लाह, शमीमा फिरदौस और अल्ताफ अहमद वानी शामिल हैं।

वहीं, निर्दलीय विधायक सतीश शर्मा को मंत्रिमंडल से बाहर किया गया। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद कुछ वरिष्ठ विधायक मंत्री पद नहीं मिलने से नाराज बताए जा रहे हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, छह बार विधायक रह चुके मुबारक गुल और चार बार विधायक रहे अब्दुल मजीद लारमी ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की है। मुबारक गुल के समर्थकों ने उनके मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की मांग को लेकर मशाल जुलूस भी निकाला।

पार्टी नेतृत्व ने बगावत की खबरों को किया कमतर

विधायकों की बैठक के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर मतभेदों की चर्चा तेज हो गई। हालांकि, पार्टी की ओर से इसे बगावत का रूप देने से इनकार किया गया है। पार्टी नेतृत्व ने विधायकों की बैठक को आंतरिक चर्चा बताया है।

रिपोर्टों के अनुसार, बैठक में शामिल कुछ विधायकों ने भी कहा कि उनका उद्देश्य पार्टी के खिलाफ कोई कदम उठाना नहीं, बल्कि अपनी शिकायतों और मांगों को नेतृत्व तक पहुंचाना है।

इस बीच पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने असंतुष्ट विधायक मुबारक गुल को पार्टी महासचिव के पद से हटा दिया और अली मोहम्मद सागर को इस जिम्मेदारी पर बनाए रखा।

मंत्रिमंडल में आगे बदलाव पर सबकी नजर

नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर उठे असंतोष के बाद अब मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पार्टी नेतृत्व के अगले कदम पर नजर है। विधायकों की मांगों और मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व को लेकर आने वाले दिनों में बातचीत हो सकती है।

फिलहाल सरकार की ओर से मंत्रिमंडल में किसी नए बदलाव की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि पार्टी नेतृत्व असंतुष्ट विधायकों की मांगों पर किस तरह प्रतिक्रिया देता है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top