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Jammu Kashmir CM Omar Abdullah News 25 October 2026: श्रीनगर में तीसरी कश्मीर मैराथन का शुभारंभ, 1800 धावक शामिल

By aonenewstv | Published: Oct 25, 2026 11:47 AM

Jammu Kashmir CM Omar Abdullah News: श्रीनगर में तीसरी कश्मीर मैराथन का भव्य आगाज, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दिखाई हरी झंडी, 1800 से अधिक धावक शामिल

कश्मीर की खूबसूरत वादियों में अंतरराष्ट्रीय मैराथन का आयोजन, 12 देशों के 73 विदेशी धावकों ने कराया पंजीकरण। कुल ₹3.17 करोड़ की पुरस्कार राशि, फुल मैराथन के विजेताओं को मिलेंगे ₹25-25 लाख। स्थानीय खिलाड़ियों के लिए भी विशेष पुरस्कार की व्यवस्था।

श्रीनगर, 25 अक्टूबर 2026। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रविवार को श्रीनगर में तीसरी कश्मीर अंतरराष्ट्रीय मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस आयोजन में देश-विदेश के 1,800 से अधिक पंजीकृत धावकों ने भाग लिया। कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक स्थलों के बीच आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्देश्य खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के साथ पर्यटन को नई पहचान देना है।

श्रीनगर के पोलो ग्राउंड से शुरू हुई इस मैराथन में जम्मू-कश्मीर के स्थानीय खिलाड़ियों के अलावा देश के विभिन्न राज्यों और विदेशी धावकों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में 42.195 किलोमीटर की फुल मैराथन और 21.0975 किलोमीटर की हाफ मैराथन आयोजित की गई।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सुबह 6:30 बजे फुल मैराथन को रवाना किया, जबकि हाफ मैराथन का निर्धारित समय सुबह 7:45 बजे था।

कश्मीर मैराथन में 12 देशों के विदेशी धावकों की भागीदारी

तीसरी कश्मीर मैराथन को लेकर देश-विदेश के खिलाड़ियों में उत्साह देखने को मिला।

आयोजन से संबंधित आधिकारिक पंजीकरण आंकड़ों के अनुसार कुल 1,807 धावकों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया था।

इनमें 1,221 धावक जम्मू-कश्मीर के स्थानीय निवासी, 513 धावक देश के अन्य राज्यों से और 73 विदेशी धावक 12 देशों से शामिल थे।

आयोजकों के अनुसार मौके पर पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई थी। कुछ रिपोर्टों में कुल भागीदारी 2,000 से अधिक बताई गई है।

इस आयोजन में अनुभवी मैराथन धावकों के साथ युवा खिलाड़ियों और फिटनेस के प्रति जागरूक प्रतिभागियों ने भी भाग लिया।

कुल ₹3.17 करोड़ की पुरस्कार राशि

इस वर्ष कश्मीर मैराथन में कुल ₹3.17 करोड़ की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है।

फुल मैराथन में पुरुष और महिला वर्ग के समग्र विजेताओं के लिए ₹25-25 लाख का पुरस्कार रखा गया है।

वहीं हाफ मैराथन के पुरुष और महिला वर्ग के समग्र विजेताओं को ₹15-15 लाख देने का प्रावधान है।

प्रतियोगिता में विभिन्न आयु वर्गों के खिलाड़ियों के लिए भी अलग-अलग पुरस्कार निर्धारित किए गए हैं।

आयोजकों का उद्देश्य आकर्षक पुरस्कार राशि के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की भागीदारी बढ़ाना है।

स्थानीय धावकों के लिए विशेष पुरस्कार श्रेणी

जम्मू-कश्मीर के स्थानीय खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए इस वर्ष विशेष पुरस्कार श्रेणी शुरू की गई है।

फुल मैराथन में जम्मू-कश्मीर के शीर्ष पुरुष और महिला धावकों को ₹4-4 लाख का पुरस्कार निर्धारित किया गया है।

हाफ मैराथन में स्थानीय पुरुष और महिला वर्ग के शीर्ष खिलाड़ियों के लिए ₹2-2 लाख की पुरस्कार राशि रखी गई है।

इस पहल का उद्देश्य स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर देना और लंबी दूरी की दौड़ के प्रति युवाओं की रुचि बढ़ाना है।

सरकार का मानना है कि इस प्रकार की प्रतियोगिताओं से जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों को अनुभवी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय धावकों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा।

डल झील और मुगल गार्डन के बीच दौड़े खिलाड़ी

कश्मीर मैराथन का मार्ग श्रीनगर के प्रमुख पर्यटन और ऐतिहासिक स्थलों से होकर निर्धारित किया गया।

प्रतियोगिता का मार्ग लाल चौक, पोलो व्यू, जीरो ब्रिज, गुपकार रोड, बुलेवार्ड रोड, झेलम नदी के किनारे, डल झील, एसकेआईसीसी, फोरशोर रोड, कश्मीर विश्वविद्यालय और मुगल गार्डन जैसे स्थानों से होकर गुजरा।

इन मार्गों को चुनने का उद्देश्य धावकों को कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना भी था।

डल झील के आसपास का क्षेत्र श्रीनगर के प्रमुख पर्यटन आकर्षणों में शामिल है। यहां से गुजरने वाले मैराथन मार्ग ने खेल प्रतियोगिता को पर्यटन गतिविधियों से भी जोड़ा।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने खेल पर्यटन पर दिया जोर

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कश्मीर मैराथन को जम्मू-कश्मीर में खेल पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण आयोजन बताया।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से कश्मीर की पहचान केवल पारंपरिक पर्यटन स्थल के रूप में नहीं, बल्कि खेल गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में भी विकसित हो सकती है।

मुख्यमंत्री ने फिटनेस, स्वस्थ जीवनशैली और खेलों में युवाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।

उनका कहना था कि कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता इस प्रतियोगिता को विशेष पहचान प्रदान करती है।

पहले दो संस्करणों में खुद दौड़ चुके हैं उमर अब्दुल्ला

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला कश्मीर मैराथन के पहले दो संस्करणों में स्वयं भी दौड़ चुके हैं।

हालांकि इस वर्ष उन्होंने प्रतियोगिता में धावक के रूप में हिस्सा नहीं लिया।

इससे पहले 22 अक्टूबर को मुख्यमंत्री ने श्रीनगर के पोलो ग्राउंड में कश्मीर मैराथन एक्सपो का उद्घाटन किया था।

उस अवसर पर उन्होंने देशभर के खिलाड़ियों से प्रतियोगिता में भाग लेने की अपील की थी।

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को संदेश दिया था कि खेल प्रतियोगिताओं में केवल जीत हासिल करना ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि भागीदारी और खेल भावना का भी विशेष महत्व है।

कश्मीर मैराथन एक्सपो में स्थानीय उत्पादों को मिला मंच

मैराथन से पहले आयोजित एक्सपो में स्थानीय हस्तशिल्प, हथकरघा, कृषि उत्पादों और अन्य वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया।

इस आयोजन में लगभग 20 स्टॉल लगाए गए थे।

इन स्टॉलों के माध्यम से स्थानीय व्यवसायियों और उत्पादकों को देश-विदेश से आने वाले प्रतिभागियों तथा पर्यटकों के सामने अपने उत्पाद प्रस्तुत करने का अवसर मिला।

कश्मीर के पारंपरिक हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों की पहचान पहले से ही देश और विदेश में है।

खेल आयोजनों के साथ ऐसे व्यापारिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को जोड़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को अतिरिक्त अवसर मिल सकते हैं।

पर्यटन विभाग ने की विशेष तैयारियां

जम्मू-कश्मीर पर्यटन विभाग ने मैराथन के आयोजन के लिए विभिन्न विभागों के साथ समन्वय किया।

पर्यटन विभाग के निदेशक सैयद कमर सज्जाद के अनुसार प्रतियोगिता के मार्गों की मरम्मत, बैरिकेडिंग और प्रतिभागियों की सुविधाओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं।

मैराथन के दौरान धावकों की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रबंध किए गए।

श्रीनगर यातायात पुलिस ने प्रतियोगिता के मद्देनजर कुछ मार्गों पर यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन भी लागू किए।

आम नागरिकों को यातायात संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई।

कश्मीर को अंतरराष्ट्रीय खेल पर्यटन केंद्र बनाने की पहल

जम्मू-कश्मीर में पर्यटन लंबे समय से स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार रहा है।

डल झील, गुलमर्ग, पहलगाम, सोनमर्ग और अन्य प्राकृतिक पर्यटन स्थल देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

अब सरकार पारंपरिक पर्यटन के साथ खेल पर्यटन को भी प्रोत्साहित करने पर जोर दे रही है।

मैराथन, साहसिक खेल, शीतकालीन खेल और अन्य प्रतियोगिताओं के माध्यम से पर्यटन गतिविधियों में विविधता लाने की संभावनाएं देखी जा रही हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजन होटल, परिवहन, खानपान और अन्य पर्यटन सेवाओं से जुड़े स्थानीय व्यवसायों के लिए भी अवसर पैदा कर सकते हैं।

युवाओं में फिटनेस और खेल संस्कृति को बढ़ावा

कश्मीर मैराथन जैसे आयोजन युवाओं को नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

लंबी दूरी की दौड़ के लिए शारीरिक क्षमता, अनुशासन और नियमित अभ्यास की आवश्यकता होती है।

प्रतियोगिता में स्थानीय खिलाड़ियों की भागीदारी से युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

जम्मू-कश्मीर के धावकों के लिए अलग पुरस्कार श्रेणी शुरू करना इसी दिशा में उठाया गया कदम है।

कश्मीर मैराथन को नियमित अंतरराष्ट्रीय आयोजन बनाने की तैयारी

पर्यटन विभाग कश्मीर मैराथन को अंतरराष्ट्रीय खेल कैलेंडर में स्थायी पहचान दिलाने की दिशा में प्रयास कर रहा है।

आयोजकों का उद्देश्य इस प्रतियोगिता को हर वर्ष आयोजित होने वाले प्रमुख मैराथन आयोजनों में शामिल करना है।

प्रतियोगिता की बढ़ती लोकप्रियता, विदेशी खिलाड़ियों की भागीदारी और आकर्षक पुरस्कार राशि इस प्रयास के महत्वपूर्ण पहलू हैं।

हालांकि आयोजन की दीर्घकालिक सफलता के लिए खिलाड़ियों की सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, आयोजन प्रबंधन और अंतरराष्ट्रीय मानकों का निरंतर पालन आवश्यक होगा।

खेल और पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण रहा आयोजन

श्रीनगर में आयोजित तीसरी कश्मीर मैराथन ने जम्मू-कश्मीर में खेल और पर्यटन को एक साथ प्रोत्साहित करने का अवसर प्रदान किया।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा प्रतियोगिता को हरी झंडी दिखाए जाने के साथ देश-विदेश के धावकों ने श्रीनगर की सड़कों पर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

कुल ₹3.17 करोड़ की पुरस्कार राशि और स्थानीय खिलाड़ियों के लिए अलग श्रेणी इस वर्ष के आयोजन की प्रमुख विशेषताएं रहीं।

तीसरी कश्मीर मैराथन के आयोजन के साथ जम्मू-कश्मीर सरकार ने खेल पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय युवाओं को प्रतिस्पर्धात्मक खेलों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने की अपनी प्राथमिकता दोहराई है। आने वाले वर्षों में इस प्रतियोगिता की निरंतरता और बढ़ती भागीदारी से इसके प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा।

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