हरियाणा के निर्यात को 5 साल में दोगुना करने का लक्ष्य, CM नायब सैनी ने उद्योगों से की अपील
चंडीगढ़/गुरुग्राम: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के निर्यात को अगले पांच वर्षों में दोगुना करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों, MSME इकाइयों, किसानों और उद्यमियों से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उपलब्ध नए अवसरों का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि भारत के विभिन्न देशों के साथ बढ़ते व्यापारिक समझौतों से हरियाणा के उद्योगों और कारोबारियों के लिए नए अवसर खुल रहे हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 6 नवंबर 2026 को गुरुग्राम में आयोजित ‘Leveraging FTAs – Outreach Programme’ को विशेष वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित किया। इस कार्यक्रम में केंद्र और हरियाणा सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, उद्योग प्रतिनिधियों, निर्यातकों, व्यापार विशेषज्ञों और Export Promotion Councils के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
हरियाणा के निर्यात को पांच साल में दोगुना करने की तैयारी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा के पास मजबूत औद्योगिक आधार, कुशल कार्यबल और उत्पादन क्षमता है। इन खूबियों का इस्तेमाल करके प्रदेश की अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भागीदारी को और बढ़ाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निर्यात को बढ़ावा देने के लिए बेहतर नीतिगत व्यवस्था, संस्थागत सहयोग और उद्योगों के साथ लगातार संवाद पर काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में हरियाणा के निर्यात को दोगुना करना है।
वित्त वर्ष 2025-26 में 20.57 अरब डॉलर रहा निर्यात
कार्यक्रम में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में हरियाणा का वस्तु निर्यात लगभग 20.57 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। इस दौरान निर्यात में सालाना 7.66 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
देश के कुल वस्तु निर्यात में हरियाणा की हिस्सेदारी लगभग 4.66 प्रतिशत रही। प्रदेश के उत्पाद 200 से अधिक देशों और क्षेत्रों तक पहुंच रहे हैं। वस्तु निर्यात के मामले में हरियाणा देश के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में छठे स्थान पर बताया गया है।
मुक्त व्यापार समझौतों से MSME और उद्योगों को मिलेगा फायदा
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हरियाणा के उद्योगों और कारोबारियों को भारत के मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs) के तहत उपलब्ध अंतरराष्ट्रीय अवसरों की जानकारी देना था।
इस दौरान कारोबारियों को टैरिफ रियायतों, Rules of Origin, गैर-टैरिफ बाधाओं और अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा के लिए जरूरी तैयारियों के बारे में जानकारी दी गई।
इस कार्यक्रम का आयोजन हरियाणा सरकार के MSME निदेशालय ने केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य विभाग और विदेश व्यापार महानिदेशालय के क्षेत्रीय कार्यालयों के सहयोग से किया।
सरकार का प्रयास है कि छोटे और मध्यम उद्योग भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार की प्रक्रियाओं को समझें और अपने उत्पादों को विदेशी बाजारों तक पहुंचा सकें।
गुरुग्राम का हरियाणा के निर्यात में बड़ा योगदान
हरियाणा के निर्यात में गुरुग्राम की महत्वपूर्ण भूमिका है। कार्यक्रम में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, गुरुग्राम अकेले प्रदेश के कुल वस्तु निर्यात में लगभग 40 प्रतिशत योगदान देता है। यहां से करीब 8.33 अरब अमेरिकी डॉलर का वस्तु निर्यात होता है।
ऑटोमोबाइल, ऑटो कंपोनेंट्स, इंजीनियरिंग उत्पाद, कपड़ा, कृषि उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण, फुटवियर और मशीनरी जैसे क्षेत्रों में हरियाणा के उद्योगों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में विस्तार की अच्छी संभावनाएं हैं।
इन क्षेत्रों को बढ़ावा देकर प्रदेश के निर्यात में और वृद्धि करने की योजना है।
निर्यातकों को वित्तीय सहायता और अन्य सुविधाएं देगी सरकार
हरियाणा सरकार निर्यातकों को प्रोत्साहित करने के लिए कई तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। इनमें वित्तीय सहायता, गुणवत्ता प्रमाणन, माल ढुलाई में सहयोग, अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों में भागीदारी और डिजिटल बाजार संपर्क जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
इन प्रयासों का उद्देश्य स्थानीय उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाना और उन्हें नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचने में मदद करना है।
हरियाणा को वैश्विक व्यापार का प्रमुख केंद्र बनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उद्योग जगत से अपील की कि वे भारत के व्यापारिक समझौतों का अधिकतम लाभ उठाएं और नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी उपस्थिति मजबूत करें।
उन्होंने कहा कि मजबूत औद्योगिक ढांचे, कुशल श्रमिकों और बेहतर उत्पादन क्षमता के आधार पर हरियाणा वैश्विक व्यापार में अपनी भूमिका को और मजबूत कर सकता है।
सरकार का लक्ष्य निर्यात बढ़ाने के साथ-साथ प्रदेश में निवेश, औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा करना भी है। अगले पांच वर्षों में निर्यात को दोगुना करने का लक्ष्य इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।