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Gorakhpur Man Killed in Saudi Arabia Drone Attack: सऊदी अरब में ड्रोन हमले से गोरखपुर के युवक की मौत, शव का इंतजार कर रहा परिवार

By aonenewstv | Published: Oct 24, 2026 02:58 PM

सऊदी अरब में कथित ड्रोन हमले में गोरखपुर के कमलेश पांडेय की मौत, गांव में पसरा मातम, पार्थिव शरीर का इंतजार कर रहा परिवार

दम्माम एयरपोर्ट पर काम करते थे बांसगांव के किशनपुर बगही गांव निवासी कमलेश पांडेय, 21 अक्टूबर की रात हुई घटना; शव भारत लाने की प्रक्रिया में जुटे परिजन

गोरखपुर, 24 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक दुखद खबर सामने आई है। जिले के बांसगांव क्षेत्र के किशनपुर बगही गांव निवासी कमलेश पांडेय की सऊदी अरब में कथित ड्रोन हमले के दौरान मौत होने की सूचना मिली है। बताया जा रहा है कि वह सऊदी अरब के दम्माम एयरपोर्ट पर काम करते थे और 21 अक्टूबर की रात हुई घटना में उनकी जान चली गई। इस खबर के बाद उनके परिवार और गांव में शोक का माहौल है।

कमलेश पांडेय के परिजन अब उनके पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाने के प्रयास में जुटे हैं। परिवार की इच्छा है कि उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव में किया जा सके। हालांकि, कथित ड्रोन हमले की परिस्थितियों और घटना से जुड़े विस्तृत आधिकारिक विवरण की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।

गोरखपुर के किशनपुर बगही गांव के रहने वाले थे कमलेश पांडेय

जानकारी के अनुसार कमलेश पांडेय, हरिश्चंद्र पांडेय के पुत्र थे और गोरखपुर जिले के दक्षिणी ग्रामीण इलाके में स्थित बांसगांव क्षेत्र के किशनपुर बगही गांव के निवासी थे।

वह रोजगार के सिलसिले में सऊदी अरब गए थे और वहां दम्माम एयरपोर्ट पर कार्यरत थे।

परिवार को उम्मीद थी कि विदेश में नौकरी कर रहे कमलेश सुरक्षित रहेंगे, लेकिन उनकी मौत की खबर ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया।

गांव में भी इस घटना को लेकर दुख और चिंता का माहौल है।

21 अक्टूबर की रात कथित ड्रोन हमले में गई जान

प्राप्त जानकारी के मुताबिक 21 अक्टूबर की रात सऊदी अरब में दम्माम एयरपोर्ट से जुड़े क्षेत्र में कथित तौर पर ड्रोन हमले की घटना हुई।

बताया जा रहा है कि इस दौरान कमलेश पांडेय हमले की चपेट में आ गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

हालांकि, घटना के वास्तविक स्थान, हमले की प्रकृति और उसमें शामिल पक्षों के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

इसलिए फिलहाल यह घटना परिजनों तक पहुंची सूचना और उपलब्ध रिपोर्ट के आधार पर कथित ड्रोन हमले से जुड़ी बताई जा रही है।

मौत की खबर मिलते ही परिवार में मचा कोहराम

विदेश में काम कर रहे परिवार के सदस्य की अचानक मौत की सूचना किसी भी परिवार के लिए बड़ा आघात होती है।

कमलेश पांडेय की मौत की खबर मिलने के बाद उनके परिजन शोक में डूब गए। गांव में भी घटना को लेकर दुख व्यक्त किया जा रहा है।

परिवार के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती कमलेश का पार्थिव शरीर भारत लाने की है।

परिजन चाहते हैं कि आवश्यक औपचारिकताएं जल्द पूरी हों और कमलेश का शव उनके पैतृक गांव पहुंच सके।

पार्थिव शरीर भारत लाने के प्रयास जारी

कमलेश पांडेय के परिजन उनके पार्थिव शरीर को सऊदी अरब से भारत लाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया में जुटे हुए हैं।

विदेश में किसी भारतीय नागरिक की मृत्यु होने पर स्थानीय प्रशासन से संबंधित दस्तावेज, मृत्यु प्रमाणपत्र और शव को स्वदेश भेजने की अनुमति जैसी औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ सकती हैं।

ऐसे मामलों में भारतीय दूतावास या वाणिज्य दूतावास की सहायता भी महत्वपूर्ण होती है।

कमलेश पांडेय के मामले में परिजनों की कोशिश है कि प्रक्रिया जल्द पूरी हो और उनका पार्थिव शरीर गोरखपुर लाया जा सके।

हालांकि, शव भारत पहुंचने की निश्चित तारीख के बारे में अभी जानकारी सामने नहीं आई है।

विदेश में काम करने वाले भारतीयों की सुरक्षा का सवाल

इस घटना ने विदेशों में काम करने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े सवालों को भी सामने रखा है।

उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में लोग रोजगार के लिए खाड़ी देशों में जाते हैं। इनमें तकनीकी कर्मचारी, श्रमिक, चालक, सेवा क्षेत्र से जुड़े कर्मचारी और विभिन्न प्रतिष्ठानों में काम करने वाले लोग शामिल होते हैं।

विदेश में किसी भारतीय नागरिक की असामान्य परिस्थितियों में मृत्यु होने पर उसके परिवार के सामने कानूनी, प्रशासनिक और आर्थिक चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।

ऐसे समय में स्थानीय प्रशासन और भारतीय राजनयिक अधिकारियों के बीच समन्वय आवश्यक होता है, ताकि मृत्यु के कारणों की पुष्टि तथा पार्थिव शरीर की स्वदेश वापसी की प्रक्रिया पूरी की जा सके।

घटना की आधिकारिक पुष्टि और जांच महत्वपूर्ण

कमलेश पांडेय की मौत के संबंध में उपलब्ध जानकारी के अनुसार कथित ड्रोन हमले को घटना की वजह बताया जा रहा है।

हालांकि, दम्माम एयरपोर्ट पर हमले की परिस्थितियों, घटना के समय कमलेश की ड्यूटी और उनकी मृत्यु के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।

यदि घटना किसी हमले से जुड़ी है, तो संबंधित अधिकारियों की जांच से उसके वास्तविक कारण और परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।

फिलहाल किसी देश, संगठन या समूह को इस कथित हमले के लिए जिम्मेदार ठहराने का प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

परिवार को जल्द शव मिलने की उम्मीद

कमलेश पांडेय के परिवार की प्राथमिकता उनका पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने की है।

परिजन आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करने में जुटे हैं और चाहते हैं कि अंतिम संस्कार के लिए शव पैतृक गांव पहुंचाया जाए।

इस तरह की परिस्थितियों में संबंधित भारतीय अधिकारियों की सहायता से प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकता है।

परिवार को उम्मीद है कि जल्द ही औपचारिकताएं पूरी होंगी और वे कमलेश को अंतिम विदाई दे सकेंगे।

गोरखपुर के गांव में शोक का माहौल

किशनपुर बगही गांव में कमलेश पांडेय की मौत की सूचना के बाद शोक का माहौल है।

विदेश में रोजगार कर रहे गांव के एक व्यक्ति की अचानक मृत्यु की खबर से स्थानीय लोगों में भी दुख है।

इस घटना ने एक बार फिर उन परिवारों की कठिनाइयों को सामने रखा है, जिनके सदस्य रोजगार के लिए देश से दूर रहते हैं।

ऐसी परिस्थितियों में परिजनों के लिए सबसे बड़ी पीड़ा यह होती है कि वे अपने प्रियजन के अंतिम दर्शन भी तत्काल नहीं कर पाते।

प्रशासनिक सहायता की आवश्यकता

विदेश में मृत्यु के मामलों में पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया कई औपचारिकताओं से जुड़ी होती है।

परिवार को संबंधित देश के अधिकारियों, भारतीय राजनयिक मिशन और भारत में स्थानीय प्रशासन के सहयोग की आवश्यकता पड़ सकती है।

कमलेश पांडेय के मामले में भी शव की वापसी के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

परिजनों को जल्द सहायता मिलना महत्वपूर्ण है, ताकि पार्थिव शरीर की स्वदेश वापसी में अनावश्यक देरी न हो।

फिलहाल गोरखपुर के बांसगांव क्षेत्र के किशनपुर बगही गांव निवासी कमलेश पांडेय की सऊदी अरब में कथित ड्रोन हमले में मौत की खबर से परिवार शोक में है। 21 अक्टूबर की रात हुई बताई जा रही इस घटना के बाद परिजन उनके पार्थिव शरीर के भारत आने का इंतजार कर रहे हैं। घटना की विस्तृत आधिकारिक पुष्टि और शव की स्वदेश वापसी से संबंधित जानकारी सामने आना अभी बाकी है।

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