DMK के INDIA गठबंधन से अलग होने पर कांग्रेस का हमला, मणिकम टैगोर बोले- फैसले पर होगा पछतावा
नई दिल्ली: तमिलनाडु में कांग्रेस और डीएमके के बीच बढ़ते राजनीतिक मतभेदों के बीच INDIA गठबंधन को लेकर भी खींचतान तेज हो गई है। डीएमके की ओर से खुद को विपक्षी गठबंधन से अलग बताने के बाद कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर ने कहा है कि INDIA गठबंधन मजबूत है और गठबंधन छोड़ने वाले दलों को अपने फैसले पर पछतावा होगा।
कांग्रेस ने कहा- INDIA गठबंधन मजबूत है
कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर ने डीएमके के गठबंधन से अलग होने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि INDIA गठबंधन मजबूत बना हुआ है। उन्होंने कहा कि जो लोग गठबंधन छोड़कर गए हैं, उन्हें आगे चलकर अपने फैसले पर पछतावा होगा।
टैगोर से जब पूछा गया कि क्या कांग्रेस अब डीएमके के बिना INDIA गठबंधन को आगे बढ़ाना चाहती है, तो उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ऐसा नहीं कहा है। उनके मुताबिक, डीएमके ने खुद गठबंधन से बाहर निकलने का फैसला किया है।
डीएमके ने सितंबर में INDIA ब्लॉक की बैठक में शामिल नहीं होने की घोषणा की थी और कहा था कि वह अब इस विपक्षी गठबंधन का हिस्सा नहीं है। पार्टी ने कांग्रेस पर तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद उसके साथ संबंध तोड़ने और अभिनेता विजय की पार्टी TVK को समर्थन देने का आरोप लगाया था।
कांग्रेस-डीएमके के बीच क्यों बढ़ी दूरी?
कांग्रेस और डीएमके के बीच लंबे समय से तमिलनाडु की राजनीति में गठबंधन रहा है, लेकिन 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद दोनों दलों के रिश्तों में तनाव बढ़ा। डीएमके ने कांग्रेस पर गठबंधन के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस की ओर से गठबंधन और राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर अलग रुख सामने आया।
डीएमके का कहना है कि कांग्रेस द्वारा टीवीके के साथ राजनीतिक तालमेल बढ़ाने से गठबंधन संबंध प्रभावित हुए। इसी विवाद के बाद डीएमके ने INDIA ब्लॉक की बैठकों से दूरी बनानी शुरू कर दी।
कनिमोझी के तीसरे मोर्चे की चर्चा
इस बीच डीएमके सांसद कनिमोझी करुणानिधि की कई क्षेत्रीय दलों के नेताओं से मुलाकातों ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज किया है। कनिमोझी ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार समेत कुछ क्षेत्रीय नेताओं से मुलाकात की है। इसके बाद कांग्रेस से अलग क्षेत्रीय दलों के किसी व्यापक मंच की संभावनाओं को लेकर अटकलें लगाई गईं।
हालांकि, इन मुलाकातों को किसी नए गठबंधन के औपचारिक गठन की घोषणा नहीं माना गया है। अभी तक तीसरे मोर्चे के गठन को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
कांग्रेस ने कनिमोझी के प्रयासों पर भी साधा निशाना
मणिकम टैगोर से जब कनिमोझी द्वारा तीसरा मोर्चा बनाने की चर्चाओं को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कांग्रेस से अलग क्षेत्रीय दलों को एकजुट करने की कोशिशों पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जिन नेताओं के दरवाजे खटखटाए गए, वे बंद मिले और कांग्रेस ने उनके इस प्रयास को लेकर सवाल उठाए।
हालांकि, यह कांग्रेस नेता की राजनीतिक टिप्पणी है। क्षेत्रीय दलों के बीच भविष्य में किसी नए राजनीतिक मंच को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
INDIA गठबंधन में पहले भी सामने आई है दूरी
डीएमके से पहले भी INDIA गठबंधन के भीतर विभिन्न मुद्दों पर दलों के बीच मतभेद सामने आते रहे हैं। सितंबर में डीएमके ने गठबंधन की बैठक में शामिल होने से इनकार किया था। इसी दौरान समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव भी एक बैठक में शामिल नहीं हुए थे।
1 अक्टूबर 2026 की रिपोर्टों के मुताबिक, विपक्षी गठबंधन की गतिविधियों के बीच बीजेपी ने भी गठबंधन के भीतर बढ़ती दूरी को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। हालांकि, गठबंधन के भविष्य को लेकर अलग-अलग दलों के नेताओं के बयान उनकी अपनी राजनीतिक स्थितियों और आकलनों को दर्शाते हैं।
आगे क्या होगा?
डीएमके और कांग्रेस के बीच रिश्तों में आई खटास का असर तमिलनाडु की राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दलों के समन्वय पर भी पड़ सकता है। फिलहाल कांग्रेस INDIA गठबंधन को मजबूत बताकर आगे बढ़ने की बात कर रही है, जबकि डीएमके ने खुद को गठबंधन से अलग बताया है।
आने वाले समय में क्षेत्रीय दलों के बीच होने वाली बैठकों और कांग्रेस-डीएमके के संबंधों पर नजर रहेगी। अभी किसी नए विपक्षी मोर्चे के औपचारिक गठन की घोषणा नहीं हुई है।
स्रोत: आजतक की रिपोर्ट और अन्य प्रकाशित रिपोर्टों के आधार पर।