देवास में TI दिलीप पुरी हत्याकांड में बड़ा खुलासा, राहुल जायसवाल समेत चार हिरासत में; ऐसे चलता था अवैध शराब तस्करी का नेटवर्क
देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले में अवैध शराब की अंतरराज्यीय तस्करी रोकने पहुंचे खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की ट्रक से कुचलकर हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी राहुल जायसवाल समेत चार लोगों को हिरासत में लिया है। जांच में अवैध शराब तस्करी के बड़े नेटवर्क और उसमें शामिल लोगों की भूमिका सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक, थाना प्रभारी दिलीप पुरी अवैध शराब की तस्करी रोकने के लिए कार्रवाई कर रहे थे। इसी दौरान तस्करों ने उन्हें वाहन से कुचल दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी थी। अब चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है।
राहुल जायसवाल के हाथ में था तस्करी नेटवर्क का संचालन
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरे अवैध शराब तस्करी नेटवर्क में राहुल जायसवाल की मुख्य भूमिका थी। राहुल हरदा जिले के टिमरनी का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, अवैध शराब के कारोबार से मिलने वाली रकम पहले राहुल के पास जमा होती थी।
इसके बाद वह इस पैसे को नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचाता था। जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि तस्करी के इस कारोबार में कितने लोग शामिल थे और शराब की सप्लाई किन-किन राज्यों में की जा रही थी।
आयशर वाहन के चालक की भी हुई पहचान
पुलिस के मुताबिक, थाना प्रभारी दिलीप पुरी की हत्या में इस्तेमाल किए गए आयशर वाहन का चालक गजेंद्र उर्फ अक्कु रावत है। वह अलीराजपुर जिले का रहने वाला बताया जा रहा है।
जांच में सामने आया है कि केरम सिंह चंगोड़ ने गजेंद्र को वाहन उपलब्ध कराया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वाहन का इस्तेमाल किस योजना के तहत किया गया और घटना के समय इसमें कौन-कौन लोग मौजूद थे।
तस्करी से मिलने वाली रकम का हिसाब रखता था राहुल
पुलिस की जांच में राहुल जायसवाल को अवैध शराब कारोबार के आर्थिक नेटवर्क का प्रमुख कड़ी बताया जा रहा है। तस्करी से मिलने वाली रकम पहले उसके पास पहुंचती थी। इसके बाद वह नेटवर्क में शामिल दूसरे लोगों को पैसे बांटता था।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि अवैध शराब के कारोबार से अर्जित रकम का इस्तेमाल कहां किया जाता था और इस नेटवर्क को चलाने में किन अन्य लोगों की भूमिका थी।
अवैध शराब तस्करी रोकने के दौरान हुई थी TI की हत्या
खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी अवैध शराब की अंतरराज्यीय तस्करी रोकने के लिए पुलिस कार्रवाई में जुटे थे। इसी दौरान तस्करी में इस्तेमाल वाहन से उन्हें कुचल दिया गया। इस घटना में उनकी जान चली गई।
पुलिस अधिकारी की हत्या के बाद पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच तेज कर दी थी।
चार लोगों से पूछताछ, नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश
फिलहाल पुलिस राहुल जायसवाल समेत चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां तस्करी नेटवर्क की पूरी संरचना, वाहन उपलब्ध कराने वालों, शराब की सप्लाई और पैसों के लेन-देन की जानकारी जुटा रही हैं।
पुलिस का प्रयास है कि इस नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि थाना प्रभारी दिलीप पुरी की हत्या की साजिश में किसकी क्या भूमिका थी।
देवास के इस हत्याकांड ने मध्य प्रदेश में सक्रिय अवैध शराब तस्करी के नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस की जांच का मुख्य फोकस तस्करी के पूरे सिंडिकेट और थाना प्रभारी की हत्या में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका का पता लगाने पर है।