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Delhi Traders Letter Rahul Gandhi: दिवाली से पहले महारैली टालने की मांग, 10 हजार करोड़ के कारोबार पर खतरा

By aonenewstv | Published: Oct 24, 2026 05:41 AM

दिवाली से पहले दिल्ली के व्यापारियों की राहुल गांधी से बड़ी अपील, महारैली टालने की मांग; 10 हजार करोड़ के कारोबार पर असर की आशंका

CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लिखा पत्र, भैया दूज के बाद महारैली आयोजित करने का आग्रह; व्यापारियों ने कहा—त्योहारी सीजन में रैलियों और ट्रैफिक प्रतिबंधों से बाजारों को हो सकता है भारी नुकसान

ई दिल्ली, 24 अक्टूबर 2026। दिवाली के त्योहारी सीजन के बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में राजनीतिक रैलियों और व्यापारिक गतिविधियों को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। दिल्ली के व्यापारिक संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर कांग्रेस की प्रस्तावित महारैली को स्थगित करने की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि दिवाली के दौरान बड़े राजनीतिक आयोजनों से बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है, जिससे हजारों करोड़ रुपये के कारोबार पर असर पड़ने की आशंका है।

CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने राहुल गांधी से अपील की है कि दिवाली और भैया दूज के बाद राजनीतिक रैलियों का आयोजन किया जाए, ताकि त्योहारी सीजन में व्यापारियों और ग्राहकों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।

व्यापारिक संगठन ने आशंका जताई है कि इस महत्वपूर्ण कारोबारी अवधि में रैलियों और उनसे जुड़े यातायात प्रतिबंधों के कारण लगभग 10 हजार करोड़ रुपये तक का कारोबार प्रभावित हो सकता है।

राहुल गांधी को पत्र लिखकर महारैली स्थगित करने की मांग

चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित महारैली की तारीख आगे बढ़ाने का आग्रह किया है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली के बाजारों में दिवाली की खरीदारी का महत्वपूर्ण समय चल रहा है। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्राहक कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक सामान, आभूषण, सजावटी सामग्री, मिठाइयां और अन्य उत्पाद खरीदने के लिए बाजारों में पहुंचते हैं।

ऐसे समय में यदि राजधानी के प्रमुख इलाकों में बड़े राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, तो यातायात व्यवस्था और ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।

व्यापारियों की मांग है कि राजनीतिक दल त्योहारी सीजन की संवेदनशीलता को समझते हुए रैलियों की तारीख तय करें।

भैया दूज के बाद रैली आयोजित करने का सुझाव

CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने अपने पत्र में सुझाव दिया है कि कांग्रेस अपनी प्रस्तावित महारैली को भैया दूज के बाद आयोजित करे।

उनका कहना है कि दिवाली और उससे जुड़े त्योहार व्यापारियों के लिए वर्ष के सबसे महत्वपूर्ण कारोबारी अवसरों में शामिल होते हैं।

इस दौरान बाजारों में बिक्री बढ़ने की उम्मीद रहती है और दुकानदार कई महीने पहले से तैयारियां शुरू कर देते हैं।

ऐसे में राजनीतिक आयोजनों के कारण यातायात प्रभावित होने या ग्राहकों को बाजारों तक पहुंचने में परेशानी होने से कारोबारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

गोयल ने कहा कि रैली को कुछ दिनों के लिए आगे बढ़ाने से राजनीतिक कार्यक्रम भी आयोजित हो सकेगा और व्यापारियों को त्योहारी कारोबार करने में सुविधा मिलेगी।

10 हजार करोड़ रुपये के कारोबार पर असर की आशंका

CTI ने दावा किया है कि दिवाली के पीक सीजन में बड़े राजनीतिक आयोजनों के कारण लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित होने की आशंका है।

व्यापारिक संगठन का कहना है कि राजधानी के प्रमुख बाजारों में दिवाली से पहले खरीदारी का दबाव बढ़ जाता है।

ऐसे समय में सड़कें बंद होने, ट्रैफिक डायवर्जन और भीड़भाड़ जैसी परिस्थितियों के कारण ग्राहक बाजारों तक पहुंचने से बच सकते हैं।

इसका असर खुदरा व्यापारियों के साथ थोक कारोबार, परिवहन और अन्य संबंधित गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।

हालांकि, 10 हजार करोड़ रुपये का आंकड़ा CTI का अनुमान है। इसे वास्तविक रूप से हुए आर्थिक नुकसान का प्रमाणित आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए।

अक्टूबर में 3 हजार करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित होने का दावा

CTI के आकलन के अनुसार, अक्टूबर महीने के दौरान दिल्ली के विभिन्न इलाकों में लगातार आयोजित रैलियों और मार्च के कारण व्यापारियों को लगभग 3 हजार करोड़ रुपये के कारोबार पर असर पड़ने की आशंका या नुकसान का अनुमान है।

संगठन ने विशेष रूप से कनॉट प्लेस, इंडिया गेट और मध्य दिल्ली के अन्य क्षेत्रों का उल्लेख किया है।

इन इलाकों में राजनीतिक आयोजनों के दौरान यातायात प्रतिबंध और मार्ग परिवर्तन जैसी व्यवस्थाएं लागू होने पर व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।

CTI का कहना है कि यदि त्योहारी सीजन में इस तरह की गतिविधियां जारी रहती हैं, तो कारोबारियों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।

हालांकि, संगठन के इस आर्थिक आकलन की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

रामलीला मैदान की प्रस्तावित महारैली पर व्यापारियों की चिंता

दिल्ली का रामलीला मैदान लंबे समय से बड़े राजनीतिक और सार्वजनिक आयोजनों का प्रमुख स्थल रहा है।

यहां होने वाले बड़े कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना रहती है।

ऐसे आयोजनों के दौरान आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण के लिए प्रशासन को विशेष इंतजाम करने पड़ सकते हैं।

व्यापारियों की चिंता है कि दिवाली की खरीदारी के दौरान यदि प्रमुख मार्गों पर प्रतिबंध लगाए जाते हैं, तो बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।

इसी कारण CTI ने कांग्रेस नेतृत्व से प्रस्तावित महारैली की तारीख बदलने का अनुरोध किया है।

शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का सम्मान: बृजेश गोयल

CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने स्पष्ट किया है कि उनका संगठन शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक रैलियों के लोकतांत्रिक अधिकार का सम्मान करता है।

उन्होंने कहा कि व्यापारियों की मांग किसी राजनीतिक दल के विरोध में नहीं है, बल्कि त्योहारी सीजन के दौरान व्यापारिक गतिविधियों को सुचारु बनाए रखने से जुड़ी है।

उनके अनुसार, लोकतांत्रिक अधिकारों और व्यापारिक हितों के बीच संतुलन बनाना आवश्यक है।

उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि धनतेरस, दिवाली और भैया दूज जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों के दौरान बड़े आयोजनों की तारीख तय करते समय व्यापारियों की समस्याओं को भी ध्यान में रखा जाए।

दिवाली पर दिल्ली के बाजारों में बढ़ती है खरीदारी

दिल्ली देश के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में शामिल है।

राजधानी में सदर बाजार, चांदनी चौक, करोल बाग, लाजपत नगर, सरोजिनी नगर और कनॉट प्लेस जैसे कई बड़े बाजार हैं, जहां त्योहारी सीजन में बड़ी संख्या में ग्राहक पहुंचते हैं।

दिवाली के दौरान कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक सामान, घरेलू उपकरण, उपहार, मिठाइयां और सजावटी वस्तुओं की मांग बढ़ती है।

इस अवधि में व्यापारियों को वर्ष के अन्य समय की तुलना में अधिक बिक्री की उम्मीद रहती है।

कई दुकानदार त्योहारी मांग को देखते हुए अतिरिक्त स्टॉक मंगाते हैं और कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाते हैं।

ऐसे में बाजारों तक ग्राहकों की सुगम पहुंच व्यापारिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण होती है।

छोटे कारोबारियों पर पड़ सकता है अधिक असर

व्यापारिक गतिविधियों में रुकावट का प्रभाव छोटे दुकानदारों और दैनिक बिक्री पर निर्भर कारोबारियों पर विशेष रूप से पड़ सकता है।

त्योहारी सीजन में कई छोटे व्यापारी अपनी आय का महत्वपूर्ण हिस्सा अर्जित करने की उम्मीद रखते हैं।

यदि ग्राहकों की संख्या कम होती है या सामान की आपूर्ति प्रभावित होती है, तो उनकी बिक्री पर असर पड़ सकता है।

हालांकि, किसी राजनीतिक आयोजन से होने वाले वास्तविक आर्थिक प्रभाव का आकलन संबंधित क्षेत्र, आयोजन की अवधि, यातायात व्यवस्था और ग्राहकों की आवाजाही जैसे कई कारकों पर निर्भर करता है।

राजनीतिक रैलियों और व्यापारिक हितों के बीच संतुलन की जरूरत

लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण सभा, प्रदर्शन और राजनीतिक कार्यक्रमों का महत्वपूर्ण स्थान है।

वहीं, व्यापारियों और आम नागरिकों की सुविधा तथा आर्थिक गतिविधियों को बनाए रखना भी प्रशासनिक दृष्टि से आवश्यक है।

बड़े आयोजनों के दौरान यातायात प्रबंधन, वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था और समय पर सार्वजनिक सूचना जारी करने से लोगों को होने वाली परेशानियां कम की जा सकती हैं।

CTI की मांग भी मुख्य रूप से इसी बात पर केंद्रित है कि दिवाली के दौरान बाजारों में कारोबार प्रभावित न हो।

कांग्रेस के फैसले पर टिकी व्यापारियों की निगाहें

राहुल गांधी को पत्र भेजे जाने के बाद अब व्यापारियों की निगाहें कांग्रेस नेतृत्व के फैसले पर हैं।

CTI चाहता है कि प्रस्तावित महारैली को भैया दूज के बाद आयोजित किया जाए।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि कांग्रेस ने रैली की तारीख बदलने के संबंध में कोई अंतिम निर्णय लिया है या नहीं।

यदि रैली निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित होती है, तो यातायात और सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित प्रशासनिक तैयारियां महत्वपूर्ण होंगी।

त्योहारी कारोबार को लेकर व्यापारियों की अपील

दिल्ली के व्यापारियों ने राजनीतिक दलों से आग्रह किया है कि त्योहारी सीजन में बड़े सार्वजनिक आयोजनों की योजना बनाते समय बाजारों और ग्राहकों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए।

CTI के अनुसार, दिवाली का समय कारोबारियों के लिए आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।

व्यापारिक संगठन ने आशंका जताई है कि रैलियों और यातायात प्रतिबंधों के कारण लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हो सकता है।

फिलहाल चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री की ओर से राहुल गांधी को भेजे गए पत्र ने दिल्ली में राजनीतिक रैलियों और व्यापारिक हितों के बीच संतुलन का मुद्दा सामने ला दिया है। अब देखना होगा कि कांग्रेस नेतृत्व व्यापारियों की मांग पर क्या फैसला करता है और दिवाली के दौरान बाजारों में सुचारु कारोबार बनाए रखने के लिए क्या व्यवस्थाएं की जाती हैं।

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