दिल्ली-NCR में GRAP-2 लागू, प्रदूषण पर सख्ती; पार्किंग शुल्क बढ़ेगा, डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर भी पाबंदी
नई दिल्ली: दिल्ली-NCR में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का दूसरा चरण तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। इसके तहत प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए कई अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे। निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करने के लिए पार्किंग शुल्क बढ़ाया जाएगा, वहीं डीजल जनरेटर के उपयोग पर भी सख्त नियम लागू होंगे।
दिल्ली की हवा लगातार खराब होती जा रही है। प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए आयोग ने यह फैसला लिया है, ताकि हवा की गुणवत्ता और अधिक बिगड़ने से रोका जा सके। GRAP-2 लागू होने के बाद पहले चरण यानी GRAP-1 के सभी प्रतिबंध भी जारी रहेंगे।
दिल्ली के ज्यादातर निगरानी केंद्रों पर हवा खराब
दिल्ली के वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों के आंकड़ों के मुताबिक, 58 केंद्रों में से 37 पर हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई। वहीं, 17 केंद्रों पर प्रदूषण का स्तर ‘खराब’ रहा। तीन निगरानी केंद्रों पर हवा की स्थिति ‘गंभीर’ श्रेणी तक पहुंच गई।
इन आंकड़ों ने राजधानी में प्रदूषण की गंभीर स्थिति को उजागर किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, हवा की गुणवत्ता खराब होने से सांस संबंधी परेशानियों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
GRAP-2 में क्या-क्या पाबंदियां लागू होंगी?
GRAP के दूसरे चरण में पहले से लागू नियमों के अलावा कुछ नए प्रतिबंध भी प्रभावी होंगे। इनका मुख्य उद्देश्य निजी वाहनों की आवाजाही कम करना और प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों पर नियंत्रण करना है।
1. पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी: निजी वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के लिए पार्किंग शुल्क बढ़ाया जाएगा। इससे लोगों को सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करने की कोशिश होगी।
2. डीजल जनरेटर पर सख्ती: डीजल जनरेटर के इस्तेमाल को लेकर कड़े नियम लागू होंगे। प्रदूषण फैलाने वाले जनरेटरों के उपयोग को नियंत्रित करने पर जोर दिया जाएगा।
3. सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा: बस और मेट्रो जैसी सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि निजी वाहनों की संख्या कम हो और सड़कों पर वाहनों से होने वाला प्रदूषण घटाया जा सके।
4. सड़कों की सफाई और पानी का छिड़काव: धूल से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए सड़कों की नियमित सफाई और पानी के छिड़काव पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
5. निर्माण स्थलों पर निगरानी: निर्माण और तोड़फोड़ से उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए संबंधित एजेंसियों को निगरानी और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएंगे।
GRAP-1 के नियम भी रहेंगे लागू
GRAP-2 लागू होने के बाद पहले चरण के प्रतिबंध समाप्त नहीं होंगे। निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण, सड़कों की सफाई, कचरा और खुले में कूड़ा जलाने पर रोक जैसे उपाय जारी रहेंगे।
प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर संबंधित विभागों को निगरानी रखने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की जिम्मेदारी दी गई है।
GRAP-4 कब लागू किया जाएगा?
GRAP के अलग-अलग चरण वायु गुणवत्ता की स्थिति के आधार पर लागू किए जाते हैं। जब दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 450 से ऊपर पहुंच जाता है, तब GRAP का चौथा चरण लागू किया जा सकता है।
GRAP-4 के तहत प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए और कड़े कदम उठाए जाते हैं। इनमें निर्माण गतिविधियों पर व्यापक रोक, वाहनों की आवाजाही पर अतिरिक्त प्रतिबंध और स्कूलों की पढ़ाई के तरीके में बदलाव जैसे फैसले शामिल हो सकते हैं। हालांकि, ये कदम संबंधित आदेशों और परिस्थितियों के आधार पर लागू किए जाते हैं।
लोगों को बरतनी होगी सावधानी
दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए लोगों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को खराब हवा में अनावश्यक बाहर निकलने से बचना चाहिए।
GRAP-2 लागू होने के बाद अब संबंधित सरकारी एजेंसियों की जिम्मेदारी होगी कि वे प्रतिबंधों का प्रभावी ढंग से पालन कराएं। साथ ही लोगों से भी अपील है कि निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करें और प्रदूषण कम करने में सहयोग दें।
राजधानी में हवा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए आने वाले दिनों में प्रदूषण के स्तर पर लगातार नजर रखी जाएगी। अगर AQI और अधिक बिगड़ता है तो स्थिति के अनुसार GRAP के अगले चरण के प्रतिबंध भी लागू किए जा सकते हैं।