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Delhi Crime Branch Arrest: 15 साल से फरार लूट और आर्म्स एक्ट का आरोपी रोहिणी से गिरफ्तार

By aonenewstv | Published: Oct 24, 2026 03:16 PM

दिल्ली क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई: 15 साल से फरार लूट और आर्म्स एक्ट का आरोपी रोहिणी से गिरफ्तार

2011 में सुबह की सैर पर निकले व्यक्ति से चेन लूटने और विरोध करने पर चाकू से हमला करने का आरोप, गिरफ्तारी से बचने के लिए कोलकाता और बरेली में बदलता रहा ठिकाने

नई दिल्ली, 24 अक्टूबर 2026। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने करीब 15 वर्षों से फरार चल रहे लूट और आर्म्स एक्ट के मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रविंदर उर्फ सोनू उर्फ चिकन के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी वर्ष 2011 में दिल्ली के कीर्ति नगर थाना क्षेत्र में हुई चेन लूट और चाकू से हमले की घटना से जुड़े मामले में फरार चल रहा था।

क्राइम ब्रांच की टीम ने लगातार जांच और स्थानीय मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर 17 अक्टूबर 2026 को आरोपी को दिल्ली के रोहिणी इलाके से गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लंबे समय तक अलग-अलग शहरों में छिपकर रहता रहा।

15 साल पुराने मामले में क्राइम ब्रांच को मिली सफलता

दिल्ली पुलिस के अनुसार आरोपी रविंदर वर्ष 2011 से संबंधित आपराधिक मामले में वांछित था। लंबे समय तक उसका पता नहीं चलने के कारण पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।

क्राइम ब्रांच ने पुराने रिकॉर्ड और उपलब्ध जानकारियों के आधार पर आरोपी का पता लगाने के प्रयास जारी रखे।

जांच के दौरान स्थानीय मुखबिर से मिली सूचना महत्वपूर्ण साबित हुई। इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपी की गतिविधियों और ठिकाने के बारे में जानकारी जुटाई।

सूचना की पुष्टि होने पर 17 अक्टूबर को रोहिणी इलाके में कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

सुबह की सैर पर निकले व्यक्ति से हुई थी चेन लूट

यह मामला 11 मई 2011 का बताया जा रहा है। उस दिन दिल्ली के कीर्ति नगर थाना क्षेत्र के मानसरोवर गार्डन इलाके में सुबह की सैर पर निकले एक व्यक्ति के साथ लूट की घटना हुई थी।

पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर पीड़ित की चेन लूटने की वारदात को अंजाम दिया था।

जब पीड़ित ने लूट का विरोध किया, तो उस पर चाकू से हमला किए जाने का आरोप है।

इस घटना के बाद संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने जांच शुरू की, लेकिन रविंदर गिरफ्तारी से बचता रहा।

गिरफ्तारी से बचने के लिए बदलता रहा शहर

पुलिस की जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कई शहरों में अपने ठिकाने बदले।

बताया गया है कि वह दिल्ली से निकलकर पहले कोलकाता चला गया, जहां करीब एक वर्ष तक रहा।

इसके बाद उसने उत्तर प्रदेश के बरेली का रुख किया। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने अलग-अलग स्थानों पर रहकर अपनी पहचान और गतिविधियों को सीमित रखने की कोशिश की।

साल 2017 में वह दिल्ली लौट आया था। इसके बावजूद लंबे समय तक पुलिस की गिरफ्त से दूर रहा।

क्राइम ब्रांच अब आरोपी के फरारी के दौरान रहने के स्थानों और उससे जुड़ी अन्य जानकारियों की जांच कर रही है।

मुखबिर की सूचना बनी गिरफ्तारी का आधार

क्राइम ब्रांच की टीम को आरोपी के संबंध में स्थानीय स्तर से महत्वपूर्ण जानकारी मिली थी।

इसके बाद पुलिस ने पुराने मामले से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की और संभावित ठिकानों के बारे में जानकारी जुटाई।

पुलिस के अनुसार लगातार पड़ताल के बाद आरोपी की मौजूदगी रोहिणी इलाके में होने की पुष्टि हुई।

इसके आधार पर टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।

करीब 15 वर्षों से फरार आरोपी की गिरफ्तारी को दिल्ली पुलिस की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

रोहिणी से 17 अक्टूबर को हुई गिरफ्तारी

पुलिस ने बताया कि रविंदर को 17 अक्टूबर 2026 को रोहिणी से पकड़ा गया।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ लंबित मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।

पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने फरारी के दौरान किन स्थानों पर निवास किया और क्या उस अवधि में उसकी किसी अन्य आपराधिक गतिविधि में भूमिका रही।

हालांकि, किसी अन्य अपराध में उसकी संलिप्तता की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही की जा सकती है।

लूट और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले में था वांछित

पुलिस के अनुसार आरोपी लूट और आर्म्स एक्ट से संबंधित मामले में वांछित था।

वर्ष 2011 की घटना में पीड़ित से चेन लूटने और विरोध करने पर चाकू से हमला करने के आरोप सामने आए थे।

ऐसे मामलों में पुलिस को घटना से जुड़े साक्ष्य, पीड़ित के बयान और आरोपियों की भूमिका की जांच करनी होती है।

लंबे समय से फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद संबंधित मामले में न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता खुल सकता है।

आरोपी के खिलाफ आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत द्वारा साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा।

पुराने मामलों में फरार आरोपियों की तलाश महत्वपूर्ण

दिल्ली पुलिस समय-समय पर पुराने आपराधिक मामलों में फरार आरोपियों की तलाश के लिए विशेष कार्रवाई करती है।

कई मामलों में आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए दूसरे राज्यों में चले जाते हैं या लंबे समय तक अपने ठिकाने बदलते रहते हैं।

ऐसे आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुराने पुलिस रिकॉर्ड, स्थानीय सूचना तंत्र और विभिन्न स्थानों से प्राप्त जानकारियों का उपयोग किया जाता है।

रविंदर की गिरफ्तारी भी इसी तरह की लगातार जांच और सूचना जुटाने के बाद संभव हो सकी।

2011 की घटना से जुड़े सवालों की जांच

करीब डेढ़ दशक पुराने मामले में गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने कई महत्वपूर्ण पहलू हैं।

इनमें घटना के समय आरोपी की कथित भूमिका, उसके फरार रहने की परिस्थितियां और लंबे समय तक पुलिस से बचने के लिए अपनाए गए तरीके शामिल हैं।

जांच एजेंसियों के लिए पुराने मामलों में साक्ष्यों और गवाहों से संबंधित जानकारी का संरक्षण भी महत्वपूर्ण होता है।

पुलिस की आगे की कार्रवाई से मामले की वर्तमान कानूनी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

क्राइम ब्रांच की कार्रवाई से पुराने मामले में नई प्रगति

रविंदर की गिरफ्तारी से वर्ष 2011 के मामले में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय तक गिरफ्तारी से बचता रहा और विभिन्न शहरों में रहने के बाद दिल्ली लौट आया था।

क्राइम ब्रांच ने स्थानीय मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर उसकी तलाश पूरी की और रोहिणी से गिरफ्तार कर लिया।

अब संबंधित मामले में आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 15 साल से फरार रविंदर उर्फ सोनू उर्फ चिकन को गिरफ्तार कर पुराने लूट और आर्म्स एक्ट मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी पर 11 मई 2011 को मानसरोवर गार्डन इलाके में चेन लूटने और विरोध करने पर चाकू से हमला करने का आरोप है। 17 अक्टूबर को रोहिणी से हुई गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

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