विमान में हिरासत में लिए गए कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके, मां ने पूछा- यह कैसा न्याय?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके को शनिवार को विमान से ही हिरासत में लिए जाने का मामला सामने आया है। इस कार्रवाई पर उनकी मां ने नाराजगी जताई और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। बेटे को हिरासत में लिए जाने से दुखी मां ने कहा कि देश के लिए काम करने वाले लोगों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है।
बेटे की हिरासत पर भावुक हुईं मां
अभिजीत दिपके की मां ने बेटे को हिरासत में लिए जाने पर गहरी चिंता और दुख जाहिर किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने बेहद दुखी मन से अपने बेटे को विदा किया था। उस समय अभिजीत ने उनसे कुछ बातें कही थीं। बेटे की हिरासत की खबर सामने आने के बाद मां ने न्याय व्यवस्था और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए।
उन्होंने सवाल किया कि आखिर यह कौन सा न्याय है? उनके बयान में बेटे के प्रति चिंता और कार्रवाई को लेकर नाराजगी साफ दिखाई दी।
अभिजीत ने मां को दिया था भरोसा
अभिजीत दिपके की मां ने बताया कि उन्हें पहले से ही आशंका थी कि दिल्ली जाने पर उनके बेटे को हिरासत में लिया जा सकता है। उन्होंने घर से निकलते समय भी अभिजीत को आगाह किया था। हालांकि, अभिजीत ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि ऐसा कुछ नहीं होगा।
मां के मुताबिक, बेटे ने उन्हें समझाते हुए कहा था, “रोओ मत, जो होगा अच्छे के लिए होगा।” लेकिन बाद में हिरासत की खबर मिलने पर वह भावुक हो गईं।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर विवाद
कॉकरोच जनता पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया था। पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान अनियमितताएं हुई हैं। दिल्ली पुलिस ने निर्धारित प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी थी।
10 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचने पर अभिजीत दिपके के साथ पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास और प्रवक्ता आशुतोष रांका को भी विमान से हिरासत में लिया गया। इस कार्रवाई के बाद पार्टी ने विरोध जताया और अपने नेताओं को रिहा करने की मांग की।
लाठी लेकर रील बनाने वालों पर भी उठाए सवाल
अभिजीत दिपके की मां ने प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर लाठी लेकर रील बनाने वाले लोगों का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही, जबकि देश के लिए काम करने वाले युवाओं को हिरासत में लिया जा रहा है।
उन्होंने सरकार के रवैये पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उनके बेटे के साथ गलत हुआ है। फिलहाल यह मामला प्रदर्शन के अधिकार, पुलिस की कार्रवाई और चुनावी प्रक्रिया को लेकर जारी बहस के बीच चर्चा में है।