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CM Uttarakhand: बारिश के अलर्ट के बीच धामी ने अधिकारियों को सतर्क रहने के दिए निर्देश

By yogesh jindoria | Published: Sep 25, 2026 01:42 PM

CM Uttarakhand: बारिश के रेड अलर्ट के बीच धामी ने अधिकारियों को सतर्क रहने के दिए निर्देश

देहरादून: उत्तराखंड में सितंबर के अंतिम दिनों में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने और संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। 

IMD के 25 सितंबर को जारी पूर्वानुमान के मुताबिक 26 सितंबर को उत्तराखंड में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी है। इसके बाद 27 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 28 सितंबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 29 सितंबर से मौसम में राहत मिलने के संकेत हैं। 

26 सितंबर को इन जिलों में रेड अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार 26 सितंबर को बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर में रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली और अल्मोड़ा के लिए ऑरेंज अलर्ट तथा हरिद्वार, उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 

27 सितंबर को भी मौसम का असर कई जिलों में देखने को मिल सकता है। उस दिन देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल और हरिद्वार में रेड अलर्ट, जबकि उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल और रुद्रप्रयाग में ऑरेंज अलर्ट बताया गया है। 

CM धामी ने अधिकारियों को दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। सरकार का जोर संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, राहत-बचाव व्यवस्था को तैयार रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई पर है।

राज्य में बारिश के दौरान भूस्खलन, सड़क बंद होने, जलभराव और नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने जैसी परिस्थितियों पर विशेष नजर रखने की जरूरत होती है। प्रशासन को ऐसी स्थिति में प्रभावित लोगों तक समय पर मदद पहुंचाने की तैयारी रखने को कहा गया है। 

पहाड़ी और मैदानी इलाकों में अलग-अलग असर

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बारिश का असर राज्य के पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। कुमाऊं क्षेत्र के कई जिलों में 26 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

वहीं 27 सितंबर को गढ़वाल के कई जिलों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। तेज हवाओं और आकाशीय बिजली के साथ बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है। 

मानसून की विदाई से पहले फिर सक्रिय हुआ मौसम

उत्तराखंड में मानसून की विदाई का समय भी नजदीक आ रहा है। 24 सितंबर की मौसम रिपोर्ट में बताया गया था कि अगले कुछ दिनों में मानसून की वापसी की परिस्थितियां बन सकती हैं, हालांकि इससे पहले राज्य के कई हिस्सों में बारिश के दौर बढ़ने की संभावना है। 

25 सितंबर की IMD चेतावनी भी इसी अवधि में मौसम के सक्रिय रहने की पुष्टि करती है। विभाग ने 25 सितंबर को भारी बारिश, 26 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश, 27 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 28 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 

प्रशासन को राहत-बचाव के लिए तैयार रहने के निर्देश

बारिश और भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में सड़क संपर्क प्रभावित होने की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन को तैयार रहने की जरूरत है। आपदा प्रबंधन से जुड़े दलों को संभावित घटनाओं के लिए तैयार रखने और जरूरी सेवाओं की स्थिति पर निगरानी रखने पर जोर दिया गया है।

उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हैं। राज्य आपदा प्रबंधन व्यवस्था के तहत मौसम और आपदा संबंधी परिस्थितियों की निगरानी की जाती है। 

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों और यात्रियों के लिए सावधानी बरतना जरूरी है। भारी बारिश के दौरान नदी-नालों के आसपास जाने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रुकने और बिना जरूरत यात्रा करने से बचने की सलाह दी जाती है।

प्रशासन की ओर से जारी स्थानीय एडवाइजरी और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखना भी महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से 26 और 27 सितंबर को जिन जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट है, वहां मौसम की स्थिति में बदलाव पर लगातार नजर रखी जा रही है। 

29 सितंबर से राहत के संकेत

IMD के सात दिवसीय पूर्वानुमान में 29 सितंबर और उसके बाद उत्तराखंड के लिए कोई विशेष चेतावनी नहीं दी गई है। इससे संकेत मिलता है कि 28 सितंबर के बाद बारिश की तीव्रता में कमी आ सकती है। हालांकि स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव संभव है, इसलिए प्रशासनिक और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखना जरूरी रहेगा। 

 

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