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CM Delhi: रेखा गुप्ता समेत VVIP मतदाताओं का SIR वेरिफिकेशन पूरा, जानें क्या है मामला

By yogesh jindoria | Published: Sep 25, 2026 01:33 PM

CM Delhi: रेखा गुप्ता समेत कई VVIP मतदाताओं का SIR वेरिफिकेशन पूरा, अंतिम सूची में नाम रहेगा

नई दिल्ली: दिल्ली में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर 25 सितंबर को बड़ा अपडेट सामने आया है। चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, SIR के दौरान नोटिस पाने वाले कई प्रमुख मतदाताओं के विवरण का फील्ड वेरिफिकेशन पूरा कर लिया गया है। सत्यापन के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत कई प्रमुख लोगों के नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए सुरक्षित रखे गए हैं।

रेखा गुप्ता समेत कई प्रमुख नामों का सत्यापन

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अलावा बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, विदेश मंत्री एस जयशंकर और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत कई प्रमुख मतदाताओं को SIR प्रक्रिया के दौरान नोटिस जारी किए गए थे।

चुनाव अधिकारियों के अनुसार, इनमें से ज्यादातर मामलों में मतदाताओं के विवरण का 2002 में हुए पिछले SIR के रिकॉर्ड से मिलान नहीं हो पाया था। ऐसे मामलों को ‘अनमैप्ड विद लास्ट SIR’ के तौर पर चिन्हित किया गया था। कुछ अन्य मामलों में नाम, उम्र या अन्य विवरण से जुड़ी विसंगतियां सामने आई थीं।

घर जाकर BLO ने किया वेरिफिकेशन

नोटिस जारी होने के बाद बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) और अन्य चुनाव अधिकारियों की टीमों ने संबंधित मतदाताओं के विवरण का फील्ड वेरिफिकेशन किया। अधिकारियों ने निर्धारित दस्तावेजों के आधार पर मतदाता रिकॉर्ड की जांच की।

वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद इन प्रमुख मतदाताओं के नाम दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए सुरक्षित रखे गए हैं। अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जानी है।

33.13 लाख मतदाताओं को नोटिस के लिए चिन्हित किया गया

दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची में 97 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम शामिल हैं। वहीं, करीब 33.13 लाख मतदाताओं को उनके एन्यूमरेशन फॉर्म में सामने आई विसंगतियों के कारण नोटिस के लिए चिन्हित किया गया है।

चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, बड़ी संख्या में ऐसे मामले हैं जिनमें मौजूदा मतदाता विवरण का 2002 में तैयार पिछली SIR मतदाता सूची से मिलान नहीं हो सका। इसी तरह के मामलों की जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के लिए नोटिस की प्रक्रिया अपनाई गई है।

नोटिस का मतलब नाम कटना नहीं

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि SIR के दौरान नोटिस जारी होने का मतलब यह नहीं है कि संबंधित मतदाता का नाम सीधे मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा।

अधिकारियों के अनुसार, किसी मतदाता का नाम हटाने से पहले उसे अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाना जरूरी है। इसके बाद ही नियमों के तहत उचित आदेश पारित किया जा सकता है।

क्यों जारी किए गए थे प्रमुख लोगों को नोटिस?

निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत चुनावी डेटाबेस में चिन्हित प्रमुख व्यक्तियों के नामों और रिकॉर्ड का भी सत्यापन किया जा रहा है। इसमें जनप्रतिनिधि, न्यायपालिका से जुड़े लोग, घोषित पदों पर आसीन व्यक्ति तथा कला, संस्कृति, पत्रकारिता, खेल और सार्वजनिक सेवा जैसे क्षेत्रों से जुड़ी प्रमुख हस्तियां शामिल हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, इन मामलों में नोटिस का उद्देश्य दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया के दौरान जरूरी दस्तावेज हासिल करना और मतदाता रिकॉर्ड में मौजूद विसंगतियों को दूर करना था।

अंतिम मतदाता सूची पर नजर

दिल्ली में SIR प्रक्रिया के तहत मतदाता रिकॉर्ड की जांच और दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया जारी है। चुनाव अधिकारियों के अनुसार, सत्यापन के बाद पात्र मतदाताओं के नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।

इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत कई प्रमुख नामों का फील्ड वेरिफिकेशन पूरा होना महत्वपूर्ण अपडेट माना जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक सत्यापन के बाद इन नामों को 4 नवंबर को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए सुरक्षित रखा गया है।

 

 

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