CM जम्मू-कश्मीर उमर अब्दुल्ला: विधानसभा सत्र से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल, विकास वित्त पर भी चर्चा
श्रीनगर। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से जुड़ी जम्मू-कश्मीर की प्रमुख खबरों में 20 सितंबर 2026 को विधानसभा के आगामी शरद सत्र की तैयारियां और विकास वित्त से जुड़े मुद्दे प्रमुख हैं। जम्मू-कश्मीर विधानसभा का 10 दिवसीय शरद सत्र 21 सितंबर से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलेगा। सत्र से एक दिन पहले सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस ने अपने विधायकों और सरकार का समर्थन कर रहे निर्दलीय विधायकों की बैठक बुलाई है।
विधानसभा सत्र से पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस की बैठक
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 20 सितंबर को श्रीनगर में विधायक दल की बैठक बुलाई है। बैठक की अध्यक्षता पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री और विधानसभा में पार्टी के नेता उमर अब्दुल्ला भी इसमें शामिल होंगे।
बैठक में नेशनल कॉन्फ्रेंस के निर्वाचित विधायक और सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायक शामिल होंगे। पार्टी के मुख्य सचेतक मुबारक गुल के अनुसार, बैठक में विधानसभा के आगामी सत्र के दौरान उठाए जाने वाले राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों तथा सदन में विधायकों के बीच समन्वय पर चर्चा की जाएगी।
21 सितंबर से शुरू होगा विधानसभा का शरद सत्र
जम्मू-कश्मीर विधानसभा का शरद सत्र 21 सितंबर से शुरू होगा और 30 सितंबर तक चलेगा। आधिकारिक विधानसभा पोर्टल के अनुसार इस सत्र में कुल 7 बैठकें निर्धारित हैं।
सत्र से पहले विभिन्न राजनीतिक दल अपने विधायक दल की बैठकें कर रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार बिजली दरों, बेरोजगारी, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों और सरकारी कामकाज की गति जैसे सार्वजनिक मुद्दे सत्र के दौरान उठाए जा सकते हैं। ये मुद्दे विपक्ष और अन्य राजनीतिक दलों की ओर से उठाए जाने की तैयारी के रूप में रिपोर्ट किए गए हैं।
विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने सभी दलों के नेताओं के साथ बैठक कर सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने की अपील की है। उन्होंने विधायकों से सार्वजनिक महत्व के मुद्दों पर केंद्रित और अनुशासित चर्चा की अपेक्षा जताई।
विकास वित्त को लेकर दिल्ली सम्मेलन में शामिल हुए CM उमर
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नई दिल्ली में आयोजित ‘Financing India’s Journey towards Viksit Bharat’ नामक दो दिवसीय उच्चस्तरीय सम्मेलन के समापन सत्र में हिस्सा लिया। सम्मेलन का आयोजन केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने किया था, जिसमें राज्यों और विधानमंडल वाले केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों, वित्त सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
सम्मेलन में भारत के दीर्घकालिक विकास के लिए वित्तीय रणनीतियों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने जम्मू-कश्मीर के संदर्भ में विकास वित्त, कृषि विपणन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों को महत्वपूर्ण बताया। सम्मेलन में व्यापक आर्थिक परिदृश्य, कृषि क्षेत्र में बदलाव के वित्तपोषण और ऊर्जा संक्रमण जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।
जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए वित्तीय रास्तों पर जोर
सम्मेलन में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के दीर्घकालिक विकास के लिए नए वित्तीय विकल्पों और निवेश से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के विकास की आवश्यकताओं के संदर्भ में इन चर्चाओं के महत्व को रेखांकित किया।
कृषि क्षेत्र में बदलाव, ऊर्जा क्षेत्र में निवेश और विकास परियोजनाओं के वित्तपोषण जैसे विषय जम्मू-कश्मीर की आर्थिक योजनाओं के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हैं। सम्मेलन में विशेषज्ञों और अर्थशास्त्रियों ने इन क्षेत्रों में आने वाली चुनौतियों और संभावित अवसरों पर विचार साझा किए।
लद्दाख के मुद्दे पर उमर अब्दुल्ला की टिप्पणी
हाल में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने लद्दाख के नेताओं से संवैधानिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर केंद्र से लिखित आश्वासन लेने की सलाह दी थी। यह टिप्पणी लद्दाख के संवैधानिक और प्रशासनिक अधिकारों से जुड़े विमर्श के संदर्भ में सामने आई।
उमर अब्दुल्ला ने इस मुद्दे पर अपने पिछले अनुभवों का हवाला देते हुए औपचारिक लिखित प्रतिबद्धताओं के महत्व की बात कही। यह उनका सार्वजनिक राजनीतिक बयान है।
जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक गतिविधियां तेज
विधानसभा के शरद सत्र से पहले जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ गई हैं। सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ कांग्रेस और विपक्षी भाजपा भी अपने विधायक दल की बैठकों के जरिए विधानसभा सत्र की रणनीति तैयार कर रहे हैं।
ऐसे में 21 सितंबर से शुरू होने वाला विधानसभा सत्र राज्य सरकार के कामकाज, जनहित के मुद्दों और विभिन्न राजनीतिक दलों की प्राथमिकताओं पर चर्चा का प्रमुख मंच रहेगा।
20 सितंबर की प्रमुख CM जम्मू-कश्मीर खबर
CM जम्मू-कश्मीर उमर अब्दुल्ला से जुड़ी 20 सितंबर 2026 की प्रमुख खबरों में विधानसभा के शरद सत्र से पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस की विधायक दल की बैठक और नई दिल्ली में विकास वित्त सम्मेलन में उनकी भागीदारी प्रमुख है। विधानसभा का शरद सत्र 21 से 30 सितंबर तक चलेगा, जबकि दिल्ली सम्मेलन में जम्मू-कश्मीर के विकास वित्त, कृषि विपणन और नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।