CJP की तिरंगा यात्रा से पहले व्यापारियों ने उठाए सवाल, बोले- हमें जीने-खाने दो, कनॉट प्लेस ही क्यों?
नई दिल्ली: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की प्रस्तावित तिरंगा यात्रा से पहले कनॉट प्लेस के व्यापारियों ने प्रदर्शन की जगह को लेकर सवाल उठाए हैं। व्यापारियों का कहना है कि विरोध-प्रदर्शन के लिए कनॉट प्लेस को ही क्यों चुना गया है? उनका कहना है कि ऐसे आयोजनों से बाजार का कारोबार प्रभावित हो सकता है और आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
CJP की प्रस्तावित तिरंगा यात्रा को लेकर दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में होने वाले प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन भी महत्वपूर्ण हो गया है।
‘हमें जीने-खाने दो’, व्यापारियों ने जताई चिंता
कनॉट प्लेस दिल्ली के प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में दुकानें, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं। रोजाना हजारों लोग खरीदारी, खानपान और दूसरे कामों के लिए इस इलाके में पहुंचते हैं।
व्यापारियों की चिंता है कि प्रदर्शन के दौरान सड़कों पर भीड़ बढ़ने, यातायात प्रतिबंध लगने और ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होने से कारोबार पर असर पड़ सकता है। इसी वजह से उन्होंने सवाल उठाया है कि विरोध दर्ज कराने के लिए किसी दूसरे स्थान का चयन क्यों नहीं किया गया।
व्यापारियों का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करना एक अधिकार है, लेकिन इसके साथ बाजार में काम करने वाले लोगों की आजीविका और आम नागरिकों की सुविधा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
CJP क्यों निकाल रही है तिरंगा यात्रा?
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके के नेतृत्व में प्रस्तावित तिरंगा यात्रा को पार्टी ने ‘लहरा दो तिरंगा’ नाम दिया है। पार्टी की ओर से समर्थकों और आम लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की गई है।
यह प्रदर्शन पार्टी नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के बाद बुलाया गया है। CJP मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी कर रही है। इसके अलावा पार्टी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। ये पार्टी के आरोप और मांगें हैं, जिनकी पुष्टि संबंधित तथ्यों और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर की जानी चाहिए।
तिरंगा यात्रा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था
प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करने की है।
प्रदर्शन को रोकने की मांग भी अदालत में उठाई गई थी। हालांकि, दिल्ली हाई कोर्ट ने 15 अक्टूबर को इस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत की कार्यवाही में पुलिस की ओर से नियमों के अनुसार कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दर्ज किया गया।
दिल्ली में ट्रैफिक पर पड़ सकता है असर
कनॉट प्लेस में प्रदर्शन के चलते आसपास की सड़कों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका है। संसद मार्ग, जनपथ और बाराखंभा रोड जैसे व्यस्त इलाकों से गुजरने वाले लोगों को परेशानी हो सकती है।
ऐसे में यात्रियों को घर से निकलने से पहले दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की आधिकारिक एडवाइजरी देखने और अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी जाती है। जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
कारोबार और विरोध के बीच संतुलन की मांग
इस पूरे मामले में व्यापारियों का मुख्य सवाल यह है कि विरोध-प्रदर्शन के लिए ऐसा स्थान क्यों चुना जाए, जहां दुकानदारों और आम लोगों की रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित होने की आशंका हो। व्यापारियों की मांग है कि प्रदर्शन के दौरान बाजार के कारोबार और ग्राहकों की आवाजाही को भी ध्यान में रखा जाए।
वहीं, CJP अपने मुद्दों को लेकर प्रदर्शन करना चाहती है। ऐसे में प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ सार्वजनिक सुविधा और व्यापारिक गतिविधियों को यथासंभव सामान्य रखने की चुनौती है।
अब सबकी नजर प्रस्तावित तिरंगा यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और कनॉट प्लेस के बाजार पर पड़ने वाले असर पर है।