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BRICS Dinner Menu Controversy: डिनर के मेन्यू पर राहुल गांधी और कांग्रेस का हमला, BJP ने किया पलटवार

By yogesh jindoria | Published: Sep 13, 2026 12:15 PM

BRICS Dinner Menu Controversy: डिनर के मेन्यू पर सियासी घमासान

नई दिल्ली: BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान आयोजित डिनर के मेन्यू को लेकर देश में सियासी बहस छिड़ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में BRICS नेताओं और प्रतिनिधियों के लिए डिनर का आयोजन किया था। इस डिनर में पूरी तरह शाकाहारी भारतीय व्यंजन परोसे गए। इसके बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मेन्यू को लेकर सवाल उठाया और कहा कि भारत में बड़ी संख्या में लोग नॉनवेज खाना खाते हैं। उनके बयान के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई।

राहुल गांधी ने उठाया मेन्यू पर सवाल

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर BRICS डिनर के मेन्यू को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने लिखा कि रिकॉर्ड के लिए भारत के 80 प्रतिशत लोग नॉनवेज खाते हैं। उन्होंने भारतीय नॉनवेज खाने को स्वादिष्ट बताते हुए अपनी बहन के छोले-भटूरे का भी जिक्र किया।

राहुल गांधी की यह टिप्पणी BRICS डिनर में परोसे गए शाकाहारी मेन्यू के संदर्भ में आई। उनके बयान के बाद यह मुद्दा सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया।

क्या था BRICS डिनर का मेन्यू?

BRICS नेताओं और प्रतिनिधियों के लिए आयोजित डिनर में भारतीय व्यंजनों को प्रमुखता दी गई थी। मेन्यू में खांडवी, पनीर लबाबदार, गुच्ची मार्मिक, मिलेट पुलाव, मशरूम गलौटी और जलेबी जैसे व्यंजन शामिल थे।

डिनर में मोटे अनाज यानी मिलेट्स से तैयार व्यंजनों को भी खास महत्व दिया गया। इसका उद्देश्य भारतीय खानपान की विविधता और पारंपरिक भोजन को अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के सामने प्रस्तुत करना था।

पवन खेड़ा ने भी साधा निशाना

राहुल गांधी के बयान के बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि भारत में कई तरह के प्रसिद्ध नॉनवेज व्यंजन उपलब्ध हैं, तो BRICS देशों से आए नेताओं के सामने उन्हें मेन्यू में क्यों शामिल नहीं किया गया।

कांग्रेस ने इसे केवल भारतीयों की पसंद का मुद्दा नहीं बताया, बल्कि विदेशी मेहमानों के सामने भारतीय खानपान की विविधता को प्रदर्शित करने से भी जोड़कर सवाल उठाए।

बीजेपी ने किया पलटवार

कांग्रेस के आरोपों पर बीजेपी ने पलटवार किया। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने विपक्ष के हमले पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर शिखर सम्मेलन जैसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आयोजन की आलोचना के लिए विपक्ष के पास केवल खाने का मुद्दा है, तो यह उसकी प्राथमिकताओं को दिखाता है।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस BRICS जैसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच के आयोजन को भी खाने के मुद्दे पर राजनीतिक रंग दे रही है।

BRICS समिट का समापन

BRICS का 18वां शिखर सम्मेलन 13 सितंबर को नई दिल्ली में समाप्त हुआ। भारत ने दो दिवसीय सम्मेलन की मेजबानी की, जिसमें विस्तारित BRICS समूह के सदस्य देशों के नेता और प्रतिनिधि शामिल हुए।

सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक सहयोग, आपूर्ति श्रृंखला और तकनीक के साथ-साथ क्रिटिकल मिनरल्स को हथियार के रूप में इस्तेमाल किए जाने के खतरे पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रवृत्तियां साझा विकास और वैश्विक समृद्धि में बाधा बन सकती हैं।

BRICS डिनर का शाकाहारी मेन्यू अब सम्मेलन के अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों के साथ-साथ राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है। कांग्रेस जहां इसे खानपान की पसंद और भारतीय व्यंजनों की विविधता से जोड़ रही है, वहीं बीजेपी इसे विपक्ष की राजनीतिक आलोचना बता रही है।

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