Boxing Federation of India में घमासान, अजय सिंह और प्रमोद कुमार आमने-सामने; 28 अक्टूबर की बैठक पर टिकी नजरें
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर 2026। भारतीय बॉक्सिंग फेडरेशन (BFI) में अध्यक्ष अजय सिंह और महासचिव प्रमोद कुमार के बीच विवाद गहरा गया है। फेडरेशन के प्रशासनिक कामकाज, कथित वित्तीय अनियमितताओं और अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर दोनों पक्षों के बीच टकराव सामने आया है। इस पूरे मामले में 28 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित विशेष आम सभा (SGM) की बैठक महत्वपूर्ण हो गई है। हालांकि, बैठक की वैधता को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
अध्यक्ष अजय सिंह ने महासचिव प्रमोद कुमार को किया निलंबित
14 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, BFI अध्यक्ष अजय सिंह ने महासचिव प्रमोद कुमार को तत्काल प्रभाव से अंतरिम रूप से निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई उनके खिलाफ लगाए गए कथित वित्तीय अनियमितताओं, जांच में सहयोग नहीं करने और अधिकारों के दुरुपयोग के आरोपों के बीच की गई।
निलंबन आदेश में कहा गया कि जांच पूरी होने तक या सक्षम प्राधिकारी की ओर से आदेश में बदलाव किए जाने तक यह कार्रवाई प्रभावी रहेगी। फेडरेशन ने यह भी स्पष्ट किया कि निलंबन को आरोपों पर अंतिम फैसला नहीं माना जाना चाहिए। मामले की जांच निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जानी है।
प्रसारण समझौते को लेकर उठे सवाल
फेडरेशन की ओर से प्रमोद कुमार पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने आवश्यक मंजूरी के बिना प्रसारण व्यवस्था के लिए वर्क ऑर्डर जारी किया था। यह मामला नवंबर 2025 में ग्रेटर नोएडा में आयोजित विश्व बॉक्सिंग फाइनल्स कप के प्रसारण से जुड़ा बताया गया है।
फेडरेशन के अनुसार, प्रसारण कंपनी पिनेकल ब्रॉडकास्ट प्रोडक्शंस ने आयोजन के प्रसारण के लिए करीब 1.5 करोड़ रुपये के भुगतान का दावा किया था। दूसरी ओर, प्रमोद कुमार की ओर से पहले कहा गया था कि कंपनी ने आयोजन के प्रायोजन और प्रसारण के लिए दो करोड़ रुपये देने का आश्वासन दिया था।
रिपोर्टों के मुताबिक, कंपनी ने इस तरह का आश्वासन देने से इनकार किया। इसी विवाद को लेकर फेडरेशन ने वित्तीय दायित्वों और मंजूरी की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। ये आरोप जांच के अधीन हैं और इन्हें अंतिम रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता।
राष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप रद्द होने की जांच भी विवाद में
फेडरेशन ने हिमाचल प्रदेश के नाहन में प्रस्तावित राष्ट्रीय स्तर की एलीट पुरुष एवं महिला ओपन बॉक्सिंग चैंपियनशिप रद्द होने के मामले का भी उल्लेख किया है। यह प्रतियोगिता 16 से 23 अगस्त 2026 के बीच आयोजित होनी थी।
फेडरेशन के अनुसार, प्रतियोगिता रद्द होने के कारणों की जांच के लिए समिति बनाई गई थी। प्रमोद कुमार पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने समिति के सवालों और नोटिसों का संतोषजनक जवाब नहीं दिया तथा जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं किया।
इन आरोपों के आधार पर फेडरेशन ने उनके खिलाफ अंतरिम कार्रवाई की। मामले की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने और संबंधित तथ्यों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
अजय सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी
फेडरेशन के भीतर विवाद का दूसरा बड़ा पहलू अध्यक्ष अजय सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव है। प्रमोद कुमार ने दावा किया है कि कई राज्य इकाइयां और कार्यकारी बोर्ड के सदस्य अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव के समर्थन में हैं।
इस संबंध में 28 अक्टूबर को विशेष आम सभा की बैठक बुलाने की बात सामने आई है। बैठक में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और संभावित मतदान को लेकर विवाद जारी है।
हालांकि, फेडरेशन के कार्यकारी निदेशक कर्नल अरुण मलिक ने प्रस्तावित बैठक की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बैठक फेडरेशन के संविधान के अनुरूप नहीं है। इस कारण यह स्पष्ट नहीं है कि प्रस्तावित बैठक किस रूप में आगे बढ़ेगी।
प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर लगाए आरोप
प्रमोद कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अजय सिंह और फेडरेशन के कार्यकारी निदेशक कर्नल अरुण मलिक पर कथित धमकी और अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया को रोकने की कोशिश करने के आरोप लगाए थे।
कुमार का दावा था कि प्रस्ताव का समर्थन करने वाली कुछ राज्य इकाइयों पर भी दबाव बनाया गया। उन्होंने फेडरेशन के आधिकारिक ईमेल खाते तक पहुंच प्रभावित होने की बात भी कही।
दूसरी ओर, कर्नल अरुण मलिक ने इन आरोपों को निराधार बताया और ईमेल पहुंच रोके जाने के दावे से इनकार किया। इस तरह दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ आरोप और प्रत्यारोप सामने आए हैं।
सात आरोपों और प्रशासनिक विवाद को लेकर चर्चा
फेडरेशन के प्रशासनिक कामकाज को लेकर सामने आए पत्रों में एकतरफा फैसले लेने, निर्धारित प्रक्रिया के बिना संविधान में बदलाव की कोशिश और अधिकारों के इस्तेमाल जैसे मुद्दों पर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों के साथ वित्तीय लेनदेन, जांच में सहयोग और बैठक बुलाने की प्रक्रिया भी विवाद का हिस्सा बनी हुई है।
फेडरेशन के भीतर जारी विवाद का असर उसके प्रशासनिक निर्णयों और संगठनात्मक कामकाज पर पड़ सकता है। हालांकि, किसी भी पक्ष के आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित दस्तावेजों, जांच और फेडरेशन के संविधान के प्रावधानों के आधार पर ही निकाला जा सकता है।
28 अक्टूबर की बैठक पर टिकी नजरें
भारतीय बॉक्सिंग फेडरेशन में जारी विवाद के बीच अब 28 अक्टूबर 2026 की प्रस्तावित विशेष आम सभा की बैठक पर नजरें टिकी हैं। इस बैठक की वैधता, अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया और दोनों पक्षों के अगले कदम से यह तय होगा कि विवाद किस दिशा में आगे बढ़ता है।
फिलहाल, महासचिव प्रमोद कुमार के निलंबन और अध्यक्ष अजय सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर स्थिति विवादित बनी हुई है। जांच के निष्कर्ष और फेडरेशन के संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार होने वाली आगे की कार्रवाई इस पूरे प्रकरण में महत्वपूर्ण होगी।