बिहार MLC चुनाव में महागठबंधन में घमासान, 8 सीटों पर आज नामांकन का आखिरी दिन, 6 सीटों पर RJD-कांग्रेस-लेफ्ट आमने-सामने
बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर महागठबंधन के अंदर सीट बंटवारे का विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। मंगलवार यानी 6 अक्टूबर को नामांकन दाखिल करने का आखिरी दिन है। इन 8 सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। चुनाव में 4 स्नातक और 4 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।
महागठबंधन में सीटों को लेकर नहीं बनी सहमति
विधान परिषद चुनाव में आरजेडी, कांग्रेस और वाम दलों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर सहमति नहीं बन सकी। नतीजा यह हुआ कि गठबंधन के सहयोगी ही कई सीटों पर एक-दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार उतारकर मैदान में आ गए हैं।
आरजेडी ने 7 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि कांग्रेस ने 5 सीटों पर प्रत्याशी घोषित किए हैं। इसके अलावा सीपीआई ने 2 और सीपीएम ने एक सीट पर उम्मीदवार उतारा है। कई सीटों पर इन दलों के प्रत्याशी आमने-सामने हैं।
दरभंगा शिक्षक सीट पर सबसे दिलचस्प मुकाबला
महागठबंधन के अंदर सबसे ज्यादा चर्चा दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की हो रही है। यहां कांग्रेस के मौजूदा एमएलसी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा चुनाव मैदान में हैं। उनके सामने आरजेडी ने भी अपना प्रत्याशी उतार दिया है। वहीं सीपीएम के उम्मीदवार के मैदान में आने से मुकाबला और त्रिकोणीय हो गया है।
ऐसे में यह सीट महागठबंधन के अंदर आपसी ताकत और संगठनात्मक पकड़ की परीक्षा बन गई है। कांग्रेस इस सीट पर अपने पुराने आधार को बनाए रखने की कोशिश करेगी, जबकि आरजेडी अपने संगठन और राजनीतिक प्रभाव के दम पर चुनौती दे रही है।
पटना स्नातक सीट पर भी आमने-सामने RJD-कांग्रेस
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में आरजेडी ने दिलीप कुमार को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस की ओर से डॉ. असदुल्लाह खान चुनाव मैदान में हैं। इसी तरह दरभंगा स्नातक सीट पर भी दोनों सहयोगी दलों ने अपने-अपने उम्मीदवार उतारे हैं।
महागठबंधन के सहयोगियों के बीच यह सीधा मुकाबला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कुछ ही समय पहले तक ये दल एक साथ चुनाव लड़ने और बीजेपी-जेडीयू के नेतृत्व वाले एनडीए को चुनौती देने की रणनीति पर जोर देते रहे हैं।
8 सीटों पर चुनाव, 4 शिक्षक और 4 स्नातक सीटें
बिहार विधान परिषद की जिन 8 सीटों पर चुनाव हो रहा है, उनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इन सीटों के मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है।
चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक 6 अक्टूबर को नामांकन प्रक्रिया खत्म होगी। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी।
महागठबंधन की एकजुटता पर उठे सवाल
विधान परिषद चुनाव में जिस तरह आरजेडी, कांग्रेस और वाम दलों ने कई सीटों पर एक-दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार उतारे हैं, उससे महागठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
राजनीतिक तौर पर यह मुकाबला इसलिए भी अहम है क्योंकि सहयोगी दलों के बीच सीटों पर तालमेल नहीं होने का असर चुनावी रणनीति पर पड़ सकता है। वहीं, एनडीए के लिए विपक्षी खेमे की यह अंदरूनी लड़ाई अपने उम्मीदवारों के लिए फायदा उठाने का मौका बन सकती है।
अब नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तस्वीर साफ होगी कि कितनी सीटों पर महागठबंधन के सहयोगी दलों के बीच सीधा मुकाबला कायम रहता है और कितने उम्मीदवार नाम वापस लेते हैं।