Basti CO Mansi Dahiya: लंबित मुकदमों के निस्तारण को लेकर सख्त, विवेचकों की ली क्लास
बस्ती। जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा लंबित मुकदमों के त्वरित निस्तारण को लेकर पुलिस अधिकारियों ने सख्ती शुरू कर दी है। इसी क्रम में सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी सदर मानसी दहिया ने थाना कोतवाली और महिला थाना के विवेचकों के साथ अर्दली रूम कर लंबित मामलों की गहन समीक्षा की।
समीक्षा के दौरान सीओ सदर मानसी दहिया ने एक-एक कर लंबित मुकदमों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने विवेचकों से मुकदमों में अब तक की गई कार्रवाई, साक्ष्य संकलन और विवेचना के दौरान सामने आ रही समस्याओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की।
लंबित मामलों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
मानसी दहिया ने विवेचकों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों का निस्तारण निष्पक्ष, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए। उन्होंने कहा कि विवेचना में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और प्रत्येक मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने विवेचकों को निर्देशित किया कि मुकदमों की विवेचना के दौरान साक्ष्यों को गंभीरता से संकलित किया जाए और किसी भी महत्वपूर्ण तथ्य की अनदेखी न हो। साथ ही लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करते हुए उन्हें निर्धारित समय सीमा में निस्तारित करने पर जोर दिया गया।
वांछित अभियुक्तों और NBW आरोपियों पर सख्ती
समीक्षा बैठक में वांछित अभियुक्तों और गैर-जमानती वारंट (NBW) वाले आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर भी निर्देश दिए गए। सीओ सदर ने कहा कि ऐसे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रभावी कार्रवाई तेज की जाए और पुलिस टीमें लगातार प्रयास करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि गंभीर मामलों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके और कानून का भय अपराधियों में बना रहे।
महिला और बाल अपराध के मामलों को प्राथमिकता
अर्दली रूम के दौरान महिला एवं बाल अपराध से जुड़े मामलों पर विशेष जोर दिया गया। मानसी दहिया ने निर्देश दिए कि महिलाओं और बच्चों से संबंधित मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की विवेचना में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। पीड़ितों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए साक्ष्यों का समय पर संकलन और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
विवेचना में गुणवत्ता पर जोर
सीओ सदर ने विवेचकों से कहा कि किसी भी मुकदमे की विवेचना केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। मामले से जुड़े सभी तथ्यों, साक्ष्यों और परिस्थितियों का गहन अध्ययन कर निष्पक्ष विवेचना की जानी चाहिए।
उन्होंने विवेचकों को निर्देश दिया कि यदि किसी मामले की जांच में कोई व्यावहारिक या तकनीकी समस्या सामने आ रही है तो उसे उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया जाए, ताकि उसका समय रहते समाधान किया जा सके।
जवाबदेही तय करने की दिशा में कदम
Basti CO Mansi Dahiya की ओर से लंबित मुकदमों की इस तरह समीक्षा को पुलिसिंग में जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अर्दली रूम के जरिए लंबित मामलों की स्थिति की सीधे समीक्षा करने से विवेचकों पर मामलों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भी तय होती है।
मानसी दहिया अपनी तेजतर्रार और संवेदनशील कार्यशैली के लिए चर्चा में रहती हैं। इस पहल के जरिए लंबित मुकदमों के निस्तारण के साथ-साथ पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने और पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का उद्देश्य लंबित मामलों की संख्या कम करने के साथ विवेचना की गुणवत्ता में सुधार करना और कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाना है।
रिपोर्ट: जावेद अख्तर