मोदीनगर के स्कूलों में पॉक्सो एक्ट जागरूकता कार्यक्रम, बच्चों को बताए कानूनी अधिकार
गाजियाबाद। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में 29 सितंबर 2026 को मोदीनगर क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा और उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से पॉक्सो एक्ट जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान के दौरान विद्यार्थियों को पॉक्सो कानून के प्रावधानों, बाल अधिकारों और किसी भी आपात स्थिति में उठाए जाने वाले सुरक्षा कदमों की जानकारी दी गई।
यह पॉक्सो एक्ट जागरूकता कार्यक्रम मोदीनगर के सी.पी.एस. इंटरनेशनल स्कूल, गोविंदपुरी, तुलसी राम माहेश्वरी पब्लिक स्कूल, पी.बी.एस. स्कूल और रुक्मिणी गर्ल्स इंटर कॉलेज में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान पैनल अधिवक्ता संजय मुद्गल और पैनल अधिवक्ता संगीता ने विद्यार्थियों को पॉक्सो यानी Protection of Children from Sexual Offences Act से संबंधित महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को उनके अधिकारों के साथ-साथ यौन अपराधों और अनुचित व्यवहार से बचाव के उपाय भी समझाए।
अधिवक्ताओं ने विद्यार्थियों से कहा कि यदि उनके साथ किसी भी तरह का अनुचित व्यवहार, उत्पीड़न या यौन अपराध होता है तो वे डरकर चुप न रहें। ऐसी स्थिति में तत्काल अपने माता-पिता, अभिभावक, शिक्षक या पुलिस को सूचना देने की सलाह दी गई। बच्चों को यह भी समझाया गया कि उनकी सुरक्षा के लिए कानून में विशेष प्रावधान किए गए हैं और जरूरत पड़ने पर कानूनी सहायता भी प्राप्त की जा सकती है।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को यह बताया गया कि किसी भी संदिग्ध या असहज स्थिति को नजरअंदाज करने के बजाय विश्वसनीय वयस्क को इसकी जानकारी देना जरूरी है। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में कानून के प्रति जानकारी बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अपनी सुरक्षा और अधिकारों के प्रति सजग बनाना रहा।
इस अभियान को सफल बनाने में पैरा लीगल वॉलंटियर्स (PLV) नीलम गोस्वामी, नीलम वर्मा, मनीषा रानी और जयश्री कश्यप का विशेष योगदान रहा। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन और विद्यार्थियों तक कानूनी जागरूकता संबंधी जानकारी पहुंचाने में सहयोग किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित इस अभियान के माध्यम से विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा, उनके कानूनी अधिकारों और पॉक्सो कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।