जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर बढ़ी नाराजगी, CM उमर अब्दुल्ला आज असंतुष्ट विधायकों से करेंगे मुलाकात
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर की राजनीति में नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के भीतर चल रही नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला 6 नवंबर को पार्टी के असंतुष्ट विधायकों के साथ बैठक करने जा रहे हैं। इस बैठक में विधायकों की शिकायतें सुनी जाएंगी और पार्टी के भीतर चल रहे मतभेदों को दूर करने की कोशिश की जाएगी।
यह बैठक हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 27 अक्टूबर को उमर अब्दुल्ला सरकार ने कैबिनेट में बदलाव करते हुए चार नए मंत्रियों को शामिल किया था, जबकि एक मौजूदा मंत्री को मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद पार्टी के कुछ विधायकों में नाराजगी की खबरें सामने आईं।
कैबिनेट विस्तार के बाद क्यों नाराज हैं विधायक?
नेशनल कॉन्फ्रेंस के कुछ विधायक मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने और सरकार में अपनी भूमिका को लेकर असंतुष्ट बताए जा रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, विधायकों का एक समूह पिछले कुछ दिनों से लगातार बैठकें कर रहा है और अपनी मांगों को लेकर पार्टी नेतृत्व के सामने साझा पक्ष रखने की तैयारी में है।
विधायकों की नाराजगी केवल मंत्री पद तक सीमित नहीं बताई जा रही है। कुछ नेताओं का मानना है कि सरकार के फैसलों में निर्वाचित विधायकों की भागीदारी और पार्टी के भीतर संवाद को और मजबूत किया जाना चाहिए।
बैठक में उठ सकते हैं ये मुद्दे
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, असंतुष्ट विधायकों की ओर से मंत्रिमंडल में फेरबदल, कुछ मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा और मुख्यमंत्री के सलाहकारों की भूमिका जैसे मुद्दे उठाए जा सकते हैं।
इसके अलावा जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस दिलाने और अनुच्छेद 370 से जुड़े राजनीतिक वादों पर अधिक सक्रिय रुख अपनाने की मांग भी चर्चा में बताई जा रही है। हालांकि, इन मांगों और विधायकों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टें सामने आई हैं। पार्टी नेतृत्व की ओर से इन सभी मांगों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
फारूक अब्दुल्ला भी बातचीत की कोशिश में
रिपोर्टों के मुताबिक, नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला भी पार्टी के भीतर नाराजगी दूर करने के प्रयासों में शामिल हैं। नेतृत्व की कोशिश है कि विधायकों के बीच बढ़ते मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाया जाए और संगठन में एकजुटता बनाए रखी जाए।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की इस बैठक को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि कैबिनेट विस्तार के बाद पार्टी के भीतर असंतोष की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।
विकास कार्यों और सरकारी वादों पर भी सरकार का जोर
इस राजनीतिक घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हाल ही में मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। उन्होंने विभागों से बजट में किए गए वादों और चुनावी घोषणापत्र के कार्यान्वयन की समीक्षा करने को कहा है।
मुख्यमंत्री ने लंबित परियोजनाओं को पूरा करने, सरकारी धन का बेहतर इस्तेमाल करने और आम जनता की शिकायतों का समय पर समाधान करने पर जोर दिया है।
सर्दियों की तैयारियों को लेकर भी निर्देश
जम्मू-कश्मीर में सर्दियों का मौसम शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री ने दूरदराज के इलाकों में जरूरी वस्तुओं और राशन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से आवश्यक सेवाओं को बिना रुकावट जारी रखने और विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने को कहा है।
अब 6 नवंबर को होने वाली बैठक पर राजनीतिक नजरें टिकी हैं। देखना होगा कि उमर अब्दुल्ला पार्टी के असंतुष्ट विधायकों की शिकायतों को किस तरह दूर करते हैं और कैबिनेट विस्तार के बाद पैदा हुए मतभेदों को सुलझाने में कितनी सफलता मिलती है।