CM योगी के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले X अकाउंट पर FIR, लखनऊ के हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट और अभद्र टिप्पणियां करने का मामला सामने आया है। इस मामले में लखनऊ के हजरतगंज थाने में एक X अकाउंट के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। शिकायत भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के लखनऊ महानगर नगर महामंत्री अमित त्रिपाठी ने की है। उन्होंने पुलिस से संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट संचालित करने वाले व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
‘उ से उत्तर प्रदेश’ X अकाउंट के खिलाफ शिकायत
अमित त्रिपाठी ने हजरतगंज थाने में दी गई लिखित शिकायत में बताया कि ‘उ से उत्तर प्रदेश’ नाम के X अकाउंट से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रही हैं। उन्होंने इन पोस्ट पर आपत्ति जताते हुए पुलिस से मामले में मुकदमा दर्ज करने और अकाउंट संचालक के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री के खिलाफ इस तरह की टिप्पणियां की जा रही हैं, जिस पर कानूनी कार्रवाई जरूरी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है।
5 नवंबर की रात दर्ज हुई FIR
हजरतगंज थाने में इस मामले में 5 नवंबर 2026 को रात 8 बजकर 50 मिनट पर FIR दर्ज की गई। मुकदमे का नंबर 0241 है। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319(2) और 336(4) के साथ सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम, 2008 की धारा 66C भी लगाई है।
इन धाराओं के तहत पुलिस मामले की जांच करेगी और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पड़ताल की जाएगी।
अकाउंट संचालक की पहचान करने की मांग
अमित त्रिपाठी ने पुलिस से मांग की है कि ‘उ से उत्तर प्रदेश’ नाम का X अकाउंट चलाने वाले व्यक्ति की पहचान की जाए और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। फिलहाल शिकायत के आधार पर FIR दर्ज होने के बाद मामले में पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई अहम मानी जा रही है।
इस मामले में अभी तक संबंधित अकाउंट के संचालक की पहचान सार्वजनिक नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अकाउंट कौन चला रहा था और शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
लखनऊ में दर्ज इस FIR के बाद सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों का मामला चर्चा में है।