यूपी में मतदाता सूची से छूटे लोगों के नाम जोड़ने का विशेष अभियान, युवाओं और महिलाओं पर रहेगा फोकस
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची को अधिक सटीक और समावेशी बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत मतदाता सूची में शामिल होने से छूट गए पात्र नागरिकों के नाम जोड़े जाएंगे। खासतौर पर युवाओं और महिला मतदाताओं की पहचान कर उन्हें मतदाता सूची में शामिल करने पर जोर दिया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि 1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूचियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2027 (SIR) कराया जा रहा है। इस प्रक्रिया के दौरान प्रदेश के सभी पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने के प्रयास किए जाएंगे।
पंचायत और नगरीय निकायों की मतदाता सूची से होगा मिलान
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को जरूरी निर्देश जारी किए गए हैं। उनसे कहा गया है कि विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों का पंचायत और नगरीय निकायों की मतदाता सूचियों से मिलान कराया जाए।
इस प्रक्रिया से ऐसे पात्र नागरिकों की पहचान करने में मदद मिलेगी, जिनका नाम स्थानीय निकायों की मतदाता सूची में तो दर्ज है, लेकिन विधानसभा की मतदाता सूची में शामिल नहीं है। ऐसे लोगों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत विधानसभा मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए जागरूक किया जाएगा।
राशन की दुकानों से भी होगी छूटे मतदाताओं की पहचान
मतदाता सूची में छूटे पात्र नागरिकों की पहचान के लिए खाद्य एवं रसद विभाग की मदद भी ली जाएगी। इसके तहत राशन की दुकानों के माध्यम से भी ऐसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा, जिनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य उन पात्र नागरिकों की पहचान करना है, जो किसी कारण से मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं। संबंधित विभागों के सहयोग से ऐसे लोगों को नाम जुड़वाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाएगी।
महिला मतदाताओं की कम संख्या पर आयोग का ध्यान
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि वर्तमान मतदाता सूची में पुरुष मतदाताओं की तुलना में महिला मतदाताओं की संख्या कम है। इसे ध्यान में रखते हुए महिला मतदाताओं के नाम जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
अभियान के दौरान पात्र महिलाओं की पहचान कर उन्हें मतदाता सूची में शामिल कराने के प्रयास किए जाएंगे। निर्वाचन अधिकारियों को इस दिशा में विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
युवाओं को भी मतदाता सूची से जोड़ने की तैयारी
विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2027 के दौरान युवाओं को भी अभियान का प्रमुख हिस्सा बनाया जाएगा। जिन युवाओं की उम्र निर्धारित अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता बनने के योग्य होगी, उन्हें मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
निर्वाचन विभाग का प्रयास है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे। इसके लिए जिला स्तर पर अधिकारियों को अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने और विभिन्न विभागों के साथ समन्वय बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
मतदाता सूची को अधिक समावेशी बनाने की कोशिश
उत्तर प्रदेश में चलाया जाने वाला यह अभियान विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2027 का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। पंचायत और नगरीय निकायों की मतदाता सूचियों से मिलान, राशन दुकानों के माध्यम से पहचान और महिला व युवा मतदाताओं पर विशेष ध्यान देने जैसे कदमों से मतदाता सूची में छूटे पात्र नागरिकों को शामिल करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
निर्वाचन विभाग का लक्ष्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और समावेशी बनाना है, ताकि आगामी चुनावों में सभी पात्र नागरिक अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें।