अजीतमल में पटाखा दुकानों के नए सुरक्षा नियमों पर व्यापारियों का विरोध, 68 दुकानों के आवंटन से बढ़ी चिंता
औरैया: दीपावली के त्योहार को देखते हुए पटाखा दुकानों के संचालन को लेकर अग्निशमन एवं आपात सेवा मुख्यालय ने इस वर्ष सुरक्षा के कड़े नियम लागू किए हैं। नए दिशा-निर्देशों के बाद अजीतमल तहसील में पटाखा कारोबारियों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई है। व्यापारियों ने नियमों का विरोध जताते हुए आशंका व्यक्त की है कि इससे उनके कारोबार पर असर पड़ सकता है और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
अग्निशमन एवं आपात सेवा मुख्यालय की ओर से 21 अक्टूबर 2026 को जारी निर्देशों के अनुसार, एक क्लस्टर में अधिकतम 50 पटाखा दुकानों को ही लगाने की अनुमति दी जा सकती है। इसके अलावा प्रत्येक क्लस्टर में कम से कम दो फायर टेंडर, एक एंबुलेंस और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था अनिवार्य की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
नए सुरक्षा मानकों के तहत पटाखा दुकानों को भीड़भाड़ वाले इलाकों, आबादी, स्कूल-कॉलेज, रेलवे लाइन, बाजार और हाईटेंशन बिजली लाइनों से कम से कम 50 मीटर की दूरी पर स्थापित करना होगा। वहीं, दुकानों के बीच कम से कम तीन मीटर की दूरी रखना भी अनिवार्य किया गया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दुकानों में खुले बिजली के तार, नंगी लाइट और गैस या तेल से जलने वाले लैंप के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया है।
अजीतमल तहसील में 68 अस्थायी दुकानों का आवंटन
अजीतमल तहसील में इस वर्ष कुल 68 अस्थायी पटाखा दुकानों का आवंटन किया गया है। इनमें बल्लापुर में 2, अयाना में 4, बकरा मंडी बाबरपुर में 16, अटसू में 14, मुरादगंज में 16, भीखेपुर में 8 और जमुनादास अजीतमल में 8 दुकानें शामिल हैं। इसके अलावा एक थोक और चार स्थायी पटाखा दुकानें भी हैं।
नए नियमों से कारोबार प्रभावित होने की आशंका
सुरक्षा के नए नियम लागू होने के बाद बारूद व्यापारियों ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। व्यापारियों का कहना है कि जिन स्थानों पर इस वर्ष पटाखा दुकानें लगाने के लिए जगह चिह्नित की गई है, उन्हीं स्थानों पर दुकानें लगाने की अनुमति दी जानी चाहिए। उनका तर्क है कि अचानक स्थान बदलने या नए नियमों के कारण कारोबार प्रभावित हो सकता है। इससे दुकानदारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि सुरक्षा व्यवस्था का ध्यान रखते हुए उनकी व्यावहारिक समस्याओं को भी समझा जाए और पहले से निर्धारित स्थानों पर दुकानें लगाने की अनुमति दी जाए।
प्रशासन का पक्ष
इस मामले में उप जिलाधिकारी विनोद कुमार मीणा ने नए सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर अपना पक्ष रखा। वहीं, बारूद दुकानदारों ने भी अपनी समस्याएं और कारोबार पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को सामने रखा है।
दीपावली के दौरान पटाखा दुकानों पर बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होती है। ऐसे में प्रशासन के सामने सुरक्षा मानकों का पालन कराने के साथ-साथ व्यापारियों की समस्याओं का समाधान करने की चुनौती भी है। अब देखना होगा कि प्रशासन नए नियमों के तहत दुकानों की व्यवस्था किस तरह सुनिश्चित करता है।