दीया मिर्जा की दिवाली अपील पर सियासी घमासान, BJP नेता की आपत्ति के बाद BMC ने हटाया वीडियो
मुंबई: दिवाली पर पटाखे कम जलाने और वायु व ध्वनि प्रदूषण से बचने की अपील करना बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा के लिए विवाद की वजह बन गया है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के प्रदूषण मुक्त दिवाली अभियान में दीया मिर्जा ने लोगों से पर्यावरण का ध्यान रखते हुए त्योहार मनाने की अपील की थी। लेकिन मुंबई बीजेपी अध्यक्ष आमित साटम की आपत्ति के बाद BMC ने अभिनेत्री का वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट से हटा दिया। इस फैसले के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बहस तेज हो गई है।
इस पूरे मामले में अभिनेत्री लेखा वॉशिंगटन भी दीया मिर्जा के समर्थन में सामने आईं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर कहा कि दीया ने कुछ गलत नहीं कहा था। हालांकि, लेखा ने बाद में अपना वीडियो डिलीट कर दिया। उनके वीडियो में कही गई बात ‘हमने दीया को चुप करा दिया’ भी चर्चा का विषय बनी।
BMC के प्रदूषण जागरूकता अभियान का हिस्सा थीं दीया
दिवाली 2026 से पहले मुंबई में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए BMC ने लोगों से पर्यावरण के अनुकूल तरीके से त्योहार मनाने की अपील की थी। इस अभियान में दीया मिर्जा के अलावा अभिनेत्री माधुरी दीक्षित, निशिगंधा वाड और क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे जैसी हस्तियों को भी शामिल किया गया था।
दीया ने अपने वीडियो में मुंबई के लोगों से पटाखों का इस्तेमाल कम करने और ध्वनि प्रदूषण से बचने की अपील की थी। BMC ने अपने संदेश में बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए सार्वजनिक सड़कों, गलियों और फुटपाथों पर पटाखे फोड़ने पर रोक की बात भी कही थी।
आमित साटम की आपत्ति के बाद हटाया गया वीडियो
मुंबई बीजेपी अध्यक्ष आमित साटम ने दीया मिर्जा के अभियान में शामिल होने पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आपत्ति जताई। उन्होंने लिखा कि दिवाली कैसे मनाई जाए, इस पर दीया मिर्जा से सीख लेने की जरूरत नहीं है और भारतीय परंपराएं अपनी संस्कृति में गहराई से जुड़ी हुई हैं।
साटम की पोस्ट के कुछ घंटों बाद BMC ने दीया मिर्जा का वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट से हटा दिया। हालांकि, अभियान में शामिल माधुरी दीक्षित, निशिगंधा वाड और अजिंक्य रहाणे के वीडियो उपलब्ध रहे। BMC ने दीया का वीडियो हटाने के फैसले पर कोई स्पष्ट आधिकारिक वजह नहीं बताई।
दीया मिर्जा ने फैसले पर जताई प्रतिक्रिया
वीडियो हटाए जाने के बाद दीया मिर्जा ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह वीडियो जन-जागरूकता के उद्देश्य से बनाया गया था। उनका संदेश दिवाली के महत्व को कम करना नहीं, बल्कि त्योहार मनाते समय लोगों की सेहत और पर्यावरण का ध्यान रखने से जुड़ा था।
दीया ने कहा कि दिवाली अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान और निराशा पर आशा की जीत का प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि वायु प्रदूषण सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है और इसे कम करने के लिए किए जाने वाले प्रयासों का स्वागत किया जाना चाहिए।
लेखा वॉशिंगटन ने किया दीया मिर्जा का समर्थन
दीया मिर्जा के समर्थन में लेखा वॉशिंगटन ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि दीया ने कोई गलत बात नहीं कही थी। वह सिर्फ लोगों से दिवाली पर थोड़े कम पटाखे जलाने की अपील कर रही थीं, ताकि वायु और ध्वनि प्रदूषण को कम किया जा सके।
लेखा ने वीडियो में इस बात पर नाराजगी जताई कि पर्यावरण के लिए जागरूकता संदेश देने वाली दीया को विवाद का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि ‘हमने दीया को चुप करा दिया’। हालांकि, बाद में लेखा ने अपना वीडियो हटा दिया।
मुंबई की मेयर ने भी दीया पर साधा निशाना
इस विवाद के बीच मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े ने भी दीया मिर्जा को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने अभिनेत्री पर हिंदू विरोधी होने का आरोप लगाया और कहा कि उन्हें ब्लैकलिस्ट किया गया है। मेयर की इस टिप्पणी ने विवाद को और राजनीतिक रंग दे दिया।
वहीं, महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने भी दीया मिर्जा की अपील पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि अभिनेत्री दूसरे धार्मिक त्योहारों के दौरान प्रदूषण को लेकर ऐसी अपील क्यों नहीं करतीं। राणे ने इस मुद्दे को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने उठाने की बात भी कही।
विपक्ष ने BMC के फैसले पर उठाए सवाल
BMC द्वारा दीया मिर्जा का वीडियो हटाए जाने के फैसले की विपक्षी नेताओं ने आलोचना की। शिवसेना (UBT) की नेता और पूर्व मेयर किशोरी पेडणेकर ने सवाल उठाया कि क्या नगर निगम प्रशासन बीजेपी नेताओं के दबाव में काम कर रहा है।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के पार्षद यशवंत किलेदार ने भी इस फैसले पर निशाना साधा। वहीं, केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि यह किसी एक समुदाय का मामला नहीं है। हर धर्म के लोगों को अपने त्योहार मनाने का अधिकार है, लेकिन प्रदूषण को लेकर भी चिंता जरूरी है।
प्रदूषण बनाम परंपरा की बहस फिर तेज
दीया मिर्जा का यह मामला अब केवल एक अभिनेत्री के वीडियो तक सीमित नहीं रहा। इसके जरिए दिवाली पर पटाखे जलाने, धार्मिक परंपराओं और पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक बार फिर बहस शुरू हो गई है।
एक तरफ पर्यावरण संरक्षण के समर्थकों का कहना है कि त्योहार मनाते समय प्रदूषण और स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है। वहीं, दूसरे पक्ष का मानना है कि दिवाली की परंपराओं और धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
फिलहाल दीया मिर्जा का वीडियो हटाए जाने और उस पर नेताओं की प्रतिक्रियाओं ने मुंबई की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।