पाकिस्तान में LPG संकट: कराची में एक दिन में 50 रुपये बढ़े दाम, सरकारी दर से लगभग दोगुनी हुई गैस
नई दिल्ली: अमेरिका-ईरान के बीच जारी युद्ध और क्षेत्रीय तनाव के बीच पाकिस्तान में एलपीजी (LPG) गैस का संकट गहराता जा रहा है। इसका असर आम लोगों की रसोई से लेकर छोटे कारोबारियों तक पर पड़ रहा है। पाकिस्तान के कराची में एलपीजी की कीमत एक ही दिन में 50 पाकिस्तानी रुपये प्रति किलोग्राम बढ़कर 550 रुपये तक पहुंच गई है। यह कीमत सरकार की ओर से निर्धारित दर से लगभग दोगुनी है। गैस की बढ़ती कीमतों ने उन परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जो खाना पकाने के लिए एलपीजी पर निर्भर हैं।
कराची में एक दिन में 50 रुपये महंगी हुई LPG
पाकिस्तान के कराची में एलपीजी की कीमतों में अचानक उछाल देखने को मिला है। स्थानीय बाजार से मिली जानकारी के मुताबिक, गैस का खुदरा भाव बढ़कर 550 पाकिस्तानी रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। इस बढ़ोतरी के पीछे ईरान से होने वाली गैस आपूर्ति में रुकावट और बाजार में पैदा हुई कमी को प्रमुख वजह बताया जा रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, गैस की कमी का फायदा उठाकर कुछ आपूर्तिकर्ता और मार्केटिंग कंपनियां ऊंचे दामों पर गैस बेच रही हैं। इससे आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ उन दुकानदारों और कारोबारियों की परेशानी भी बढ़ गई है, जिनका कामकाज गैस पर निर्भर है। कीमतों में बढ़ोतरी के कारण कुछ विक्रेताओं की बिक्री में भी गिरावट दर्ज की गई है।
सरकारी दर और बाजार की कीमत में बड़ा अंतर
पाकिस्तान में तेल एवं गैस नियामक प्राधिकरण (OGRA) ने नवंबर 2026 के लिए एलपीजी की आधिकारिक कीमत बढ़ाकर 294.73 पाकिस्तानी रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित की है। इससे पहले अक्टूबर में यह दर 279.34 रुपये प्रति किलोग्राम थी।
नई दर 1 नवंबर 2026 से लागू हुई है। इसके साथ ही 11.8 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की आधिकारिक कीमत 3,470 पाकिस्तानी रुपये तय की गई है। हालांकि, कराची के बाजार में 550 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से गैस बिकने की खबरें सामने आई हैं। इस तरह बाजार की कीमत सरकारी दर से काफी अधिक है।
क्या है LPG की कीमतों में बढ़ोतरी का ईरान कनेक्शन?
पाकिस्तान में एलपीजी की कीमतों में तेजी के पीछे ईरान से होने वाली आपूर्ति में रुकावट को एक प्रमुख कारण बताया जा रहा है। पाकिस्तान अपनी जरूरत की बड़ी मात्रा में एलपीजी आयात करता है और ईरान से आने वाली गैस उसकी आपूर्ति व्यवस्था का अहम हिस्सा है।
अक्टूबर में पाकिस्तान और ईरान के बीच कुछ प्रमुख सीमा चौकियों पर आवाजाही और व्यापार प्रभावित होने के बाद एलपीजी की आपूर्ति में बाधा आई। इससे बाजार में गैस की उपलब्धता कम हुई और कीमतों पर दबाव बढ़ गया।
रिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्तान प्रतिदिन लगभग 7,000 मीट्रिक टन एलपीजी ईरान से आयात करता रहा है। सीमा पर रुकावट के कारण इस आपूर्ति पर असर पड़ा, जिससे देश के कई हिस्सों में गैस की कीमतें बढ़ गईं।
अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ा ऊर्जा संकट
अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष का असर क्षेत्रीय ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ रहा है। पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने संसद में बताया था कि ईरान के साथ सीमा पर व्यापार प्रभावित होने और कतर से होने वाली आपूर्ति में रुकावट के कारण एलपीजी की उपलब्धता पर दबाव बढ़ा है।
सरकार अब समुद्री रास्तों से गैस आयात बढ़ाने और आपूर्ति के वैकल्पिक स्रोत तलाशने की कोशिश कर रही है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों, परिवहन खर्च और आयात की लागत के कारण उपभोक्ताओं को तत्काल राहत मिलना आसान नहीं है।
आम लोगों की जेब पर बढ़ा बोझ
एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जिनके घरों में पाइपलाइन से प्राकृतिक गैस की सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे परिवार खाना पकाने के लिए सिलेंडर या खुले बाजार से मिलने वाली एलपीजी पर निर्भर रहते हैं।
गैस महंगी होने से घरेलू बजट बिगड़ रहा है। इसके अलावा होटल, रेस्तरां, तंदूर और बेकरी जैसे कारोबारों की लागत भी बढ़ सकती है। यदि गैस की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं, तो इसका असर खाद्य पदार्थों और दूसरी सेवाओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
सरकार के सामने कीमतें नियंत्रित करने की चुनौती
पाकिस्तान सरकार के सामने अब दो बड़ी चुनौतियां हैं। पहली, बाजार में एलपीजी की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करना और दूसरी, सरकारी दर से अधिक कीमत वसूलने वाले विक्रेताओं पर नियंत्रण रखना।
सरकार समुद्री रास्तों से आयात बढ़ाने के विकल्प पर काम कर रही है। लेकिन जब तक आपूर्ति सामान्य नहीं होती और बाजार में कीमतों की निगरानी प्रभावी नहीं बनती, तब तक उपभोक्ताओं को राहत मिलने में मुश्किल आ सकती है।
सर्दियों की शुरुआत के साथ गैस की मांग बढ़ने की आशंका भी है। ऐसे में यदि आयात और वितरण व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो पाकिस्तान में एलपीजी संकट और गहरा सकता है।
निष्कर्ष: अमेरिका-ईरान संघर्ष और ईरान से गैस आपूर्ति में आई रुकावट के बीच पाकिस्तान में एलपीजी की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। कराची में गैस का भाव 550 पाकिस्तानी रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंचने से आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि पाकिस्तान सरकार आपूर्ति बढ़ाकर और बाजार पर नियंत्रण मजबूत करके उपभोक्ताओं को कब तक राहत दे पाती है।