दिग्विजय सिंह का राम मंदिर चंदे और जमीन को लेकर बड़ा आरोप, EVM पर बोले- हार गए तो हार गए
राजगढ़: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने शनिवार को राजगढ़ में अपनी ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ के दौरान राम मंदिर के चंदे और ट्रस्ट की जमीन से जुड़े मामलों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने मंदिर निर्माण के लिए मिले चंदे और जमीन की खरीद-बिक्री में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए। इस दौरान उन्होंने EVM और बैलेट पेपर से चुनाव कराने के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी।
मां जालपा देवी के दर्शन कर नेवज नदी की पूजा की
जिला मुख्यालय पर रात्रि विश्राम के बाद दिग्विजय सिंह ने मां जालपा देवी के दर्शन किए और नेवज नदी की पूजा-अर्चना की। इसके बाद वे कालीपीठ मार्ग स्थित दंड जोड़ आश्रम पहुंचे। इस दौरान उनकी पत्नी अमृता सिंह और कांग्रेस के कई स्थानीय नेता भी मौजूद रहे।
दिग्विजय सिंह की यह यात्रा धार्मिक और सामाजिक मुद्दों के साथ-साथ राजनीतिक बयानबाजी को लेकर भी चर्चा में रही।
राम मंदिर के चंदे और ट्रस्ट की जमीन पर लगाए आरोप
यात्रा के दौरान दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर के लिए जुटाए गए चंदे और ट्रस्ट की जमीन से जुड़े मामलों में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि मंदिर के आसपास जमीनों की खरीद-बिक्री में गड़बड़ी हुई है।
एक मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि दो करोड़ रुपये में खरीदी गई जमीन अगले ही दिन ट्रस्ट को 18 करोड़ रुपये में बेच दी गई। उन्होंने इस लेन-देन पर सवाल उठाते हुए मामले की पारदर्शिता को लेकर चिंता जताई।
ये आरोप दिग्विजय सिंह की ओर से लगाए गए हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
EVM पर बोले- हार गए तो हार गए
EVM के विरोध और बैलेट पेपर से हुए चुनाव में कांग्रेस की हार को लेकर पूछे गए सवाल पर दिग्विजय सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “हार गए तो हार गए।”
उनके इस बयान को EVM और चुनाव प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस के भीतर चल रही बहस के संदर्भ में देखा जा रहा है। दिग्विजय सिंह पहले भी चुनाव में EVM के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।
बोले- बीजेपी में मुझसे बड़ा सनातनी बताओ
बीजेपी नेताओं की ओर से उनके मुख्यमंत्री रहने के दौरान भगवान राम की याद नहीं आने से जुड़े सवाल पर भी दिग्विजय सिंह ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि बीजेपी में उनसे बड़ा सनातनी बताकर दिखाया जाए।
इस बयान के जरिए उन्होंने अपनी धार्मिक आस्था और सनातन परंपरा के प्रति जुड़ाव को सामने रखा। उनकी यात्रा के दौरान धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना भी इसी क्रम का हिस्सा रही।
आजम खान और विश्वविद्यालय का भी किया जिक्र
दिग्विजय सिंह ने समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने विश्वविद्यालय शुरू किया और अपनी संपत्ति उसमें लगा दी। उन्होंने यह भी कहा कि यूपीए सरकार के दौरान विश्वविद्यालय को मंजूरी दिलाने में उन्होंने अपनी भूमिका निभाई थी।
इस तरह राजगढ़ में दिग्विजय सिंह की यात्रा के दौरान राम मंदिर ट्रस्ट, EVM, सनातन धर्म और आजम खान से जुड़े मुद्दे चर्चा में रहे। उनके बयानों से मध्य प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ने की संभावना है।